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Etah News: गैस की किल्लत बरकरार, प्रभावित हो रहा कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:21 PM IST
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कस्बा जैथरा में गैस की किल्लत से परेशान दुकानदार ने बनाई भट्ठी। संवाद
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एटा। पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के बाद घरेलू और कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट रही है। देहात क्षेत्र में गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है। गैस सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी का अंतराल बढ़ाने के बाद भी हालात नहीं पा रहे हैं। जैसे ही सिलिंडरों की गाड़ी आती है, एजेंसी पर मारामार मचने लगती है। केवाईसी में देरी के कारण एजेंसियों पर लाइन लग रही है। कई घरों में चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। वहीं कमर्शियल गैस सिलिंडर न मिलने से कारोबार पर असर पड़ रहा है।
कमर्शियल सिलिंडरों की बुकिंग गत 20 दिनों से बंद है। इसका सीधा असर जिले के होटल, रेस्तरां, ढाबा संचालकों तथा ठेला लगाकर रोटी, नाश्ता बेचने वाले लोगों पर पड़ा है। रोजमर्रा के व्यवसाय से जुड़े लोगों को बेहद नुकसान हो रहा है। वह कोयले और लकड़ी की भट्ठियों लगाकर काम कर रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक विशाल गोयल की मानें तो कमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत लगातार बनी हुई है। इससे कारोबार पर असर पड़ा है। ढाबा, चाय की दुकान, नाश्ता और खानपान की धकेलों पर कोयले की भट्ठियों को लगाया है।
उधर, बुधवार काे भी अवागढ़, मारहरा, अलीगंज क्षेत्र में एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतार लगी। सिलिंडर देने से पहले केवाईसी कराई गई। इसको लेकर एजेंसी के कार्यालय में भीड़ उमड़ी। एजेंसी संचालकों ने बताया कि कंपनी की ओर से जारी नए निर्देशों के तहत सिलिंडर की डिलीवरी तभी संभव है जब उपभोक्ता की केवाईसी अपडेट हो। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व उपभोक्ता संख्या की अनिवार्य जांच की जा रही है। कई उपभोक्ताओं के केवाईसी दस्तावेज़ अधूरे होने के कारण एजेंसी से निराश होकर लौट गए।
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चिकोरी फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित
एटा का चिकोरी कारोबार भी प्रभावित है। कामर्शियल सिलिंडर न मिलने से यह परेशानी हुई है। चिकोरी एटा जनपद का प्रमुख उद्योग है। यहां से चकोरी प्रसोसिंग के बाद देश ही नहीं विदेशों में भेजी जाती है। चिकोरी से काॅफी के लिए बिलेंड बनाए जाती है। युद्ध का सीधा असर यहां के चिकोरी कारोबार पर पड़ा है। कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से लकड़ी से भटि्ठयों पर चिकोरी की प्रसोसिंग की जा रही है।
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दुकानों पर घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल
अवागढ़। अवागढ़ ब्लाक के गांवों उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां एक ओर घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही, वहीं दूसरी ओर मिठाई की दुकानों, नाश्ता केंद्रों और होटलों पर घरेलू गैस के सिलिंडरों से इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सिलिंडर के कालाबाजारी का आरोप लगाया है।
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जैथरा में चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर महिलाएं
जैथरा। कस्बे में गैस सिलिंडर की किल्लत लगातार बनी हुई है। इसकी बजह से लोग वैकल्पिक इंतजाम कर रही हैं। कस्बा निवासी एक बुजर्ग महिला ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में सिलाई का कार्य करता है। बहू मेरी देखभाल करती है। एक सप्ताह से गैस सिलेंडर घर में नहीं है। इस लिए खुद बागों से सूखी लकड़ी तोड़ करला रही हूं। खुद ही खाना बनाना पड़ता है। बहू ने चूल्हा पर खाना बनाना नहीं आता।
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कमर्शियल सिलिंडरों की बुकिंग गत 20 दिनों से बंद है। इसका सीधा असर जिले के होटल, रेस्तरां, ढाबा संचालकों तथा ठेला लगाकर रोटी, नाश्ता बेचने वाले लोगों पर पड़ा है। रोजमर्रा के व्यवसाय से जुड़े लोगों को बेहद नुकसान हो रहा है। वह कोयले और लकड़ी की भट्ठियों लगाकर काम कर रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक विशाल गोयल की मानें तो कमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत लगातार बनी हुई है। इससे कारोबार पर असर पड़ा है। ढाबा, चाय की दुकान, नाश्ता और खानपान की धकेलों पर कोयले की भट्ठियों को लगाया है।
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उधर, बुधवार काे भी अवागढ़, मारहरा, अलीगंज क्षेत्र में एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतार लगी। सिलिंडर देने से पहले केवाईसी कराई गई। इसको लेकर एजेंसी के कार्यालय में भीड़ उमड़ी। एजेंसी संचालकों ने बताया कि कंपनी की ओर से जारी नए निर्देशों के तहत सिलिंडर की डिलीवरी तभी संभव है जब उपभोक्ता की केवाईसी अपडेट हो। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर व उपभोक्ता संख्या की अनिवार्य जांच की जा रही है। कई उपभोक्ताओं के केवाईसी दस्तावेज़ अधूरे होने के कारण एजेंसी से निराश होकर लौट गए।
चिकोरी फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित
एटा का चिकोरी कारोबार भी प्रभावित है। कामर्शियल सिलिंडर न मिलने से यह परेशानी हुई है। चिकोरी एटा जनपद का प्रमुख उद्योग है। यहां से चकोरी प्रसोसिंग के बाद देश ही नहीं विदेशों में भेजी जाती है। चिकोरी से काॅफी के लिए बिलेंड बनाए जाती है। युद्ध का सीधा असर यहां के चिकोरी कारोबार पर पड़ा है। कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से लकड़ी से भटि्ठयों पर चिकोरी की प्रसोसिंग की जा रही है।
दुकानों पर घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल
अवागढ़। अवागढ़ ब्लाक के गांवों उपभोक्ता गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां एक ओर घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही, वहीं दूसरी ओर मिठाई की दुकानों, नाश्ता केंद्रों और होटलों पर घरेलू गैस के सिलिंडरों से इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सिलिंडर के कालाबाजारी का आरोप लगाया है।
जैथरा में चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर महिलाएं
जैथरा। कस्बे में गैस सिलिंडर की किल्लत लगातार बनी हुई है। इसकी बजह से लोग वैकल्पिक इंतजाम कर रही हैं। कस्बा निवासी एक बुजर्ग महिला ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में सिलाई का कार्य करता है। बहू मेरी देखभाल करती है। एक सप्ताह से गैस सिलेंडर घर में नहीं है। इस लिए खुद बागों से सूखी लकड़ी तोड़ करला रही हूं। खुद ही खाना बनाना पड़ता है। बहू ने चूल्हा पर खाना बनाना नहीं आता।

कस्बा जैथरा में गैस की किल्लत से परेशान दुकानदार ने बनाई भट्ठी। संवाद

कस्बा जैथरा में गैस की किल्लत से परेशान दुकानदार ने बनाई भट्ठी। संवाद

कस्बा जैथरा में गैस की किल्लत से परेशान दुकानदार ने बनाई भट्ठी। संवाद