फर्रुखाबाद। लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के उल्लंघन के मामले में नामजद पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी ने बुधवार को फतेहगढ़ स्थित एमपी-एमएलए न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट युगल शंभु ने सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दे दी। इसी मुकदमे में समाजवादी पार्टी से लोकसभा प्रत्याशी रहे नवल किशोर शाक्य तथा महानगर अध्यक्ष रजत क्रांतिकारी भी जमानत करवा चुके हैं।
कोतवाली फतेहगढ़ में तैनात दरोगा मिथलेश कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कहा था कि 24 अप्रैल 2024 को नामांकन के दौरान कलक्ट्रेट परिसर के बाहर धारा-144 और आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू थी। प्रत्याशी सहित केवल तीन वाहनों एवं अधिकतम 15 व्यक्तियों को मुख्य गेट तक आने तथा उनमें से मात्र पांच लोगों को प्रत्याशी के साथ भीतर प्रवेश की अनुमति थी। सपा प्रत्याशी नवल किशोर शाक्य, चंद्रपाल सिंह यादव, रजत क्रांतिकारी और पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी 40 से 50 समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए। पुलिस के रोकने और चेतावनी देने के बावजूद भीड़ आगे बढ़ी। नवल किशोर शाक्य, सपा जिला अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, महानगर अध्यक्ष रजत महेश्वरी उर्फ रजत क्रांतिकारी तथा पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर 11 सितंबर 2024 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मुकदमे में शामिल 40-50 अज्ञात समर्थकों के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य न मिलने पर उनके नाम विवेचना के दौरान हटा दिए गए।