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Farrukhabad News: रेलवे ने ट्रेनों की स्पीड में बाधक धर्मस्थल को हटाया
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फर्रुखाबाद। ट्रेनों की गति, सुरक्षा, संरक्षा और सुंदरीकरण में बाधक बने धर्मस्थल को रेल प्रशासन ने अपनी जमीन से हटा दिया। सहायक मंडल इंजीनियर (एडीईएन) सुयश द्विवेदी की अगुवाई में बुधवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अंजाम तक पहुंच गई। इस दौरान रेलवे की आईबी, एसआईबी के अधिकारी और आरपीएफ व जीआरपी कर्मी मौजूद रहे।
रेलवे स्टेशन के छह और सात नंबर ट्रैक के बीच कई दशकों से एक धर्मस्थल बना था। इसकी वजह से करीब पांच साल पहले मालगोदाम के उच्चीकरण के दौरान 200 मीटर दूरी तक प्लेटफार्म को तीन मीटर अंदर तक तिरछा करना पड़ा था। लिहाजा मालगाड़ी को बेहद धीमी गति से प्लेटफार्म पर लगाना और हटाना पड़ रहा था। यही नहीं आने वाले समय में रेलवे सभी ट्रेनों की स्पीड में बढ़ोतरी करने जा रहा है। कर्व (तिरछापन) होने की वजह से खासी दिक्कत आ रही थी। इस समय अमृत योजना के तहत रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण भी चल रहा है।
रेलवे बोर्ड ने तीन साल पहले रेलवे परिसरों में अवैध रूप से बने धर्मस्थलों की रिपोर्ट मांगी थी। दो साल पहले इन सभी स्थलों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। कई बार धर्मस्थलों पर नोटिस भी चस्पा किए गए। एडीईएन सुयश द्विवेदी ने उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार सुबह करीब 10 बजे आरपीएफ, जीआरपी को तैनात करके इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों से धर्मस्थल को हटाने का काम शुरू कराया। बाउंड्रीवाल टूटने के बाद कुछ देर काम रुका, मगर बाद में पूरा धर्मस्थल हटा दिया गया। एसडीएम सदर गजराज सिंह एक नंबर प्लेटफार्म पर बैठे रहे। दोपहर बाद एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने भी मौका मुआयना किया। एडीईएन सुयश द्विवेदी ने बताया कि धर्मस्थल हटा दिया गया।
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जिला प्रशासन के इन्कार पर एक घंटे रुका काम
फर्रुखाबाद। रेलवे अफसरों ने अपने कर्मचारियों को लगाकर सुबह 11 बजे तक धर्मस्थल की बाउंड्रीवाल को हटा दिया था। इसी दौरान मेडिकल चौकी प्रभारी रामकेश ने आरपीएफ इंटेलीजेंस के अधिकारी से कहा कि जिला प्रशासन ने फिलहाल काम रोकने को कहा है। एडीईएन ने जिले के अफसरों से वार्ता कर डीआरएम को भी हालात से अवगत करवाया। बताया कि आधा काम बचा है। दोबारा इतने अफसरों का एकत्रित होना मुश्किल होगा। उन्होंने आठ दिन पहले ही जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अवगत करा दिया था। करीब एक घंटे बाद आरपीएफ के इंटेलीजेंस अधिकारी ने एडीईएन से कहा कि अब हटवाने का काम पूरा कर लें। दोबारा करीब डेढ़ घंटे में पूरा धर्मस्थल हटाकर मलबा तक फिंकवा दिया गया। इस दौरान कोई भी विरोध करने नहीं पहुंचा। (संवाद)
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हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी पहुंचे
