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Etawah News: अंदावा-नौगावा के बीच यमुना पर बनेगा स्थायी पुल, प्रस्ताव तैयार
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14::::अंदावा-नौगांवा के बीच बने पैंटून पुल से निकलता बाइक सवार। आर्काइव
484 मीटर लंबे पुल को बनाने में आएगी 94 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत
अभी तक हर साल बनाया जाता है पैंटून पुल, 100 गांवों की डेढ़ लाख आबादी को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। चकरनगर में यमुना नदी पर अंदावा-नौगांवा घाट के बीच जल्द पक्का पुल बनाया जाएगा। प्रशासन ने पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सेतु निगम से तैयार प्रस्ताव में यहां पर 484 मीटर लंबे स्था.ी पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण में लगभग 94 करोड़ 36 लाख रुपये का खर्च आएगा।
कार्ययोजना में पुल के साथ यहां पर संपर्क मार्ग व अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है। प्रस्ताव जल्द जिलाधिकारी स्तर से शासन को भेजा जाएगा। शासन से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पुल निर्माण से चकरनगर और महेवा ब्लॉक के 100 से अधिक गांवों की लगभग डेढ़ लाख की आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
चकरनगर क्षेत्र के नौगांवा और अंदावा गांव के बीच यमुना नदी पर पक्के पुल के निर्माण का मुद्दा सांसद जितेंद्र दोहरे ने उठाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। सांसद ने प्रति वर्ष बनाए जाने वाले पैंटून पुल पर होने वाले खर्च और इसके बाद भी अस्थायी पुल से होने वाली दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए पुल निर्माण की मांग की थी।
क्षेत्र के लोग भी नौगांवा-अंदावा घाट पर 2006 से पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। अभी पीडब्ल्यूडी हर साल पैंटून पुल बनवाने में 10 लाख रुपये खर्च करता है। वहीं सेंचुरी विभाग से अनुमति समय पर न मिलने के कारण पुल अक्सर दिसंबर या जनवरी में चालू हो पाता है जिससे बरसात के मौसम के बाद के इस समय में लोगों को आने जाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पैंटून पुल से सफर हमेशा जोखिम भरा रहता है। बड़े वाहनों जैसे ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और चार पहिया वाहनों के आवागमन पर रोक रहती है। वहीं हर साल 15 जून के बाद यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने पर पुल हटा दिया जाता है, जिससे 100 से अधिक गांवों के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
महेवा ब्लॉक के अंदावा की मड़ैया, यादवान की मड़ैया, पुरा मल्लाहन, विनायकपुर, लालपुर, पुरावली, रतनपुर, मेहंदीपुर, लाखी और गंगदासपुर सहित कई गांवों के लोगों को चकरनगर तहसील पहुंचने के लिए बकेवर-लखना होकर 30 से 35 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। जबकि पुल बनने पर यह दूरी घटकर मात्र नौ से दस किलोमीटर रह जाएगी।
इसी प्रकार चकरनगर ब्लॉक के नौगांवा, गौहानी, खीरीठी, ककरैया, पालीघार, कायछी, भरेह और हरौली समेत कई गांवों के लोगों को औरैया व अजीतमल जाने के लिए करीब 50 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्का पुल बनने से शिक्षा, व्यापार और कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास होगा।
अस्थायी पुल पर रहता है हादसे का खतरा
यमुना नदी पर प्रतिवर्ष बनने वाले पैंटून पुल पर हमेशा ही दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में आने जाने वाले दो पहिया वाहन सवार जान हथेली पर रखकर पुल को पार करते हैं। बीते नौ मार्च को नौगांवा निवासी नसीम खान का 17 वर्षीय पुत्र समीम अपने एक रिश्तेदार को महेवा छोड़कर बाइक से घर लौट रहा था। जब वह पैंटून पुल पार कर रहा था तभी अचानक बाइक फिसल गई और वह यमुना नदी में डूब गया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी पर स्थाई पुल बन जाता है तो वह पूरी तरह से सुरक्षित नदी के पार आ जा सकेंगे।
लोगों ने जताई खुशी
फोटो: 15 गणेश शंखवार
नौगांवा निवासी गणेश शंखवार ने बताया कि करीब 20 वर्ष से पुल निर्माण की मांग हो रही हैं। पैंटून पुल से मात्र चार माह आवागमन हो पाता हैं। पक्का पुल बनने से स्वास्थ्य, शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उन्हें मिलना शुरू हो जाएंगी।
फोटो: 16 उमाशंकर तिवारी
पूर्व बार एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने सांसद की पहल की सराहना करते हुए कहा पक्का पुल बनने से क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। पुल बिना होने वाली घटनाएं खत्म हो जाएंगी। क्षेत्र में व्यापार का भी विस्तार होगा
