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Etawah News: देश के हर कोने से जुड़ेगा इटावा, बनेगा एक्सप्रेसवे का हब
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इटावा। सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के शुभारंभ ने जहां देश को पूरब से पश्चिम को जोड़ने का काम किया है वहीं आने वाले दिनों में इटावा भी उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे हब बनकर उभरेगा। एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि यहां पर चार बड़े एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ेंगे। इससे जिले की कनेक्टिविटी न केवल प्रदेश बल्कि देश के प्रमुख शहरों और महानगरों से और अधिक मजबूत हो जाएगी।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे ने पहले से ही जिले को सीधे लखनऊ से जोड़ा है। वहीं जिले में ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी इससे जोड़ा जा चुका है। अब दो अन्य अटल एक्सप्रेसवे (चंबल एक्सप्रेसवे) और लिंक एक्सप्रेसवे को भी जिले में ही इन एक्सप्रेसवे से जोड़ना प्रस्तावित हैं।
ताखा क्षेत्र के कुदरैल गांव के पास आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 133 पर पहले से ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जुड़ चुका है। करीब 296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र को जालौन, महोबा, झांसी, बांदा और चित्रकूट जैसे जिलों से जोड़ता है जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली है। अब प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।
एडीएम ने बताया कि यह लिंक एक्सप्रेसवे हरदोई जिले के सवायजपुर क्षेत्र से जुड़ेगा। इसके लिए किसानों से जमीन की रजिस्ट्री का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
इसके अलावा राजस्थान के कोटा से इटावा तक प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे (चंबल एक्सप्रेसवे) भी इस क्षेत्र की अहम परियोजना है। लगभग 412 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य राजस्थान में शुरू हो चुका है। यह एक्सप्रेसवे इटावा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 285 ककराई गांव से जुड़ेगा जिससे मध्य प्रदेश और राजस्थान से आने-जाने वाले वाहनों को सीधा और तेज मार्ग मिलेगा।
आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, लिंक और अटल एक्सप्रेसवे के एक स्थान पर जुड़ने से जिले की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास तेज होगा। एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार से जिला भविष्य में एक प्रमुख आवागमन व माल परिवहन के हब के रूप में उभर सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे ने पहले से ही जिले को सीधे लखनऊ से जोड़ा है। वहीं जिले में ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी इससे जोड़ा जा चुका है। अब दो अन्य अटल एक्सप्रेसवे (चंबल एक्सप्रेसवे) और लिंक एक्सप्रेसवे को भी जिले में ही इन एक्सप्रेसवे से जोड़ना प्रस्तावित हैं।
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ताखा क्षेत्र के कुदरैल गांव के पास आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 133 पर पहले से ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जुड़ चुका है। करीब 296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र को जालौन, महोबा, झांसी, बांदा और चित्रकूट जैसे जिलों से जोड़ता है जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली है। अब प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।
एडीएम ने बताया कि यह लिंक एक्सप्रेसवे हरदोई जिले के सवायजपुर क्षेत्र से जुड़ेगा। इसके लिए किसानों से जमीन की रजिस्ट्री का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
इसके अलावा राजस्थान के कोटा से इटावा तक प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे (चंबल एक्सप्रेसवे) भी इस क्षेत्र की अहम परियोजना है। लगभग 412 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य राजस्थान में शुरू हो चुका है। यह एक्सप्रेसवे इटावा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 285 ककराई गांव से जुड़ेगा जिससे मध्य प्रदेश और राजस्थान से आने-जाने वाले वाहनों को सीधा और तेज मार्ग मिलेगा।
आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, लिंक और अटल एक्सप्रेसवे के एक स्थान पर जुड़ने से जिले की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र का समग्र विकास तेज होगा। एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार से जिला भविष्य में एक प्रमुख आवागमन व माल परिवहन के हब के रूप में उभर सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
