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Etawah News: कहीं कांटा खराब तो कहीं केंद्र न बनने से परेशान दिखे किसान

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2026 11:51 PM IST
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Farmers were seen upset due to the weighing machine being faulty at some places and the centre not being set up at other places.
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फोटो 12:: जसवंतनगर गेहूं खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद
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फोटो 13:: केंद्र न बनने के कारण बंद पड़ी टिटावली सहकारी समिति। संवाद
फोटो 14:: भरथना में किसानों के इंतजार में बैठे केंद्र प्रभारी। संवाद
फोटो 15::किसान न आने से आपस में बातचीत करते शहर की नवीन मंडी में बैठे प्रभारी। संवाद
फोटो 16::राजू यादव।
फोटो 17:: सतीश।
नोट- पड़ताल का लोगो
- सोमवार से जिले के 73 सरकारी केंद्रों पर शुरू हुई गेहूं खरीद प्रक्रिया, अव्यवस्थाएं रहीं हावी
- इस वर्ष लगभग 67 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बोआई की गई
संवाद न्यूज़ एजेंसी
इटावा। जनपद में सोमवार से गेहूं की सरकारी खरीद की शुरुआत तो हो गई लेकिन पहले ही दिन दावों और हकीकत के बीच की खाई साफ नजर आई। कहीं केंद्रों से प्रभारी नदारद मिले तो कहीं कांटा खराब होने का रोना रोया गया। सबसे बदतर स्थिति चकरनगर क्षेत्र की रही जहां सरकारी केंद्र न होने के चलते किसान अपनी गाढ़ी कमाई बिचौलियों के हवाले करने को मजबूर होंगे।

इस बार सरकार की ओर से जिले में 73 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इसमें छह मोबाइल केंद्र भी शामिल हैं। जिले में इस वर्ष लगभग 67 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बोआई की गई है। इन केंद्रों पर 2585 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तो तय किया है लेकिन पहले दिन जिले के अधिकांश केंद्रों पर पहले दिन अव्यवस्थाओं का दौर रहा। हालांकि जिले में अभी गेहूं की कटान तेज नहीं हुई है इस वजह से केंद्रों पर पहले दिन किसानों की संख्या भी काफी कम रही।
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केस-एक
फोटो 12:: जसवंतनगर गेहूं खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद
न प्रभारी मिले न कांटा, केंद्रों पर ताले

जसवंतनगर। कस्बे और आसपास के केंद्रों पर पहले ही दिन अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई। नगर की क्रय-विक्रय समिति पर केंद्र प्रभारी गायब मिले जिससे खरीद ठप रही। यही हाल सहकारी संघ केंद्र का रहा जहां न प्रभारी मौजूद थे और न ही तौल के लिए कांटा लगा था। कैस्त सहकारी समिति की प्रभारी प्रियंका यादव तो मिलीं लेकिन उन्होंने कांटा खराब होने की बात कही। (संवाद)
केस-दो
फोटो 13:: केंद्र न बनने के कारण बंद पड़ी टिटावली सहकारी समिति। संवाद

अव्यवस्था के चलते बिचौलियों का रास्ता साफ
चकरनगर। तहसील के 105 गांवों के किसानों के लिए सरकारी खरीद एक सपना बनकर रह गई है। क्षेत्र में सरसों का एक भी केंद्र न होने से किसान पहले ही परेशान हो चुके हैं अब यही खतरा गेहूं पर मंडरा रहा है। इसके चलते गेहूं की कटाई तेज होते ही मध्य प्रदेश के बिचौलिए और स्थानीय व्यापारी गांव-गांव घूमकर औने-पौने दामों पर फसल खरीदेंगे। इससे न केवल किसानों को घाटा होगा बल्कि सरकार को राजस्व को भी हानि होगी। (संवाद)
केस-तीन
फोटो 14:: भरथना में किसानों के इंतजार में बैठे केंद्र प्रभारी। संवाद
तैयारी पूरी पर नहीं पहुंचा एक भी किसान

भरथना। मंडी समिति में खाद्य विभाग के तीन केंद्र (ए, बी और सी) सुबह से ही सजकर तैयार थे। प्रभारी बारदाना लेकर किसानों की राह तकते रहे लेकिन दोपहर बाद तक एक भी किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचा। अधिकारियों का मानना है कि अभी कटाई शुरुआती दौर में है, इसलिए आने वाले दिनों में तेजी आएगी।(संवाद)
केस-चार
फोटो 15::किसान न आने से आपस में बातचीत करते शहर की नवीन मंडी में बैठे प्रभारी। संवाद
नहीं आए किसान, बातचीत करने में बीता दिन
इटावा। शहर की नवीन मंडी में खाद्य एवं विपणन विभाग की ओर से पांच केंद्र खोले गए हैं। सोमवार को सभी केंद्र तो खुले लेकिन किसान एक भी नहीं आया। ऐसे में पांचों केंद्रों के प्रभारी आपस में बातचीत में मशगूल रहे। प्रभारी सावन कुमार ने बताया कि बारदाना आदि मिल गया है, कुछ बैनर लगवा दिए हैं, बंदरों की वजह से नहीं लगवाए हैं। बताया कि केंद्रों पर बारदाना सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं जैसे ही किसान आएंगे, खरीद शुरू हो जाएगी। (संवाद)


किसानों की बात

- चकरनगर क्षेत्र के रमपुराघार निवासी राजू यादव ने कहा कि केंद्र न होने से किसानों ने सरसों बिचौलियों को बेच दी। अब गेहूं को लेकर भी वही चिंता सता रही है। सरकार को जल्द केंद्र खोलने चाहिए।
- चकरनगर के किसान सतीश न बताया कि बिचौलियों ने बड़े पैमाने पर खरीद शुरू कर दी है। जिससे प्रदेश को आर्थिक नुकसान हो रहा है। पिछले साल भी काफी विरोध के गेहूं खरीद केंद्र शुरू हो सका था।
वर्जन
- चकरनगर क्षेत्र में अब तक किसी समिति ने प्रस्ताव नहीं दिया था, इसलिए केंद्र नहीं बना। टिटावली सचिव का प्रस्ताव मिला है, जिसे आगे भेज दिया गया है।-कमलेश वर्मा, एआर कोऑपरेटिव


- अभी प्रस्ताव मिला है, प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि दो-तीन दिन के भीतर केंद्र चालू हो जाएगा। - अमजद खान, जिला प्रबंधक पीसीएफ
- जिले के सभी 73 केंद्रों पर सोमवार से गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए पहले से ही कड़े निर्देश हैं। इसके बाद भी अगर किसी केंद्र पर लापरवाही की जा रही है तो उक्त प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-लालमणि पांडे, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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