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Farrukhabad News: फर्जीवाड़ा कर मंडी से लाइसेंस लेने वाले पर होगी एफआईआर, फंसेंगे अधिकारी
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फर्रुखाबाद। फर्जीवाड़ा कर मजदूर के नाम पर मंडी में कारोबार करने का लाइसेंस हासिल करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए सातनपुर मंडी की पदेन सभापति सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने सचिव से खरीद व बिक्री संबंधी दस्तावेजों के साथ पंजीकरण में लगाए गए कागजात तलब किए हैं। कई अधिकारियों का फंसना तय माना जा रहा है।
कन्नौज के थाना गुरसहायगंज के गांव बनियानी ऊंचा निवासी मजदूर महेंद्र सिंह के नाम पर सातनपुर मंडी में अंजली ट्रेडर्स नाम से आढ़त का लाइसेंस वर्ष 2020-21 में लिया गया था। इस लाइसेंस पर मंडी में करोड़ों का कारोबार वर्ष 2023 तक होता रहा। इसके बाद इस लाइसेंस पर कारोबार बंद हो गया। इस बीच इस लाइसेंस पर 69.11 लाख रुपये मंडी शुल्क बकाया हो गया। मंडी सचिव ने एक मई को धनराशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था। इससे परेशान महेंद्र ने सातनपुर स्थित मंडी में सचिव कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए। उसे संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी भी मांगी थी। पर उसे जानकारी नहीं दी गई।
इसके बाद मंगलवार को कलक्ट्रेट में आत्मदाह करने पहुंच गया था। एलआईयू कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और उसकी बात सुनने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को महेंद्र व मंडी सचिव को अपने कार्यालय बुलाया। मंडी सचिव से पंजीकरण से संबंधित कागजात महेंद्र को उपलब्ध कराने को कहा। बताया कि पंजीकरण के कागजात लखनऊ में हैं। वहां से फाइल मंगाने पर उपलब्ध कराई जाएगी। मंडी सचिव अनूप दीक्षित ने बताया कि जांच की जा रही है। पंजीकरण संबंधी फाइल लखनऊ से मंगाई गई है।
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सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि पंजीकरण संबंधी कागजात सामने आने पर पता चलेगा कि फर्जीवाड़ा कैसे हुआ। उसी आधार पर महेंद्र को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
लाइसेंस लेने में आधार कार्ड के साथ लगते दो गारंटर
मंडी में कारोबार करने का लाइसेंस लेने के लिए आधार कार्ड के साथ दो गारंटर की भी जरूरत पड़ती है। साथ ही लाइसेंस धारक की फोटो लगती है और मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाता है। जो मोबाइल नंबर इस लाइसेंस पर लगा था वह बंद जा रहा है। जिसने मंडी में कारोबार किया और उसके गेटपास भी कटवाए तो उसे मंडी के अधिकारी भी जानते होंगे। साथ ही गारंटरों के नाम सामने आने पर भी स्थिति साफ हो सकती है। इस पूरे खेले में तत्कालीन अधिकारियों के शामिल होने की आशंका है।
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कन्नौज के थाना गुरसहायगंज के गांव बनियानी ऊंचा निवासी मजदूर महेंद्र सिंह के नाम पर सातनपुर मंडी में अंजली ट्रेडर्स नाम से आढ़त का लाइसेंस वर्ष 2020-21 में लिया गया था। इस लाइसेंस पर मंडी में करोड़ों का कारोबार वर्ष 2023 तक होता रहा। इसके बाद इस लाइसेंस पर कारोबार बंद हो गया। इस बीच इस लाइसेंस पर 69.11 लाख रुपये मंडी शुल्क बकाया हो गया। मंडी सचिव ने एक मई को धनराशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था। इससे परेशान महेंद्र ने सातनपुर स्थित मंडी में सचिव कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए। उसे संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी भी मांगी थी। पर उसे जानकारी नहीं दी गई।
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इसके बाद मंगलवार को कलक्ट्रेट में आत्मदाह करने पहुंच गया था। एलआईयू कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और उसकी बात सुनने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को महेंद्र व मंडी सचिव को अपने कार्यालय बुलाया। मंडी सचिव से पंजीकरण से संबंधित कागजात महेंद्र को उपलब्ध कराने को कहा। बताया कि पंजीकरण के कागजात लखनऊ में हैं। वहां से फाइल मंगाने पर उपलब्ध कराई जाएगी। मंडी सचिव अनूप दीक्षित ने बताया कि जांच की जा रही है। पंजीकरण संबंधी फाइल लखनऊ से मंगाई गई है।
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सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि पंजीकरण संबंधी कागजात सामने आने पर पता चलेगा कि फर्जीवाड़ा कैसे हुआ। उसी आधार पर महेंद्र को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
लाइसेंस लेने में आधार कार्ड के साथ लगते दो गारंटर
मंडी में कारोबार करने का लाइसेंस लेने के लिए आधार कार्ड के साथ दो गारंटर की भी जरूरत पड़ती है। साथ ही लाइसेंस धारक की फोटो लगती है और मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाता है। जो मोबाइल नंबर इस लाइसेंस पर लगा था वह बंद जा रहा है। जिसने मंडी में कारोबार किया और उसके गेटपास भी कटवाए तो उसे मंडी के अधिकारी भी जानते होंगे। साथ ही गारंटरों के नाम सामने आने पर भी स्थिति साफ हो सकती है। इस पूरे खेले में तत्कालीन अधिकारियों के शामिल होने की आशंका है।