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Etawah News: जानलेवा हमले में 11 को आजीवन कारावास
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इटावा। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट ने 10 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में 11 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 16-16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट को जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को तीन साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
थाना वैदपुरा निवासी अनुज कुमार ने बताया कि 27 मार्च, 2016 को उनके गांव में गरीब किसानों को सरकारी पट्टे दिए गए थे। तहसीलदार व लेखपाल ने पट्टे मिले किसानों के नाम पढ़कर सुनाए थे। इसके बाद सभी को खेत पर ले जाकर उनकी खेती दिखाई गई थी। इस दौरान प्रशासन को जानकारी मिली कि गांव के रामशंकर अपने साथियों के साथ झगड़ा करने के उद्देश्य से खेत पर आ रहा है। इस पर तहसीलदार ने अनुज कुमार के भाई रामकिशोर, अनिल व चाचा सत्यदेव से घर जाने के लिए कह दिया था। इस पर अनुज के परिजन घर जा रहे थे। रास्ते में गांव के ही रामशंकर, सुरेंद्र, रामदास, श्याम प्रताप, रिंकू, दिनेश, सुनील, नितेश, विकास, दशरथ व ताराचंद्र आदि ने लाठी-डंडा व कुल्हाड़ी से रामकिशोर, अनिल व सत्यदेव पर हमला बोल दिया था। इसमें रामकिशोर के सिर व आंख में गंभीर चोटें आई थीं। इसके अलावा भाई अनिल व चाचा सत्यदेव भी घायल हो गए थे। परिजनों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अनुज ने सभी 11 आरोपियों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट चतुर्थ के न्यायाधीश संजय कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी दोषियों को उम्रकैद की सुनाई थी। सजा पाए 11 आरोपियों में विकास, दशरथ, ताराचंद्र तीनों भाई हैं। सुरेंद्र व तीन पुत्र रामदास, श्याम प्रताप व रिंकू बाबू के अलावा रामशंकर व उसके पुत्र दिनेश, सुनील, नितेश कुमार को सजा हुई है।
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थाना वैदपुरा निवासी अनुज कुमार ने बताया कि 27 मार्च, 2016 को उनके गांव में गरीब किसानों को सरकारी पट्टे दिए गए थे। तहसीलदार व लेखपाल ने पट्टे मिले किसानों के नाम पढ़कर सुनाए थे। इसके बाद सभी को खेत पर ले जाकर उनकी खेती दिखाई गई थी। इस दौरान प्रशासन को जानकारी मिली कि गांव के रामशंकर अपने साथियों के साथ झगड़ा करने के उद्देश्य से खेत पर आ रहा है। इस पर तहसीलदार ने अनुज कुमार के भाई रामकिशोर, अनिल व चाचा सत्यदेव से घर जाने के लिए कह दिया था। इस पर अनुज के परिजन घर जा रहे थे। रास्ते में गांव के ही रामशंकर, सुरेंद्र, रामदास, श्याम प्रताप, रिंकू, दिनेश, सुनील, नितेश, विकास, दशरथ व ताराचंद्र आदि ने लाठी-डंडा व कुल्हाड़ी से रामकिशोर, अनिल व सत्यदेव पर हमला बोल दिया था। इसमें रामकिशोर के सिर व आंख में गंभीर चोटें आई थीं। इसके अलावा भाई अनिल व चाचा सत्यदेव भी घायल हो गए थे। परिजनों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अनुज ने सभी 11 आरोपियों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट चतुर्थ के न्यायाधीश संजय कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी दोषियों को उम्रकैद की सुनाई थी। सजा पाए 11 आरोपियों में विकास, दशरथ, ताराचंद्र तीनों भाई हैं। सुरेंद्र व तीन पुत्र रामदास, श्याम प्रताप व रिंकू बाबू के अलावा रामशंकर व उसके पुत्र दिनेश, सुनील, नितेश कुमार को सजा हुई है।
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