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Etawah News: बच्चों की पढ़ाई से पहले महंगाई पर बड़ों की परीक्षा
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फोटो 11: दुकान में बच्चों की स्कूल की ड्रेस के लिए शर्ट का कपड़ा खरीदतीं महिलाएं। संवाद
बच्चों की पढ़ाई से पहले महंगाई पर बड़ों की परीक्षा
-कच्चा माल महंगा होने से बढ़ी ड्रेस की कीमत, टाई, बेल्ट भी 10 से 15 प्रतिशत तक हुए महंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बच्चों की पढ़ाई से पहले अभिभावकों का महंगाई का इम्तिहान शुरू हो गया है। जो बच्चों को पहली बार यूनिफार्म में देखकर फूले नहीं समाते थे, वह बजट बिगड़ने की चिंता में खो से गए हैं। नर्सरी से कक्षा तीन के छात्रों का एक ड्रेस कोड की कीमत एक हजार रुपये से ऊपर जा रही है, इसमें भी जूते और मोजे की कीमत शामिल नहीं है। कच्चा माल की कीमत अधिक होने की वजह से शर्ट, पैंट, टाई, बेल्ट आदि की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पूर्वी-पश्चिम देशों के बीच चल रहे युद्ध ने अभिभावकों का यह संघर्ष बढ़ाया है। कॉन्वेंट, पब्लिक, मिशनरी व सरकारी स्कूलों का नया सत्र प्रारंभ हो गया है। पैंट का थान राजस्थान के भीलवाड़ा और शर्ट का थान मुंबई से आता है। ट्रांसपोर्ट और ढुलाई महंगी होने के कारण कच्चे माल की कीमतों में उछाल आया है। इस वजह से मैन्युफैक्चरिंग स्तर पर ही इनके दाम बढ़ गए हैं।
ड्रेस के कपड़ों के व्यापारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि ड्रेस के पैंट, शर्ट, टाई, बेल्ट, मोनोग्राम, ट्रैक सूट, स्पोर्ट्स ड्रेस व लड़कियों के विभिन्न ड्रेस परिधानों में प्रयोग किए जाने वाले कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल आया है। फैब्रिक (सूटिंग) में 10 से 12 प्रतिशत, शर्टिंग में 10 से 15 प्रतिशत की कीमतों में वृद्धि हुई है। कक्षा एक तक की ड्रेस 1200 के स्थान पर 1400 रुपये, कक्षा पांच की ड्रेस 1700 व कक्षा नौवीं के लिए दो हजार रुपये व 11 से 12वीं के विद्यार्थी के लिए 2300 रुपये में मिलेगी। एक ड्रेस पर 250 से 300 रुपये तक की वृद्धि हुई है। इससे ड्रेस की कीमत तेजी के साथ बढ़ी हैं। टाई-बेल्ट भी महंगी हुई है।
कीमतों पर एक नजर
ड्रेस-पहले अब रुपये में
पैंट-एक मीटर-122-138
प्रीमियम फैब्रिक-एक मीटर-160-200
ब्रांडेड शर्टिंग-एक मीटर-63-72
प्रीमियम शर्टिंग चेक-एक मीटर-96-110
लोअर भी महंगे
-व्यापारी के अनुसार 160 रुपये में बिकने वाला लोअर 175 रुपये का हो गया है। सुपर पाली फैब्रिक 140 के स्थान पर 160 रुपये हो गई है।
फोटो12 - पिंटू चौधरी
पक्केबाग निवासी पिंटू चौधरी ने बताया कि नाती के लिए जो ड्रेस पिछले वर्ष एक हजार रुपये से कम की थी, वह इस बार 1500 रुपये तक पहुंच गई। कीमत इस बार काफी बढ़ी है।
फोटो 13 - नीरज तिवारी
नुमाइश चौराहा निवासी नीरज तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपने भतीजे की ड्रेस ली। टाई और बेल्ट तक की कीमत में भारी महंगाई कर दी है। स्कूल में तो गुणवत्ता भी ठीक नहीं मिल रही है।
