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Etawah News: आज फिर बादलों के साथ बूंदाबांदी के आसार
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इटावा। जिले में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। चिलचिलाती धूप के बीच अब बादलों का डेरा रहेगा और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। गुरुवार को जनपद का अधिकतम तापमान 33.6 और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार से मौसम में यह बदलाव प्रभावी रूप से देखने को मिलेगा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि शुक्रवार को बादलों की आवाजाही रहेगी। इस दौरान नौ से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। बूंदाबांदी के पूरे आसार बन रहे हैं जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है लेकिन उमस रहेगी। मौसम के इस बदलते रुख ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल में बूंदाबांदी और तेज हवाओं से गेहूं की खड़ी फसल सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। नमी बढ़ने से फसल के गिरने की आशंका है जिससे पैदावार घट सकती है। वहीं जिन किसानों ने अभी तक आलू की खोदाई और सरसों की मड़ाई कर फसल का उठान नहीं किया है उनके लिए नुकसान का जोखिम बढ़ गया है। खुले में रखी फसल भीगने से गुणवत्ता खराब हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ ने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल कटकर तैयार है, तो उसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि शुक्रवार को बादलों की आवाजाही रहेगी। इस दौरान नौ से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। बूंदाबांदी के पूरे आसार बन रहे हैं जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है लेकिन उमस रहेगी। मौसम के इस बदलते रुख ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
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कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल में बूंदाबांदी और तेज हवाओं से गेहूं की खड़ी फसल सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। नमी बढ़ने से फसल के गिरने की आशंका है जिससे पैदावार घट सकती है। वहीं जिन किसानों ने अभी तक आलू की खोदाई और सरसों की मड़ाई कर फसल का उठान नहीं किया है उनके लिए नुकसान का जोखिम बढ़ गया है। खुले में रखी फसल भीगने से गुणवत्ता खराब हो सकती है। कृषि विशेषज्ञ ने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल कटकर तैयार है, तो उसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।