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Etawah News: पंजीकरण के बाद भी किसानों का नहीं हो रहा सत्यापन
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फोटो: 16 बी पैक्स गेहूं खरीद केंद्र पर चलता गेहूं खरीद का कार्य
किसानों ने तहसील कर्मचारियों पर लगाया सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) में गेहूं खरीद में अव्यवस्थाओं से किसान परेशान हैं। समिति की सचिव प्रियंका यादव के अनुसार अब तक 250 क्विंटल गेहूं ऑफलाइन खरीदा जा चुका है और करीब 15 किसानों का पंजीकरण भी हो चुका है। बावजूद इसके कई किसान सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण परेशान हैं।
शनिवार को मौके पर मौजूद कुरसेना के किसान केदार सिंह, मानिकपुर बीबामऊ की पूनम, मेहलई के प्रवीण, पिपरेधी के विजय सिंह और जुगोरा के श्याम प्रकाश ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक उनका सत्यापन नहीं हो सका है। किसानों का आरोप है कि बिना सत्यापन के ही उनका गेहूं खरीद लिया गया जिससे भविष्य में भुगतान को लेकर संशय बना हुआ है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सत्यापन प्रक्रिया में सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। यही कारण है कि उनका सत्यापन अभी तक नहीं किया गया है। इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, साथ ही किसानों को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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किसानों ने तहसील कर्मचारियों पर लगाया सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
जसवंतनगर। बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) में गेहूं खरीद में अव्यवस्थाओं से किसान परेशान हैं। समिति की सचिव प्रियंका यादव के अनुसार अब तक 250 क्विंटल गेहूं ऑफलाइन खरीदा जा चुका है और करीब 15 किसानों का पंजीकरण भी हो चुका है। बावजूद इसके कई किसान सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण परेशान हैं।
शनिवार को मौके पर मौजूद कुरसेना के किसान केदार सिंह, मानिकपुर बीबामऊ की पूनम, मेहलई के प्रवीण, पिपरेधी के विजय सिंह और जुगोरा के श्याम प्रकाश ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के बाद वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक उनका सत्यापन नहीं हो सका है। किसानों का आरोप है कि बिना सत्यापन के ही उनका गेहूं खरीद लिया गया जिससे भविष्य में भुगतान को लेकर संशय बना हुआ है।
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किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सत्यापन प्रक्रिया में सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। यही कारण है कि उनका सत्यापन अभी तक नहीं किया गया है। इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, साथ ही किसानों को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।