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Farrukhabad News: आलू की बंपर आवक से मंडी में लगा चार किलोमीटर लंबा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:23 AM IST
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फोटो-11, सातनपुर मंडी रोड पर लगा लंबा जाम। संवाद
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फर्रुखाबाद। होली के बाद सोमवार को शहर की सातनपुर मंडी में आलू की आवक बढ़कर तीन गुनी हो गई। सोमवार को मंडी में करीब 225 ट्रक से अधिक आलू पहुंचा। इससे मंडी सड़क पर दोपहर तक जाम लगा रहा। आलू की ज्यादा आवक और बाहर की मंडियों में मांग न होने के चलते भाव भी धड़ाम हो गया। जाम में फंसकर घंटों इंतजार करने के बाद मंडी तक आलू लेकर पहुंचे किसान भाव की मंदी से मायूस दिखे।
शहर की सातनपुर मंडी में होली के त्योहार के चलते एक सप्ताह से करीब 70 से 80 ट्रक आलू आ रहा था। सोमवार को भोर से ही किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली में आलू भरकर मंडी का रुख किया। सुबह होते-होते मंडी आलू के वाहनों से खचाखच भर गई। इसके साथ ही मंडी सड़क पर सेंट्रल जेल चौराहे से लेकर देवरामपुर रेलवे क्रॉसिंग तक करीब चार किलोमीटर तक आलू भरे वाहनों की लाइन लग गई। इससे मंडी सड़क पर जाम लग गया।
सड़क किनारे खड़े खाली ट्रकों से जाम की समस्या और बढ़ गई। वहीं मंडी में आलू भरे वाहन आड़े-तिरछे खड़े होने से दिन भर जाम लगा रहा। इससे किसानों को पहले तो सड़क से मंडी तक पहुंचने में पसीना बहाना पड़ा, फिर मंडी में आलू की तौल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मंडी में करीब 225 ट्रक से अधिक आवक रही।
बिक्री शुरू हुई तो मंदी के बावजूद भाव 50 रुपये क्विंटल और टूटकर सामान्य आलू 251 रुपये से लेकर 521 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक्री हुई। दिन भर पसीना बहाने के बावजूद सस्ता आलू बिकने से किसानों के चेहरे मुरझा गए। उनके चेहरे पर थकान और मायूसी झलक रही थी। हालांकि लाल नीदरलैंड आलू का भाव 651 रुपये से लेकर 811 रुपये प्रति क्विंटल रहा। हालात यह हैं कि किसान अब भंडारण का बोझ सहने में असमर्थ है। मंडी सचिव अनूप कुमार दीक्षित ने बताया कि आलू अधिक आने से सुबह से दोपहर तक जाम की स्थिति बनी रही।
धूप की गर्मी और भाव की नर्मी से किसान हो रहा बर्बाद
मंदी की दोहरी मार झेल रहे किसान अब शीतगृहों के भंडारण का बोझ उठाने में असमर्थ दिख रहे हैं। इससे किसान खेत से आलू खोदने के बाद शीतगृह में भंडारण के बजाय खुले में आलू का ढेर लगा रहे हैं। अब हर दिन तापमान बढ़ रहा है। इससे तेज धूप और बढ़ती गर्मी से ढेर में लगा आलू अपनी सुंदरता खोता जा रहा है। धूप में रंग बदलने से यह आलू जब मंडी पहुंचता है तो भाव और घट जाता है। मंडी में आलू बेचने आए राई गांव के रमेश चंद्र, नवादा के हरीराम, अवनीश ने बताया कि अब तो उन्हें हर ओर बर्बादी ही दिख रही है। ढेर में लगा आलू यदि वह शीतगृह में भंडारित करते हैं तो 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल खर्च और बढ़ रहा है। यदि भाव में सुधार न हुआ तो भंडारण के खर्च का बोझ और बढ़ जाएगा। यदि सीधे मंडी पहुंचाते हैं तो आलू की खोदाई और भाड़ा निकालकर चंद रुपये ही बच रहे हैं। इससे आलू किसानों का फिर बर्बाद होना तय है।
यातायात पुलिस ने दोपहर तक बहाया पसीना
सेंट्रल जेल चौराहे से लेकर देवरामपुर रेलवे क्रॉसिंग तक सुबह आलू भरे वाहनों की लाइनें लग गईं। इससे मंडी सड़क पर जाम खुलवाने में यातायात के सिपाहियों को दिन भर जाम खुलवाने में पसीना बहाना पड़ा। मंडी के अंदर यातायात व्यवस्था सही न होने से जाम की स्थिति विकराल हो जाती है। मंडी गेट से लेकर अंदर तक वाहन आड़े-तिरछे खड़े होने से मंडी में वाहन घुसने में ही दिक्कत होती है। इसी वजह से जाम की स्थिति और विकराल हो जाती है। खाली वाहनों को मंडी से बाहर निकालने के लिए दूसरा गेट खोला गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क किनारे खाली ट्रक खड़े होने से जाम लग रहा है। वह जल्द ही खाली ट्रकों को सड़क किनारे से हटाने के लिए ट्रांसपोर्टरों से बातचीत कर समस्या का स्थायी हल खोजने का प्रयास करेंगे।