484 मीटर लंबे पुल को बनाने में आएगी 94 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत
अभी तक हर साल बनाया जाता है पैंटून पुल, 100 गांवों की डेढ़ लाख आबादी को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। चकरनगर में यमुना नदी पर अंदावा-नौगांवा घाट के बीच जल्द पक्का पुल बनाया जाएगा। प्रशासन ने पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सेतु निगम से तैयार प्रस्ताव में यहां पर 484 मीटर लंबे स्था.ी पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण में लगभग 94 करोड़ 36 लाख रुपये का खर्च आएगा।
कार्ययोजना में पुल के साथ यहां पर संपर्क मार्ग व अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है। प्रस्ताव जल्द जिलाधिकारी स्तर से शासन को भेजा जाएगा। शासन से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पुल निर्माण से चकरनगर और महेवा ब्लॉक के 100 से अधिक गांवों की लगभग डेढ़ लाख की आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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चकरनगर क्षेत्र के नौगांवा और अंदावा गांव के बीच यमुना नदी पर पक्के पुल के निर्माण का मुद्दा सांसद जितेंद्र दोहरे ने उठाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। सांसद ने प्रति वर्ष बनाए जाने वाले पैंटून पुल पर होने वाले खर्च और इसके बाद भी अस्थायी पुल से होने वाली दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए पुल निर्माण की मांग की थी।
क्षेत्र के लोग भी नौगांवा-अंदावा घाट पर 2006 से पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। अभी पीडब्ल्यूडी हर साल पैंटून पुल बनवाने में 10 लाख रुपये खर्च करता है। वहीं सेंचुरी विभाग से अनुमति समय पर न मिलने के कारण पुल अक्सर दिसंबर या जनवरी में चालू हो पाता है जिससे बरसात के मौसम के बाद के इस समय में लोगों को आने जाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पैंटून पुल से सफर हमेशा जोखिम भरा रहता है। बड़े वाहनों जैसे ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और चार पहिया वाहनों के आवागमन पर रोक रहती है। वहीं हर साल 15 जून के बाद यमुना नदी के जलस्तर बढ़ने पर पुल हटा दिया जाता है, जिससे 100 से अधिक गांवों के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
महेवा ब्लॉक के अंदावा की मड़ैया, यादवान की मड़ैया, पुरा मल्लाहन, विनायकपुर, लालपुर, पुरावली, रतनपुर, मेहंदीपुर, लाखी और गंगदासपुर सहित कई गांवों के लोगों को चकरनगर तहसील पहुंचने के लिए बकेवर-लखना होकर 30 से 35 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। जबकि पुल बनने पर यह दूरी घटकर मात्र नौ से दस किलोमीटर रह जाएगी।
इसी प्रकार चकरनगर ब्लॉक के नौगांवा, गौहानी, खीरीठी, ककरैया, पालीघार, कायछी, भरेह और हरौली समेत कई गांवों के लोगों को औरैया व अजीतमल जाने के लिए करीब 50 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्का पुल बनने से शिक्षा, व्यापार और कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास होगा।
अस्थायी पुल पर रहता है हादसे का खतरा
यमुना नदी पर प्रतिवर्ष बनने वाले पैंटून पुल पर हमेशा ही दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में आने जाने वाले दो पहिया वाहन सवार जान हथेली पर रखकर पुल को पार करते हैं। बीते नौ मार्च को नौगांवा निवासी नसीम खान का 17 वर्षीय पुत्र समीम अपने एक रिश्तेदार को महेवा छोड़कर बाइक से घर लौट रहा था। जब वह पैंटून पुल पार कर रहा था तभी अचानक बाइक फिसल गई और वह यमुना नदी में डूब गया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी पर स्थाई पुल बन जाता है तो वह पूरी तरह से सुरक्षित नदी के पार आ जा सकेंगे।
लोगों ने जताई खुशी
फोटो: 15 गणेश शंखवार
नौगांवा निवासी गणेश शंखवार ने बताया कि करीब 20 वर्ष से पुल निर्माण की मांग हो रही हैं। पैंटून पुल से मात्र चार माह आवागमन हो पाता हैं। पक्का पुल बनने से स्वास्थ्य, शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उन्हें मिलना शुरू हो जाएंगी।
फोटो: 16 उमाशंकर तिवारी
पूर्व बार एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने सांसद की पहल की सराहना करते हुए कहा पक्का पुल बनने से क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। पुल बिना होने वाली घटनाएं खत्म हो जाएंगी। क्षेत्र में व्यापार का भी विस्तार होगा