फर्रुखाबाद। हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी सनी गुप्ता की अगुवाई में कई कार्यकर्ता भी पहुंचे। काम को जब रोका गया तो उन्होंने विरोध जताया। धमकी दी कि यदि पूरी तरह धर्मस्थल नहीं हटाया गया तो वे यहीं बैठ जाएंगे। हालांकि इस दौरान पुलिस अधिकारी उन्हें समझाते दिखे। कुछ ही देर में पूरा धर्मस्थल हटने पर कहा कि अब सुंदरीकरण हो सकेगा। इसका फायदा हर धर्म के लोगों को होगा। (संवाद)
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रेलवे स्टेशन के छह और सात नंबर ट्रैक के बीच कई दशकों से एक धर्मस्थल बना था। इसकी वजह से करीब पांच साल पहले मालगोदाम के उच्चीकरण के दौरान 200 मीटर दूरी तक प्लेटफार्म को तीन मीटर अंदर तक तिरछा करना पड़ा था। लिहाजा मालगाड़ी को बेहद धीमी गति से प्लेटफार्म पर लगाना और हटाना पड़ रहा था। यही नहीं आने वाले समय में रेलवे सभी ट्रेनों की स्पीड में बढ़ोतरी करने जा रहा है। कर्व (तिरछापन) होने की वजह से खासी दिक्कत आ रही थी। इस समय अमृत योजना के तहत रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण भी चल रहा है।
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रेलवे बोर्ड ने तीन साल पहले रेलवे परिसरों में अवैध रूप से बने धर्मस्थलों की रिपोर्ट मांगी थी। दो साल पहले इन सभी स्थलों को हटाने के निर्देश भी दिए गए। कई बार धर्मस्थलों पर नोटिस भी चस्पा किए गए। एडीईएन सुयश द्विवेदी ने उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार सुबह करीब 10 बजे आरपीएफ, जीआरपी को तैनात करके इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों से धर्मस्थल को हटाने का काम शुरू कराया। बाउंड्रीवाल टूटने के बाद कुछ देर काम रुका, मगर बाद में पूरा धर्मस्थल हटा दिया गया। एसडीएम सदर गजराज सिंह एक नंबर प्लेटफार्म पर बैठे रहे। दोपहर बाद एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने भी मौका मुआयना किया। एडीईएन सुयश द्विवेदी ने बताया कि धर्मस्थल हटा दिया गया।
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जिला प्रशासन के इन्कार पर एक घंटे रुका काम
फर्रुखाबाद। रेलवे अफसरों ने अपने कर्मचारियों को लगाकर सुबह 11 बजे तक धर्मस्थल की बाउंड्रीवाल को हटा दिया था। इसी दौरान मेडिकल चौकी प्रभारी रामकेश ने आरपीएफ इंटेलीजेंस के अधिकारी से कहा कि जिला प्रशासन ने फिलहाल काम रोकने को कहा है। एडीईएन ने जिले के अफसरों से वार्ता कर डीआरएम को भी हालात से अवगत करवाया। बताया कि आधा काम बचा है। दोबारा इतने अफसरों का एकत्रित होना मुश्किल होगा। उन्होंने आठ दिन पहले ही जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अवगत करा दिया था। करीब एक घंटे बाद आरपीएफ के इंटेलीजेंस अधिकारी ने एडीईएन से कहा कि अब हटवाने का काम पूरा कर लें। दोबारा करीब डेढ़ घंटे में पूरा धर्मस्थल हटाकर मलबा तक फिंकवा दिया गया। इस दौरान कोई भी विरोध करने नहीं पहुंचा। (संवाद)
हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी पहुंचे
फर्रुखाबाद। हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी सनी गुप्ता की अगुवाई में कई कार्यकर्ता भी पहुंचे। काम को जब रोका गया तो उन्होंने विरोध जताया। धमकी दी कि यदि पूरी तरह धर्मस्थल नहीं हटाया गया तो वे यहीं बैठ जाएंगे। हालांकि इस दौरान पुलिस अधिकारी उन्हें समझाते दिखे। कुछ ही देर में पूरा धर्मस्थल हटने पर कहा कि अब सुंदरीकरण हो सकेगा। इसका फायदा हर धर्म के लोगों को होगा। (संवाद)