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Etawah News: बीज और भूमि शोधन पर मिलेगा 75 फीसदी तक अनुदान
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- खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। खरीफ फसलों को कीटों और बीमारियों के प्रकोप से बचाने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को कमर कसने को कहा है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ओंकार सिंह ने किसानों से आह्वान किया है कि वे बुवाई से पहले बीज और भूमि का शोधन अवश्य करें। इससे न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि पैदावार भी बढ़ेगी।
कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि जैविक बीज शोधन के लिए 4-5 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलोग्राम बीज का उपयोग करें। यदि रासायनिक विधि अपनानी हो, तो कार्बेन्डाजिम (2 ग्राम) या थीरम (2.50 ग्राम) प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करें। वहीं, भूमि शोधन के लिए 2.50 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा या विवेरिया बेसियाना को 60 से 70 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर अंतिम जुताई के समय प्रयोग करें। इसके अलावा कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (4 किग्रा) या फिप्रोनिल (18-20 किग्रा) प्रति हेक्टेयर की दर से भी भूमि शोधन किया जा सकता है।
योजनाओं पर मिल रहा बंपर अनुदान
75 फीसदी अनुदान- बायोपेस्टीसाइड, बायो-एजेंट्स, सोलर लाइट ट्रैप, येलो स्टिकी ट्रैप, हेलीकोवर्पा ल्यूर, फेरोमोन ट्रैप और बीज शोधक रसायनों पर।
50 फीसदी अनुदान- कृषि रक्षा रसायनों (कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक) पर।
कृषि यंत्र- मानव चालित कृषि रक्षा यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 1500 रुपये) और शक्ति चालित यंत्रों पर अधिकतम 3000 रुपये तक का अनुदान।
अनाज भंडारण- बुखारी पर 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम सीमा 2000 रुपये)।
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यहां करें संपर्क
अधिक जानकारी के लिए किसान ब्लॉक स्तर पर स्थित प्रभारी कृषि रक्षा इकाई या जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय, इटावा से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, हृदयेश कुमार (प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी) के मोबाइल नंबर 9628052889 और 7906898456 पर भी कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। खरीफ फसलों को कीटों और बीमारियों के प्रकोप से बचाने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को कमर कसने को कहा है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ओंकार सिंह ने किसानों से आह्वान किया है कि वे बुवाई से पहले बीज और भूमि का शोधन अवश्य करें। इससे न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि पैदावार भी बढ़ेगी।
कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि जैविक बीज शोधन के लिए 4-5 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलोग्राम बीज का उपयोग करें। यदि रासायनिक विधि अपनानी हो, तो कार्बेन्डाजिम (2 ग्राम) या थीरम (2.50 ग्राम) प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करें। वहीं, भूमि शोधन के लिए 2.50 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा या विवेरिया बेसियाना को 60 से 70 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर अंतिम जुताई के समय प्रयोग करें। इसके अलावा कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड (4 किग्रा) या फिप्रोनिल (18-20 किग्रा) प्रति हेक्टेयर की दर से भी भूमि शोधन किया जा सकता है।
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योजनाओं पर मिल रहा बंपर अनुदान
75 फीसदी अनुदान- बायोपेस्टीसाइड, बायो-एजेंट्स, सोलर लाइट ट्रैप, येलो स्टिकी ट्रैप, हेलीकोवर्पा ल्यूर, फेरोमोन ट्रैप और बीज शोधक रसायनों पर।
50 फीसदी अनुदान- कृषि रक्षा रसायनों (कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक) पर।
कृषि यंत्र- मानव चालित कृषि रक्षा यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 1500 रुपये) और शक्ति चालित यंत्रों पर अधिकतम 3000 रुपये तक का अनुदान।
अनाज भंडारण- बुखारी पर 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम सीमा 2000 रुपये)।
यहां करें संपर्क
अधिक जानकारी के लिए किसान ब्लॉक स्तर पर स्थित प्रभारी कृषि रक्षा इकाई या जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय, इटावा से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, हृदयेश कुमार (प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी) के मोबाइल नंबर 9628052889 और 7906898456 पर भी कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।