{"_id":"6a2c5804032c7ec01106ac37","slug":"a-little-rain-exposes-the-flaws-in-the-patchwork-leaving-roads-in-potholes-etawah-news-c-216-1-etw1004-144295-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: मामूली बारिश में खुली पैचवर्क की पोल, सड़कें गड्ढों में गुम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: मामूली बारिश में खुली पैचवर्क की पोल, सड़कें गड्ढों में गुम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
:शहर में पक्का बाग में कार एजेंसी के सामने उखड़ा पैचवर्क। संवाद
फोटो 19::चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर पेंचवर्क उखड़ने से हुए गड्ढे। संवाद
फोटो 20:: बारिश के बाद जर्जर हुआ उदी क्षेत्र का सती माता मंदिर मार्ग। संवाद
हल्की बारिश में बह गया करोड़ों का विकास, डामर की किल्लत से अधूरी रह गई आस
3.41 करोड़ के पैचवर्क की खुली पोल, कहीं गड्ढों में बदली सड़क तो कहीं उखड़ी गिट्टी
तीन महीने में उखड़ी परतें, डामर की कमी से कई मार्गों पर अब तक नहीं हो सका काम
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिले में सड़कों की मरम्मत पर खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये पहली ही बारिश में उखड़ गई है। फरवरी और मार्च में जिन सड़कों पर पैचवर्क कराया गया था, उनकी परतें तीन महीने के भीतर ही उखड़ने लगी हैं। हल्की बारिश के बाद जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं, जबकि कई मार्गों पर डामर की किल्लत के कारण मरम्मत कार्य अब तक पूरा ही नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को बदहाल सड़कों पर हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्ष की शुरुआत में जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों की 21 सड़कों के मरम्मतीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसके लिए 3.41 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की गई थी। इसमें निर्माण खंड एक और तीन के अंतर्गत सदर विधानसभा क्षेत्र की 15 व प्रांतीय खंड के तहत जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र की छह सड़कें शामिल थीं।
स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने फरवरी से मार्च के बीच पैचवर्क शुरू कराया लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार डामर की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण कई सड़कों पर कार्य अधूरा रह गया। विभाग का दावा है कि वर्तमान में भी डामर की आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। ऐसे में बरसात से पहले सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त कर पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, जिन मार्गों पर मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है, वहां पहली ही बारिश ने गुणवत्ता की पोल खोल दी है।
विज्ञापन
फोटो 18::शहर में पक्का बाग में कार एजेंसी के सामने उखड़ा पेंचवर्क। संवाद
बारिश के बाद उखड़ गई पक्का बाग की सड़क
इटावा। लोक निर्माण विभाग की ओर से शहर से सुंदरपुर को जाने वाली सड़क की मरम्मत करवाई गई थी। इस सड़क से 10 से अधिक मोहल्लों के लोगों की आवाजाही रहती है। सबसे ज्यादा दुर्दशा सुंदरपुर बिजलीघर के पास एक सीमेंट एजेंसी के सामने सड़क की फिर से पूरी तरह उखड़ गई है। इसके साथ ही शहर के पक्का बाग स्थित एक कार एजेंसी के सामने भी सड़क की मरम्मत करवाई गई थी लेकिन बीते दिनों हुई बारिश से सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। स्थिति यह है कि जरा सी लापरवाही में ही ई-रिक्शा और बाइक सवार चालकों के गिरने की संभावना बन जाती है। (संवाद)
फोटो 19::चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर पेंचवर्क उखड़ने से हुए गड्ढे। संवाद
चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर उखड़ने लगी परत
चकरनगर। क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण तीन किलोमीटर लंबा चंद्रहंसपुरा-पांडरी मुख्य मार्ग भी पहली बारिश नहीं झेल सका। पीडब्ल्यूडी की ओर से कराया गया पैचवर्क जगह-जगह से उखड़ने लगा है और सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन वाले इस मार्ग पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण पप्पू दौहरे, शिवनारायण, रामसिंह और हरी सिंह ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल मरम्मत कराने और कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात में हालात और खराब हो जाएंगे। (संवाद)
फोटो 20:: बारिश के बाद जर्जर हुआ उदी क्षेत्र का सती माता मंदिर मार्ग। संवाद
सती माता मंदिर मार्ग की भी खुली पोल
उदी। उदी-चकरनगर मुख्य मार्ग से लगभग एक किलोमीटर अंदर स्थित माता सती मंदिर को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। निर्माण के बाद से एक वर्ष भी पूरी नहीं कर सकी लेकिन पहली बरसात में ही गिट्टी उखड़ गई और जलभराव की स्थिति बन गई। यह मार्ग हवेली, भटपुरा, दवाह और बघियापुरा गांवों को जोड़ने के साथ-साथ माता सती मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। स्थानीय अजय तिवारी ने बताया कि कई बार बाइक फिसल चुकी है। पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे बॉबी ने कहा कि वह रोजाना इसी मार्ग से दौड़ और अभ्यास के लिए जाते हैं, लेकिन सड़क पर फैली गिट्टी के कारण हर समय फिसलने और हादसे का डर बना रहता है।(संवाद)
वर्जन