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शहर की सातनपुर मंडी में होली के त्योहार के चलते एक सप्ताह से करीब 70 से 80 ट्रक आलू आ रहा था। सोमवार को भोर से ही किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली में आलू भरकर मंडी का रुख किया। सुबह होते-होते मंडी आलू के वाहनों से खचाखच भर गई। इसके साथ ही मंडी सड़क पर सेंट्रल जेल चौराहे से लेकर देवरामपुर रेलवे क्रॉसिंग तक करीब चार किलोमीटर तक आलू भरे वाहनों की लाइन लग गई। इससे मंडी सड़क पर जाम लग गया।
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सड़क किनारे खड़े खाली ट्रकों से जाम की समस्या और बढ़ गई। वहीं मंडी में आलू भरे वाहन आड़े-तिरछे खड़े होने से दिन भर जाम लगा रहा। इससे किसानों को पहले तो सड़क से मंडी तक पहुंचने में पसीना बहाना पड़ा, फिर मंडी में आलू की तौल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मंडी में करीब 225 ट्रक से अधिक आवक रही।
बिक्री शुरू हुई तो मंदी के बावजूद भाव 50 रुपये क्विंटल और टूटकर सामान्य आलू 251 रुपये से लेकर 521 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक्री हुई। दिन भर पसीना बहाने के बावजूद सस्ता आलू बिकने से किसानों के चेहरे मुरझा गए। उनके चेहरे पर थकान और मायूसी झलक रही थी। हालांकि लाल नीदरलैंड आलू का भाव 651 रुपये से लेकर 811 रुपये प्रति क्विंटल रहा। हालात यह हैं कि किसान अब भंडारण का बोझ सहने में असमर्थ है। मंडी सचिव अनूप कुमार दीक्षित ने बताया कि आलू अधिक आने से सुबह से दोपहर तक जाम की स्थिति बनी रही।
धूप की गर्मी और भाव की नर्मी से किसान हो रहा बर्बाद
मंदी की दोहरी मार झेल रहे किसान अब शीतगृहों के भंडारण का बोझ उठाने में असमर्थ दिख रहे हैं। इससे किसान खेत से आलू खोदने के बाद शीतगृह में भंडारण के बजाय खुले में आलू का ढेर लगा रहे हैं। अब हर दिन तापमान बढ़ रहा है। इससे तेज धूप और बढ़ती गर्मी से ढेर में लगा आलू अपनी सुंदरता खोता जा रहा है। धूप में रंग बदलने से यह आलू जब मंडी पहुंचता है तो भाव और घट जाता है। मंडी में आलू बेचने आए राई गांव के रमेश चंद्र, नवादा के हरीराम, अवनीश ने बताया कि अब तो उन्हें हर ओर बर्बादी ही दिख रही है। ढेर में लगा आलू यदि वह शीतगृह में भंडारित करते हैं तो 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल खर्च और बढ़ रहा है। यदि भाव में सुधार न हुआ तो भंडारण के खर्च का बोझ और बढ़ जाएगा। यदि सीधे मंडी पहुंचाते हैं तो आलू की खोदाई और भाड़ा निकालकर चंद रुपये ही बच रहे हैं। इससे आलू किसानों का फिर बर्बाद होना तय है।
यातायात पुलिस ने दोपहर तक बहाया पसीना
सेंट्रल जेल चौराहे से लेकर देवरामपुर रेलवे क्रॉसिंग तक सुबह आलू भरे वाहनों की लाइनें लग गईं। इससे मंडी सड़क पर जाम खुलवाने में यातायात के सिपाहियों को दिन भर जाम खुलवाने में पसीना बहाना पड़ा। मंडी के अंदर यातायात व्यवस्था सही न होने से जाम की स्थिति विकराल हो जाती है। मंडी गेट से लेकर अंदर तक वाहन आड़े-तिरछे खड़े होने से मंडी में वाहन घुसने में ही दिक्कत होती है। इसी वजह से जाम की स्थिति और विकराल हो जाती है। खाली वाहनों को मंडी से बाहर निकालने के लिए दूसरा गेट खोला गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क किनारे खाली ट्रक खड़े होने से जाम लग रहा है। वह जल्द ही खाली ट्रकों को सड़क किनारे से हटाने के लिए ट्रांसपोर्टरों से बातचीत कर समस्या का स्थायी हल खोजने का प्रयास करेंगे।

फोटो-11, सातनपुर मंडी रोड पर लगा लंबा जाम। संवाद