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इटावाः सोशल मीडिया से अपना हुनर लोगों तक पहुंचाएं
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शुभम शर्मा को उत्कृष्ट अभिनेता का अवार्ड देतीं अभिनेत्री मान्या पाठक और टीवी सीरियल समीक्षक कौश
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। दो दिवसीय के. आसिफ चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का रविवार को समापन हो गया। छात्रों को कम संसाधन में फिल्में बनाने की तकनीक बताई गई। कहा गया कि सोशल मीडिया से अपना हुनर लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
पंचायत राज राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय सभागार में देश-विदेश की फिल्मों के बारे में चर्चा की गई। सिनेमेटोग्राफर शारिक हैदर नकवी ने कहा कि एक फिल्मकार कैमरे के जरिए वीडियो शूट करके अपनी बात कहता है। नए लोगों को सीमित संसाधनों का रोना रोने की बजाय किसी भी कहानी, घटना लोकेशन को गंभीरता के साथ उसे समझने पर पर ध्यान देना चाहिए। वह मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम से अपनी बात को करोडों लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग करते वक्त ध्यान रखा जाना चाहिए कि रोशनी हमेशा कैमरे के पीछे की तरफ से आनी चाहिए। कैमरे के सामने से रोशनी आएगी तो तस्वीर काली रिकॉर्ड होगी। मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग करते समय आगे बढ़कर और पीछे हटते हुए जूम इन या जूम आउट करें। फिल्म निर्देशक और ज्यूरी के सदस्य प्रो. मोहन दास ने कहा कि आप प्रोफेशनल तभी बन पाएंगे जब काम को ईमानदारी और पूरे फोकस के साथ करेंगे। देश-विदेश का सिनेमा, शॉर्ट फिल्में देखें और उनसे सीखने की कोशिश करें। वरिष्ठ छायाकार सुनील दत्ता ने कहा कि तकनीकी के विकास से आज वीडियो रिकॉर्डिंग सस्ती और आसान हो गई है, लेकिन इससे प्रतियोगिता भी बढ़ गई है। ऐसे में अपने दिमाग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करते हुए रचनात्मकता दिखाई होगी।
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फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट भारतीय फीचर फिल्म का अवार्ड नीलेश उपाध्याय की फिल्म ‘बन्नी’ को मिला। वहीं इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में जर्मनी की फिल्म डाय वाहरे स्कॉन्हिट को दिया गया। बेस्ट निर्देशक का अवार्ड शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में मिशन पर्फोर्मेंस के लिए जतिंदर साइराज को और बेस्ट एक्टर का अवार्ड इसी फिल्म के कुमार शर्मा को दिया गया। इसके साथ ही मौर्या फीचर फिल्म के डेब्यू डायरेक्टर बेस्ट जितेंद्र को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का अवार्ड दिया गया। वहीं म्यूजिक वीडियो दिल फिर चला है...के लिए शुभम शर्मा को बेस्ट अभिनेता के अवार्ड से नवाजा गया है। समापन समारोह के मुख्य अतिथियों में मॉडल और अभिनेत्री मान्या पाठक, फिल्म और टीवी सीरियल समीक्षक कौसर खान, प्रो.मोहन दास, प्रो.अयाज सिद्दीकी, सिद्धार्थ अमर रस्तोगी शामिल रहे।
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पंचायत राज राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय सभागार में देश-विदेश की फिल्मों के बारे में चर्चा की गई। सिनेमेटोग्राफर शारिक हैदर नकवी ने कहा कि एक फिल्मकार कैमरे के जरिए वीडियो शूट करके अपनी बात कहता है। नए लोगों को सीमित संसाधनों का रोना रोने की बजाय किसी भी कहानी, घटना लोकेशन को गंभीरता के साथ उसे समझने पर पर ध्यान देना चाहिए। वह मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम से अपनी बात को करोडों लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग करते वक्त ध्यान रखा जाना चाहिए कि रोशनी हमेशा कैमरे के पीछे की तरफ से आनी चाहिए। कैमरे के सामने से रोशनी आएगी तो तस्वीर काली रिकॉर्ड होगी। मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग करते समय आगे बढ़कर और पीछे हटते हुए जूम इन या जूम आउट करें। फिल्म निर्देशक और ज्यूरी के सदस्य प्रो. मोहन दास ने कहा कि आप प्रोफेशनल तभी बन पाएंगे जब काम को ईमानदारी और पूरे फोकस के साथ करेंगे। देश-विदेश का सिनेमा, शॉर्ट फिल्में देखें और उनसे सीखने की कोशिश करें। वरिष्ठ छायाकार सुनील दत्ता ने कहा कि तकनीकी के विकास से आज वीडियो रिकॉर्डिंग सस्ती और आसान हो गई है, लेकिन इससे प्रतियोगिता भी बढ़ गई है। ऐसे में अपने दिमाग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करते हुए रचनात्मकता दिखाई होगी।
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फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट भारतीय फीचर फिल्म का अवार्ड नीलेश उपाध्याय की फिल्म ‘बन्नी’ को मिला। वहीं इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में जर्मनी की फिल्म डाय वाहरे स्कॉन्हिट को दिया गया। बेस्ट निर्देशक का अवार्ड शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में मिशन पर्फोर्मेंस के लिए जतिंदर साइराज को और बेस्ट एक्टर का अवार्ड इसी फिल्म के कुमार शर्मा को दिया गया। इसके साथ ही मौर्या फीचर फिल्म के डेब्यू डायरेक्टर बेस्ट जितेंद्र को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का अवार्ड दिया गया। वहीं म्यूजिक वीडियो दिल फिर चला है...के लिए शुभम शर्मा को बेस्ट अभिनेता के अवार्ड से नवाजा गया है। समापन समारोह के मुख्य अतिथियों में मॉडल और अभिनेत्री मान्या पाठक, फिल्म और टीवी सीरियल समीक्षक कौसर खान, प्रो.मोहन दास, प्रो.अयाज सिद्दीकी, सिद्धार्थ अमर रस्तोगी शामिल रहे।