डामर की किल्लत की वजह से कई सड़कों का मरम्मत का काम नहीं हो पाया। इसके साथ ही कई सड़कें निर्माणाधीन हैं। डामर के लिए ऑर्डर लगे हैं लेकिन आपूर्ति न होने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रयास यही है कि आपूर्ति होते ही बरसात से पहले मुख्य सड़कों की मरम्मत व निर्माण कार्य करा लिया जाए।-राकेश भूषण, नोडल व एक्सईएन प्रांतीय खंड
विज्ञापन
फोटो 19::चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर पेंचवर्क उखड़ने से हुए गड्ढे। संवाद
फोटो 20:: बारिश के बाद जर्जर हुआ उदी क्षेत्र का सती माता मंदिर मार्ग। संवाद
हल्की बारिश में बह गया करोड़ों का विकास, डामर की किल्लत से अधूरी रह गई आस
3.41 करोड़ के पैचवर्क की खुली पोल, कहीं गड्ढों में बदली सड़क तो कहीं उखड़ी गिट्टी
तीन महीने में उखड़ी परतें, डामर की कमी से कई मार्गों पर अब तक नहीं हो सका काम
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिले में सड़कों की मरम्मत पर खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये पहली ही बारिश में उखड़ गई है। फरवरी और मार्च में जिन सड़कों पर पैचवर्क कराया गया था, उनकी परतें तीन महीने के भीतर ही उखड़ने लगी हैं। हल्की बारिश के बाद जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं, जबकि कई मार्गों पर डामर की किल्लत के कारण मरम्मत कार्य अब तक पूरा ही नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को बदहाल सड़कों पर हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्ष की शुरुआत में जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों की 21 सड़कों के मरम्मतीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसके लिए 3.41 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की गई थी। इसमें निर्माण खंड एक और तीन के अंतर्गत सदर विधानसभा क्षेत्र की 15 व प्रांतीय खंड के तहत जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र की छह सड़कें शामिल थीं।
विज्ञापन
स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने फरवरी से मार्च के बीच पैचवर्क शुरू कराया लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार डामर की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण कई सड़कों पर कार्य अधूरा रह गया। विभाग का दावा है कि वर्तमान में भी डामर की आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। ऐसे में बरसात से पहले सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त कर पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, जिन मार्गों पर मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है, वहां पहली ही बारिश ने गुणवत्ता की पोल खोल दी है।
विज्ञापन
फोटो 18::शहर में पक्का बाग में कार एजेंसी के सामने उखड़ा पेंचवर्क। संवाद
बारिश के बाद उखड़ गई पक्का बाग की सड़क
इटावा। लोक निर्माण विभाग की ओर से शहर से सुंदरपुर को जाने वाली सड़क की मरम्मत करवाई गई थी। इस सड़क से 10 से अधिक मोहल्लों के लोगों की आवाजाही रहती है। सबसे ज्यादा दुर्दशा सुंदरपुर बिजलीघर के पास एक सीमेंट एजेंसी के सामने सड़क की फिर से पूरी तरह उखड़ गई है। इसके साथ ही शहर के पक्का बाग स्थित एक कार एजेंसी के सामने भी सड़क की मरम्मत करवाई गई थी लेकिन बीते दिनों हुई बारिश से सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। स्थिति यह है कि जरा सी लापरवाही में ही ई-रिक्शा और बाइक सवार चालकों के गिरने की संभावना बन जाती है। (संवाद)
फोटो 19::चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर पेंचवर्क उखड़ने से हुए गड्ढे। संवाद
चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग पर उखड़ने लगी परत
चकरनगर। क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण तीन किलोमीटर लंबा चंद्रहंसपुरा-पांडरी मुख्य मार्ग भी पहली बारिश नहीं झेल सका। पीडब्ल्यूडी की ओर से कराया गया पैचवर्क जगह-जगह से उखड़ने लगा है और सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन वाले इस मार्ग पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण पप्पू दौहरे, शिवनारायण, रामसिंह और हरी सिंह ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल मरम्मत कराने और कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात में हालात और खराब हो जाएंगे। (संवाद)
फोटो 20:: बारिश के बाद जर्जर हुआ उदी क्षेत्र का सती माता मंदिर मार्ग। संवाद
सती माता मंदिर मार्ग की भी खुली पोल
उदी। उदी-चकरनगर मुख्य मार्ग से लगभग एक किलोमीटर अंदर स्थित माता सती मंदिर को जोड़ने वाली सड़क की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। निर्माण के बाद से एक वर्ष भी पूरी नहीं कर सकी लेकिन पहली बरसात में ही गिट्टी उखड़ गई और जलभराव की स्थिति बन गई। यह मार्ग हवेली, भटपुरा, दवाह और बघियापुरा गांवों को जोड़ने के साथ-साथ माता सती मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। स्थानीय अजय तिवारी ने बताया कि कई बार बाइक फिसल चुकी है। पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे बॉबी ने कहा कि वह रोजाना इसी मार्ग से दौड़ और अभ्यास के लिए जाते हैं, लेकिन सड़क पर फैली गिट्टी के कारण हर समय फिसलने और हादसे का डर बना रहता है।(संवाद)
वर्जन
डामर की किल्लत की वजह से कई सड़कों का मरम्मत का काम नहीं हो पाया। इसके साथ ही कई सड़कें निर्माणाधीन हैं। डामर के लिए ऑर्डर लगे हैं लेकिन आपूर्ति न होने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। प्रयास यही है कि आपूर्ति होते ही बरसात से पहले मुख्य सड़कों की मरम्मत व निर्माण कार्य करा लिया जाए।-राकेश भूषण, नोडल व एक्सईएन प्रांतीय खंड