{"_id":"69c8292c38423188d30830ca","slug":"a-woman-troubled-by-illness-committed-suicide-by-hanging-herself-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-109619-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: बीमारी से परेशान महिला ने फंदा लगाकर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: बीमारी से परेशान महिला ने फंदा लगाकर दी जान
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। गांव धंसुआ में शनिवार सुबह कई साल से गंभीर बीमारी से जूझ रही एक महिला ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला को दुपट्टे के सहारे आंगन के जाल में लटका देख पुत्र ने शोर मचाया। उसे लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव धंसुआ निवासी यदुवीर श्रीवास्तव की पत्नी उमा ने यह दुखद कदम उठाया। उनके पुत्र दीपक श्रीवास्तव रोज की तरह शनिवार सुबह अपने पिता के साथ काम पर चले गए थे। दीपक रास्ते में अपना टिफिन घर पर भूल जाने के बाद वापस आए। घर पहुंचने पर उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन मां ने कोई जवाब नहीं दिया।
पड़ोसी की छत से अपने घर में देखने पर उन्होंने अपनी मां को दुपट्टे के फंदे से आंगन के जाल में लटका पाया। शोर मचाने पर अन्य लोग इकट्ठा हुए और उनकी मदद से उमा को नीचे उतारा गया। परिजन उन्हें साँस आने की उम्मीद में लोहिया अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दी गई और शव को मॉर्चुरी में रखवाकर पोस्टमार्टम कराया गया।
पुत्र दीपक ने बताया कि उनकी मां कई साल से सिर और गले के दर्द से पीड़ित थीं। इलाज के बावजूद उन्हें आराम नहीं मिल रहा था, जिससे वह लगातार परेशान रहती थीं। दीपक के अनुसार, उनकी मां अक्सर कहती थीं कि अब दर्द बर्दाश्त नहीं होता है। उनकी दवाएं अभी भी चल रही थीं।
Trending Videos
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव धंसुआ निवासी यदुवीर श्रीवास्तव की पत्नी उमा ने यह दुखद कदम उठाया। उनके पुत्र दीपक श्रीवास्तव रोज की तरह शनिवार सुबह अपने पिता के साथ काम पर चले गए थे। दीपक रास्ते में अपना टिफिन घर पर भूल जाने के बाद वापस आए। घर पहुंचने पर उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन मां ने कोई जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पड़ोसी की छत से अपने घर में देखने पर उन्होंने अपनी मां को दुपट्टे के फंदे से आंगन के जाल में लटका पाया। शोर मचाने पर अन्य लोग इकट्ठा हुए और उनकी मदद से उमा को नीचे उतारा गया। परिजन उन्हें साँस आने की उम्मीद में लोहिया अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दी गई और शव को मॉर्चुरी में रखवाकर पोस्टमार्टम कराया गया।
पुत्र दीपक ने बताया कि उनकी मां कई साल से सिर और गले के दर्द से पीड़ित थीं। इलाज के बावजूद उन्हें आराम नहीं मिल रहा था, जिससे वह लगातार परेशान रहती थीं। दीपक के अनुसार, उनकी मां अक्सर कहती थीं कि अब दर्द बर्दाश्त नहीं होता है। उनकी दवाएं अभी भी चल रही थीं।