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Etah News: श्रीमद्भागवत कथा में दिया धर्म और धैर्य का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:08 AM IST
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अलीगंज में श्रीमद भागवत के दौरान हवन करते लोग। संवाद
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अलीगंज। कस्बे में 68वें मां भगवती जागरण के तहत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य श्रीकांत महाराज ने भक्तों को धर्म, धैर्य और विश्वास का संदेश दिया। उन्होंने कहा किसी पर संशय करना अच्छी बात नहीं, जब तक भरोसा नहीं करोगे तब तक लोग भी आप पर विश्वास नहीं करेंगे इसलिए विश्वास करना सीखो।
कथा सुनाते हुए श्रीकांत महाराज ने भगवान ऋषभदेव की कथा सुनाते हुए बताया कि उन्होंने मानव जीवन को आदर्श बनाने के लिए त्याग, संयम और तपस्या का मार्ग का अनुसरण किया। उन्होंने कहा ऋषभदेव के जीवन से हमें सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए क्योंकि यही सच्चा धर्म है। भक्त प्रह्लाद का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य ने कहा विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास रखने वाला ही सच्चा भक्त होता है। वामन भगवान की कथा का वर्णन करते हुए आचार्य ने बताया भगवान ने वामन का अवतार लेकर राजा बलि के अहंकार का हरण किया और धर्म की स्थापना की। कथा में पूर्व प्रधान राजेश गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, रजनेश गुप्ता, राकेश गुप्ता एडवोकेट, ऋतु गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
न मानने पर पाप की श्रेणी में आती है गलती
मिरहची। प्राचीन वनखंडेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा व्यास स्वामी जयप्रकाशानंद ने कहा मनुष्य से गलती होना खास नहीं है, लेकिन गलती का अहसास होने पर उसमें सुधार न करना और प्रायश्चित न करना पाप की श्रेणी में आता है। उन्होंने महाभारत के पांडव के जीवन में होने वाली भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का वर्णन किया। कथा में मुख्य यजमान कालीचरन साहू, यज्ञपति तेजसिंह-रानी, खिलाड़ीराम साहू, संतोष सर्राफ, सभासद विकास माथुर, संकेत कुमार, अंकित दीक्षित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
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न मानने पर पाप की श्रेणी में आती है गलती
मिरहची। प्राचीन वनखंडेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा व्यास स्वामी जयप्रकाशानंद ने कहा मनुष्य से गलती होना खास नहीं है, लेकिन गलती का अहसास होने पर उसमें सुधार न करना और प्रायश्चित न करना पाप की श्रेणी में आता है। उन्होंने महाभारत के पांडव के जीवन में होने वाली भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का वर्णन किया। कथा में मुख्य यजमान कालीचरन साहू, यज्ञपति तेजसिंह-रानी, खिलाड़ीराम साहू, संतोष सर्राफ, सभासद विकास माथुर, संकेत कुमार, अंकित दीक्षित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद

अलीगंज में श्रीमद भागवत के दौरान हवन करते लोग। संवाद