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Farrukhabad News: 465 करोड़ से 49 किमी में बनेगा गंगा का तटबंध
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:55 AM IST
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फोटो-10, गंगा किनारे हो रहा कटान। संवाद
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फर्रुखाबाद। 465 करोड़ रुपये की लागत से 49 किलोमीटर गंगा का तटबंध बनाया जाएगा। इससे 90 राजस्व गांवों की करीब डेढ़ लाख आबादी को बाढ़ की विभीषिका से निजात मिलेगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जनपद में गंगा की लंबाई करीब 80 किलोमीटर क्षेत्र में है। जुलाई व अगस्त में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ के प्रकोप से फसलें नष्ट हो जाती हैं और गांव बाढ़ के पानी से घिर जाते हैं। कटान में भी ग्रामीणों का लाखों रुपये का हर वर्ष नुकसान होता है। बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए वर्षों से गंगा का तटबंध बनाने की मांग कई संगठन उठा रहे हैं।
बाढ़ की विभीषिका से ग्रामीणों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने 465 करोड़ रुपये की लागत से 49 किमी गंगा का तटबंध बनाने का प्रस्ताव भेजा था। तटबंध के निर्माण से हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले 90 राजस्व गांवों को राहत मिलेगी। इससे इन गांवों की करीब डेढ़ लाख आबादी बाढ़ के दौरान चैन की नींद सो सकेगी।
सिंचाई विभाग के सर्वे के अनुसार, अमृतपुर क्षेत्र में 22 किमी तटबंध का निर्माण कराया जाएगा, जबकि 27 किमी तटबंध ब्लॉक शमसाबाद क्षेत्र में बनाया जाएगा। जिले की सीमा तक गंगा की लंबाई 80 किमी होने से पिछली बैठकों में तटबंध की लंबाई और बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया जा चुका है। हालांकि भेज गए प्रस्ताव पर शासन से मंजूरी की हरी झंडी मिलती दिख रही है। तटबंध के निर्माण में सरकारी भूमि के अलावा बीच में यदि किसानों की भूमि आती है तो उसे भी अधिग्रहीत किया जाएगा। इसके लिए शासन से भेज गए पत्र में किसानों की सहमति लेने के आदेश दिए गए हैं। इससे सिंचाई विभाग अब किसानों से सहमति के लिए संपर्क भी कर रहा है।
वर्जन
शासन से आए आदेश के अनुसार तटबांध निर्माण कराने के लिए किसानों से सहमति ली जा रही है। यह सहमतिपत्र शासन को भेजा जाएगा। इसी के बाद शासन से मंजूरी मिलने के धनराशि आवंटित होगी और टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्यदायी संस्था का चयन कर तटबांध का निर्माण शुरू कराया जाएगा। -दुर्ण कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई
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जनपद में गंगा की लंबाई करीब 80 किलोमीटर क्षेत्र में है। जुलाई व अगस्त में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ के प्रकोप से फसलें नष्ट हो जाती हैं और गांव बाढ़ के पानी से घिर जाते हैं। कटान में भी ग्रामीणों का लाखों रुपये का हर वर्ष नुकसान होता है। बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए वर्षों से गंगा का तटबंध बनाने की मांग कई संगठन उठा रहे हैं।
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बाढ़ की विभीषिका से ग्रामीणों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने 465 करोड़ रुपये की लागत से 49 किमी गंगा का तटबंध बनाने का प्रस्ताव भेजा था। तटबंध के निर्माण से हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले 90 राजस्व गांवों को राहत मिलेगी। इससे इन गांवों की करीब डेढ़ लाख आबादी बाढ़ के दौरान चैन की नींद सो सकेगी।
सिंचाई विभाग के सर्वे के अनुसार, अमृतपुर क्षेत्र में 22 किमी तटबंध का निर्माण कराया जाएगा, जबकि 27 किमी तटबंध ब्लॉक शमसाबाद क्षेत्र में बनाया जाएगा। जिले की सीमा तक गंगा की लंबाई 80 किमी होने से पिछली बैठकों में तटबंध की लंबाई और बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया जा चुका है। हालांकि भेज गए प्रस्ताव पर शासन से मंजूरी की हरी झंडी मिलती दिख रही है। तटबंध के निर्माण में सरकारी भूमि के अलावा बीच में यदि किसानों की भूमि आती है तो उसे भी अधिग्रहीत किया जाएगा। इसके लिए शासन से भेज गए पत्र में किसानों की सहमति लेने के आदेश दिए गए हैं। इससे सिंचाई विभाग अब किसानों से सहमति के लिए संपर्क भी कर रहा है।
वर्जन
शासन से आए आदेश के अनुसार तटबांध निर्माण कराने के लिए किसानों से सहमति ली जा रही है। यह सहमतिपत्र शासन को भेजा जाएगा। इसी के बाद शासन से मंजूरी मिलने के धनराशि आवंटित होगी और टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्यदायी संस्था का चयन कर तटबांध का निर्माण शुरू कराया जाएगा। -दुर्ण कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई