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बच्चों की पढ़ाई से पहले महंगाई पर बड़ों की परीक्षा
-कच्चा माल महंगा होने से बढ़ी ड्रेस की कीमत, टाई, बेल्ट भी 10 से 15 प्रतिशत तक हुए महंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बच्चों की पढ़ाई से पहले अभिभावकों का महंगाई का इम्तिहान शुरू हो गया है। जो बच्चों को पहली बार यूनिफार्म में देखकर फूले नहीं समाते थे, वह बजट बिगड़ने की चिंता में खो से गए हैं। नर्सरी से कक्षा तीन के छात्रों का एक ड्रेस कोड की कीमत एक हजार रुपये से ऊपर जा रही है, इसमें भी जूते और मोजे की कीमत शामिल नहीं है। कच्चा माल की कीमत अधिक होने की वजह से शर्ट, पैंट, टाई, बेल्ट आदि की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पूर्वी-पश्चिम देशों के बीच चल रहे युद्ध ने अभिभावकों का यह संघर्ष बढ़ाया है। कॉन्वेंट, पब्लिक, मिशनरी व सरकारी स्कूलों का नया सत्र प्रारंभ हो गया है। पैंट का थान राजस्थान के भीलवाड़ा और शर्ट का थान मुंबई से आता है। ट्रांसपोर्ट और ढुलाई महंगी होने के कारण कच्चे माल की कीमतों में उछाल आया है। इस वजह से मैन्युफैक्चरिंग स्तर पर ही इनके दाम बढ़ गए हैं।
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ड्रेस के कपड़ों के व्यापारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि ड्रेस के पैंट, शर्ट, टाई, बेल्ट, मोनोग्राम, ट्रैक सूट, स्पोर्ट्स ड्रेस व लड़कियों के विभिन्न ड्रेस परिधानों में प्रयोग किए जाने वाले कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल आया है। फैब्रिक (सूटिंग) में 10 से 12 प्रतिशत, शर्टिंग में 10 से 15 प्रतिशत की कीमतों में वृद्धि हुई है। कक्षा एक तक की ड्रेस 1200 के स्थान पर 1400 रुपये, कक्षा पांच की ड्रेस 1700 व कक्षा नौवीं के लिए दो हजार रुपये व 11 से 12वीं के विद्यार्थी के लिए 2300 रुपये में मिलेगी। एक ड्रेस पर 250 से 300 रुपये तक की वृद्धि हुई है। इससे ड्रेस की कीमत तेजी के साथ बढ़ी हैं। टाई-बेल्ट भी महंगी हुई है।
कीमतों पर एक नजर
ड्रेस-पहले अब रुपये में
पैंट-एक मीटर-122-138
प्रीमियम फैब्रिक-एक मीटर-160-200
ब्रांडेड शर्टिंग-एक मीटर-63-72
प्रीमियम शर्टिंग चेक-एक मीटर-96-110
लोअर भी महंगे
-व्यापारी के अनुसार 160 रुपये में बिकने वाला लोअर 175 रुपये का हो गया है। सुपर पाली फैब्रिक 140 के स्थान पर 160 रुपये हो गई है।
फोटो12 - पिंटू चौधरी
पक्केबाग निवासी पिंटू चौधरी ने बताया कि नाती के लिए जो ड्रेस पिछले वर्ष एक हजार रुपये से कम की थी, वह इस बार 1500 रुपये तक पहुंच गई। कीमत इस बार काफी बढ़ी है।
फोटो 13 - नीरज तिवारी
नुमाइश चौराहा निवासी नीरज तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपने भतीजे की ड्रेस ली। टाई और बेल्ट तक की कीमत में भारी महंगाई कर दी है। स्कूल में तो गुणवत्ता भी ठीक नहीं मिल रही है।