{"_id":"69bd9127252c7848b50e8904","slug":"there-was-a-scream-as-soon-as-i-stepped-on-the-accelerator-while-asleep-etawah-news-c-216-1-etw1002-139601-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: नींद में एक्सीलेटर पर पैर रखते ही मची चीख-पुकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: नींद में एक्सीलेटर पर पैर रखते ही मची चीख-पुकार
विज्ञापन
विज्ञापन
इकदिल। नीरज ने बताया कि घटनास्थल से लगभग 43 किलोमीटर पहले पिनाहट में सभी ने दोनों गाड़ियां रोककर नाश्ता किया था। इसके बाद भांजे ऋषभ ने स्टीयरिंग संभाल ली थी और चालक अवनीश को पीछे सोने के लिए कह दिया था। बताते हैं कि नींद की झपकी आने की वजह से ऋषभ का एक्सीलरेटर पर पैर रख गया था। इस वजह से कार पेड़ से टकरा गई और हादसा हो गया। नीरज ने बताया कि मृतक भांजा ऋषभ घर का बड़ा बेटा था, और मृतक देवेंद्र घर का मंझला बेटा था, मृतिका आराध्या दो बहनों में बड़ी थी। एक गांव में एक ही परिवार में पांच मौतें होने का बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे के बाद चार शव गांव नगला वर लाए गए तो चीख पुकार मच गई। मासूम आराध्या की मां रो-रोकर कह रही थी कि मेरी बेटी तो जाना ही नहीं चाहती थी उसे तो लाड़ में उसके ताऊ ले गए थे। नीरज निवासी गांव नगला वर ने बताया कि उनके पिता पूर्व फौजी कामता प्रसाद (70) परिवार के लोगों के साथ दो कारों से कैला देवी मंदिर दर्शन के लिए 18 मार्च को गए थे। लौटते समय हादसा होने की सूचना मिली।
शुक्रवार दोपहर बाद कामता प्रसाद, देवेंद्र, सीमा, आराध्या के शव गांव में पहुंचते ही चीत्कार मच गई। हादसे की जानकारी पर पहुंची कामता प्रसाद की बेटी मीना का रो-रोकर बुरा हाल था। वो कह रही थी कि पापा आप और मझले भैया तो ही थे जिन्हें मैं सब बता देती थी। अब मेरी कौन सुनेगा। मेरा तो पूरा संसार लुट गया। वहीं आराध्या की मां मीना का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह रो-रोकर कह रही थी कि मेरी बेटी तो जाना ही नहीं चाह रही थी। ताऊ के लाड़ में चली गई, .मुझे पता होता तो नहीं अपनी बिटिया नहीं भेजती।
नीरज ने बताया कि उनकी बेटी आराध्या जाने के लिए तैयार नहीं थी। वह रूठकर कमरे में जाकर सो गई थी, लेकिन आराध्या के ताऊ देवेंद्र का उससे लगाव गहरा था। उन्होंने कहा कि अगर बेटी नहीं जाएगी तो हम भी नहीं जाएंगे। वह उसे सोते से उठाकर बिना मन के ही लेकर गए थे।
Trending Videos
हादसे के बाद चार शव गांव नगला वर लाए गए तो चीख पुकार मच गई। मासूम आराध्या की मां रो-रोकर कह रही थी कि मेरी बेटी तो जाना ही नहीं चाहती थी उसे तो लाड़ में उसके ताऊ ले गए थे। नीरज निवासी गांव नगला वर ने बताया कि उनके पिता पूर्व फौजी कामता प्रसाद (70) परिवार के लोगों के साथ दो कारों से कैला देवी मंदिर दर्शन के लिए 18 मार्च को गए थे। लौटते समय हादसा होने की सूचना मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार दोपहर बाद कामता प्रसाद, देवेंद्र, सीमा, आराध्या के शव गांव में पहुंचते ही चीत्कार मच गई। हादसे की जानकारी पर पहुंची कामता प्रसाद की बेटी मीना का रो-रोकर बुरा हाल था। वो कह रही थी कि पापा आप और मझले भैया तो ही थे जिन्हें मैं सब बता देती थी। अब मेरी कौन सुनेगा। मेरा तो पूरा संसार लुट गया। वहीं आराध्या की मां मीना का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह रो-रोकर कह रही थी कि मेरी बेटी तो जाना ही नहीं चाह रही थी। ताऊ के लाड़ में चली गई, .मुझे पता होता तो नहीं अपनी बिटिया नहीं भेजती।
नीरज ने बताया कि उनकी बेटी आराध्या जाने के लिए तैयार नहीं थी। वह रूठकर कमरे में जाकर सो गई थी, लेकिन आराध्या के ताऊ देवेंद्र का उससे लगाव गहरा था। उन्होंने कहा कि अगर बेटी नहीं जाएगी तो हम भी नहीं जाएंगे। वह उसे सोते से उठाकर बिना मन के ही लेकर गए थे।