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Etawah News: कटिया डालने के छह माह पुराने विवाद में किसान की गोली मारकर हत्या
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जसवंतनगर। पीपरीपुरा गांव में शनिवार रात एक किसान राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना छह माह पहले बिजली के तार में कटिया डालने के विरोध को लेकर हुई पुरानी रंजिश का परिणाम है। राहुल अपने चाचा के साथ मारपीट की सूचना पर मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने चार नामजद समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
पीपरीपुरा निवासी श्यामवीर सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने पिता जयवीर सिंह को खेत पर खाना देकर लौट रहे थे। गांव से पहले पुलिया पर पड़ोसी बलराम सिंह, सुखवीर सिंह, रामाधार सिंह उर्फ अचंभे, बलराम का बेटा अंशुल और दो अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि छह माह पुराने कटिया विवाद पर सभी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
श्यामवीर ने भतीजे राहुल (30) को फोन कर घटना की जानकारी दी। राहुल हाईवे स्थित एक कैफे में दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल था। चाचा के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही राहुल मलुपुरा प्रधान की कार लेकर मौके पर पहुंचा। राहुल के कार से उतरते ही अंशुल ने तमंचे से उसके सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद राहुल जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी फरार हो गए।
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परिजनों ने घायल राहुल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर श्याम मोहन ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी रामाधार सिंह को केवाला तिराहे से गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
मृतक के बाबा जयवीर सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले राहुल ने खेत से गुजर रहे बिजली के तार में कटिया डालने का विरोध किया था। इसी बात पर अंशुल और उसके परिवार के लोगों से राहुल का विवाद हुआ था। तब दोनों पक्षों में कहासुनी और तनातनी हुई थी। इसके बाद से ही दोनों परिवारों के बीच रंजिश चली आ रही थी।
करीब दो माह पहले सौर ऊर्जा संयंत्र की प्लेटें चोरी हुई थीं। इस मामले में यादराम ने राहुल और उसके दो साथियों के खिलाफ तहरीर दी थी। बाद में ग्राम प्रधान की पैरवी से दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, पर रंजिश पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने बताया कि मृतक और आरोपी पक्ष के मकान आमने-सामने हैं। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से आपसी तनातनी थी। 15 दिन पहले भी बच्चों को लेकर विवाद हुआ था। शनिवार रात की मारपीट के बाद मामला बढ़ा और राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक नगर अभय नाथ त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गांव में तनाव को देखते हुए आरोपियों के घरों और घटनास्थल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से राहुल की मौत की पुष्टि हुई है, गोली उसके सीने में फंसी पाई गई। जिला अस्पताल की मोर्चरी में बिजली न होने और फ्रीजर बंद होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई, जिसके बाद शव को बॉडी बैग में रखकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
राहुल की हत्या के बाद परिवार के लोगों में आक्रोश बढ़ गया। रात करीब 12 बजे कुछ आक्रोशित परिजन आरोपियों को खुद सजा देने की बात कहते हुए गांव की ओर निकलने लगे। पुलिस ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और परिजनों को समझाकर शांत कराया। रविवार को पुलिस की मौजूदगी में राहुल का अंतिम संस्कार किया गया।
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पीपरीपुरा निवासी श्यामवीर सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने पिता जयवीर सिंह को खेत पर खाना देकर लौट रहे थे। गांव से पहले पुलिया पर पड़ोसी बलराम सिंह, सुखवीर सिंह, रामाधार सिंह उर्फ अचंभे, बलराम का बेटा अंशुल और दो अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि छह माह पुराने कटिया विवाद पर सभी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
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श्यामवीर ने भतीजे राहुल (30) को फोन कर घटना की जानकारी दी। राहुल हाईवे स्थित एक कैफे में दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल था। चाचा के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही राहुल मलुपुरा प्रधान की कार लेकर मौके पर पहुंचा। राहुल के कार से उतरते ही अंशुल ने तमंचे से उसके सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद राहुल जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी फरार हो गए।
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परिजनों ने घायल राहुल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर श्याम मोहन ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी रामाधार सिंह को केवाला तिराहे से गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
मृतक के बाबा जयवीर सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले राहुल ने खेत से गुजर रहे बिजली के तार में कटिया डालने का विरोध किया था। इसी बात पर अंशुल और उसके परिवार के लोगों से राहुल का विवाद हुआ था। तब दोनों पक्षों में कहासुनी और तनातनी हुई थी। इसके बाद से ही दोनों परिवारों के बीच रंजिश चली आ रही थी।
करीब दो माह पहले सौर ऊर्जा संयंत्र की प्लेटें चोरी हुई थीं। इस मामले में यादराम ने राहुल और उसके दो साथियों के खिलाफ तहरीर दी थी। बाद में ग्राम प्रधान की पैरवी से दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, पर रंजिश पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने बताया कि मृतक और आरोपी पक्ष के मकान आमने-सामने हैं। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से आपसी तनातनी थी। 15 दिन पहले भी बच्चों को लेकर विवाद हुआ था। शनिवार रात की मारपीट के बाद मामला बढ़ा और राहुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक नगर अभय नाथ त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गांव में तनाव को देखते हुए आरोपियों के घरों और घटनास्थल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से राहुल की मौत की पुष्टि हुई है, गोली उसके सीने में फंसी पाई गई। जिला अस्पताल की मोर्चरी में बिजली न होने और फ्रीजर बंद होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई, जिसके बाद शव को बॉडी बैग में रखकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
राहुल की हत्या के बाद परिवार के लोगों में आक्रोश बढ़ गया। रात करीब 12 बजे कुछ आक्रोशित परिजन आरोपियों को खुद सजा देने की बात कहते हुए गांव की ओर निकलने लगे। पुलिस ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और परिजनों को समझाकर शांत कराया। रविवार को पुलिस की मौजूदगी में राहुल का अंतिम संस्कार किया गया।