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Etah News: चिंताजनकः 10 साल के बच्चों को हो रही शुगर
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 11 Mar 2026 12:13 AM IST
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एटा। बदलते खान-पान की वजह से अब बच्चों को भी गंभीर बीमारियां बचपन में ही घेर रही हैं। बाहरी गतिविधि नहीं होने की वजह से उन्हें शुगर की दिक्कतें हो रही है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में 11 साल के बच्चों को शुगर का उपचार दिया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में जैथरा क्षेत्र के गड़िया हीराय निवासी धर्मेंद्र की 11 वर्षीय पुत्री को पिछले 4 माह से शुगर की दिक्कत है। उन्होंने पहले जैथरा कस्बा में ही एक निजी क्लीनिक पर उपचार कराया लेकिन आराम नहीं मिलने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में उपचार कराने के लिए ले गए।
मेडिकल काॅलेज में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवम यादव ने बताया कि पिछले कुछ सालों में 13–19 वर्ष के किशोर में शुगर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। पहले यह बीमारी अधिकतर वयस्कों में पाई जाती थी लेकिन अब बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतें और आनुवंशिक कारणों से किशोर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बच्चों और किशोरों में मोबाइल, कम्प्यूटर और टीवी का उपयोग बढ़ गया है।
इससे उनकी शारीरिक गतिविधि कम हो रही है। खेल-कूद और व्यायाम की कमी से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है जिससे शुगर का खतरा बढ़ जाता है। वहीं जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ, अधिक प्रोसेस्ड फूड और कम फल-सब्जियां खाने से शरीर में शुगर नियंत्रण बिगड़ सकता है और शुगर का जोखिम बढ़ जाता है।
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मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में जैथरा क्षेत्र के गड़िया हीराय निवासी धर्मेंद्र की 11 वर्षीय पुत्री को पिछले 4 माह से शुगर की दिक्कत है। उन्होंने पहले जैथरा कस्बा में ही एक निजी क्लीनिक पर उपचार कराया लेकिन आराम नहीं मिलने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में उपचार कराने के लिए ले गए।
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मेडिकल काॅलेज में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवम यादव ने बताया कि पिछले कुछ सालों में 13–19 वर्ष के किशोर में शुगर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। पहले यह बीमारी अधिकतर वयस्कों में पाई जाती थी लेकिन अब बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतें और आनुवंशिक कारणों से किशोर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। बच्चों और किशोरों में मोबाइल, कम्प्यूटर और टीवी का उपयोग बढ़ गया है।
इससे उनकी शारीरिक गतिविधि कम हो रही है। खेल-कूद और व्यायाम की कमी से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है जिससे शुगर का खतरा बढ़ जाता है। वहीं जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ, अधिक प्रोसेस्ड फूड और कम फल-सब्जियां खाने से शरीर में शुगर नियंत्रण बिगड़ सकता है और शुगर का जोखिम बढ़ जाता है।