{"_id":"69b9a11cab79ba44a20ec064","slug":"samman-nidhi-22nd-installment-of-more-than-21-thousand-farmers-stuck-etawah-news-c-12-1-knp1024-1458681-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"सम्मान निधि : 21 हजार से अधिक किसानों की 22 वीं किस्त फंसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सम्मान निधि : 21 हजार से अधिक किसानों की 22 वीं किस्त फंसी
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22 वीं किस्त जिले के 1.94 लाख किसानों के खातों में पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर डेटा में गड़बड़ी और अपात्रता के चलते 21 हजार से अधिक किसानों का भुगतान रोक दिया गया है। कृषि विभाग के सत्यापन में संदिग्ध पाए गए डेटा के बाद अब इन लाभार्थियों पर जांच की तलवार लटक रही है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या पति-पत्नी दोनों की ओर से लाभ लेने और गलत वंशावली या उत्तराधिकार को लेकर आई है। पति-पत्नी डेटा के मामले में 7074, गलत उत्तराधिकार विवरण के 2676, पुराने व वर्तमान भू-स्वामी विवरण में अंतर 1861, अवैध पुराना भू-स्वामी डेटा के 9,630 और 217 नाबालिग लाभार्थी की किस्त रोकी गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन किसानों का डेटा संदिग्ध है, उनका गहन सत्यापन कराया जाएगा। यदि किसान पात्र पाया जाता है और उसकी ओर से दी गई जानकारी सही साबित होती है, तभी रुकी हुई किस्त जारी की जाएगी।
अवैध भू-स्वामियों की संख्या सबसे अधिक
आंकड़ों पर गौर करें तो अवैध पुराना भू-स्वामी श्रेणी में सर्वाधिक 9,630 किसानों का डेटा संदिग्ध मिला है। विभाग को अंदेशा है कि कई ऐसे लोगों ने भी पंजीकरण करा लिया है जिनके पास वर्तमान में कृषि योग्य भूमि नहीं है या उन्होंने गलत तरीके से जमीन के कागजात लगाए हैं। वहीं, 7074 मामले ऐसे हैं जहां एक ही परिवार में पति और पत्नी दोनों योजना का लाभ ले रहे थे, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
जिन किसानों की वर्तमान समय में सम्मान निधि नहीं प्राप्त हुई है। ऐसे किसान भारत सरकार के पोर्टल www.pmkisan.gov.in पर उपलब्ध अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन के अंतर्गत स्वयं अथवा किसी जनसेवा केंद्र के माध्यम से सूचनाएं एवं जरूरी दस्तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। ताकि उनकी रोकी गई किस्त के भुगतान के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिया जा सके। अधिक जानकारी के लिए उपकृषि निदेशक कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।
संदिग्ध जानकारी के चलते जिन लोगों की किस्त रोकी गई है, उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं जिन किसानों की सम्मान निधि किसी अन्य कारणवश रुकी है, वह विभाग से संपर्क करके ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी जानकारी कर सकते है।
आरएन सिंह, उपकृषि निदेशक
Trending Videos
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या पति-पत्नी दोनों की ओर से लाभ लेने और गलत वंशावली या उत्तराधिकार को लेकर आई है। पति-पत्नी डेटा के मामले में 7074, गलत उत्तराधिकार विवरण के 2676, पुराने व वर्तमान भू-स्वामी विवरण में अंतर 1861, अवैध पुराना भू-स्वामी डेटा के 9,630 और 217 नाबालिग लाभार्थी की किस्त रोकी गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन किसानों का डेटा संदिग्ध है, उनका गहन सत्यापन कराया जाएगा। यदि किसान पात्र पाया जाता है और उसकी ओर से दी गई जानकारी सही साबित होती है, तभी रुकी हुई किस्त जारी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अवैध भू-स्वामियों की संख्या सबसे अधिक
आंकड़ों पर गौर करें तो अवैध पुराना भू-स्वामी श्रेणी में सर्वाधिक 9,630 किसानों का डेटा संदिग्ध मिला है। विभाग को अंदेशा है कि कई ऐसे लोगों ने भी पंजीकरण करा लिया है जिनके पास वर्तमान में कृषि योग्य भूमि नहीं है या उन्होंने गलत तरीके से जमीन के कागजात लगाए हैं। वहीं, 7074 मामले ऐसे हैं जहां एक ही परिवार में पति और पत्नी दोनों योजना का लाभ ले रहे थे, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
जिन किसानों की वर्तमान समय में सम्मान निधि नहीं प्राप्त हुई है। ऐसे किसान भारत सरकार के पोर्टल www.pmkisan.gov.in पर उपलब्ध अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन के अंतर्गत स्वयं अथवा किसी जनसेवा केंद्र के माध्यम से सूचनाएं एवं जरूरी दस्तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। ताकि उनकी रोकी गई किस्त के भुगतान के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिया जा सके। अधिक जानकारी के लिए उपकृषि निदेशक कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।
संदिग्ध जानकारी के चलते जिन लोगों की किस्त रोकी गई है, उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं जिन किसानों की सम्मान निधि किसी अन्य कारणवश रुकी है, वह विभाग से संपर्क करके ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी जानकारी कर सकते है।
आरएन सिंह, उपकृषि निदेशक