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Etawah News: खेती में जैविक एवं जैव-आधारित संसाधनों को बढ़ावा देना आवश्यक
Mon, 26 Oct 2026 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:22 AM IST
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बकेवर। जनता कॉलेज के कृषि विभाग ने रावे कार्यक्रम के तहत चयनित बिजौली गांव में किसान गोष्ठी और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को टिकाऊ खेती और वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, उन्नत फसल किस्मों, पशुपालन, फल एवं सब्जी उत्पादन पर चर्चा की। उन्होंने भूमि एवं जल संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि सुरक्षित जीवन और स्वस्थ पर्यावरण के लिए जैविक एवं जैव-आधारित संसाधनों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने रासायनिक कृषि निवेशों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया। किसानों को गोबर की खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों का उपयोग बढ़ाने की सलाह दी गई। डॉ. सिंह ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल चक्र अपनाने को महत्वपूर्ण बताया।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रभारी डॉ. आदित्य कुमार ने पशुओं को संतुलित आहार देने की बात कही। उन्होंने समय पर टीकाकरण और रोगों के शीघ्र निदान-उपचार को जरूरी बताया। डॉ. पीके राजपूत ने भूमि एवं जल संरक्षण को टिकाऊ कृषि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि मिट्टी का संरक्षण और जल संसाधनों का उचित प्रबंधन आवश्यक है। इससे लंबे समय तक भूमि की उत्पादकता बनी रहेगी। किसान बृजेश मिश्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। गोष्ठी में पृथ्वीराज चौहान, लाल सिंह, गिरेंद्र सिंह प्रिंस सहित कई किसान मौजूद रहे।
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कार्यक्रम प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि सुरक्षित जीवन और स्वस्थ पर्यावरण के लिए जैविक एवं जैव-आधारित संसाधनों को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने रासायनिक कृषि निवेशों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया। किसानों को गोबर की खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों का उपयोग बढ़ाने की सलाह दी गई। डॉ. सिंह ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल चक्र अपनाने को महत्वपूर्ण बताया।
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रभारी डॉ. आदित्य कुमार ने पशुओं को संतुलित आहार देने की बात कही। उन्होंने समय पर टीकाकरण और रोगों के शीघ्र निदान-उपचार को जरूरी बताया। डॉ. पीके राजपूत ने भूमि एवं जल संरक्षण को टिकाऊ कृषि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि मिट्टी का संरक्षण और जल संसाधनों का उचित प्रबंधन आवश्यक है। इससे लंबे समय तक भूमि की उत्पादकता बनी रहेगी। किसान बृजेश मिश्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। गोष्ठी में पृथ्वीराज चौहान, लाल सिंह, गिरेंद्र सिंह प्रिंस सहित कई किसान मौजूद रहे।
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