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गुरु पूर्णिमा : गंगा में स्नान, संतों को कराया भोज
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फोटो-19 पांचाल घाट पर गंगा में स्नान करते श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
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फर्रुखाबाद। गुरु पूर्णिमा पर गंगा तटों पर भक्तों की भीड़ रही। स्नान के बाद आश्रमों में संतों का दर्शन कर पूजन किया। इसके बाद वहां संतों को भोजन कराकर व दान देकर विदा किया। पांचाल घाट ऋषि आश्रम में यज्ञ के साथ हरिनाम अखंड संकीर्तन का समापन हुआ। दुर्वासा ऋषि आश्रम में भी संतों और भक्तों की शाम तक भीड़ रही।
पांचाल घाट पर बुधवार सुबह चार बजे से ही हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ स्नान शुरू हो गया। पुरानी घटिया और बंधा पर स्थित संतों के आश्रमों में भी रात से ही खासी चहलकदमी रही। संतों के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगने लगी। पूजन करके दान देकर प्रसाद ग्रहण कर लोग विदा होते रहे। इसके बाद दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने भोजन किया। देर शाम तक लोगों का आश्रमों में तांता लगा रहा। पांचाल घाट पुल पर कई बार जाम लगा। हालांकि, पुल पर बीच में खड़े सुरक्षा कर्मी वाहनों को रुकने नहीं दे रहे थे।
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गुरु ही हैं ज्ञान का प्रकाश : अर्चना
फर्रुखाबाद। गुरु पूर्णिमा पर शहर के प्रसिद्ध माता मंदिरों में गुरुगांव देवी व बढ़पुर, पांडवेश्वरनाथ शिवालय, महाकाल मंदिर आराकसान, संकटा माता मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। भोर में कपाट खुलने से पहले ही भक्तों की लाइनें लग गईं। शाम तक दूरदराज से आए लोगों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। बढ़पुर मंंदिर के पास सड़क किनारे लगी दुकानों पर खरीदारी भी हुई। महाकाल मंदिर की महंत अर्चना दीक्षित ने कहा कि गुरु ही हमारे जीवन में अज्ञानता रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान हैं। गुरु के बिना ज्ञान, संस्कार और चरित्र का निर्माण असंभव है। गुरु पूजन में नए वस्त्र, पांच फल, पांच मिष्ठान, पूड़ी, सब्जी, रायता का भोग लगाया गया। आलोक दीक्षित, हरि ओम गहलोत, गाजियाबाद की लता कटियार, गोलू, शिखा, शिवांगी, श्वेता, लालाराम, रामबाबू चौरसिया तथा निर्मला बाजपेई आदि का सहयोग रहा। (संवाद)
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फोटो-21 शमसाबाद-ढाई घाट गंगा के पुल पर लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
ढाई घाट पर पर श्रद्धालुओं की भीड़, पुल पर लगा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शमसाबाद। ढाईघाट पर भीड़ के चलते मार्ग पर दो घंटे तक जाम लगा रहा। तीन किमी तक फंसे वाहनों में बैठे लोगों को चटख धूप में खासी दिक्कत हुई। जाम में फंसे जलालाबाद से आए संत श्याम दास महाराज और रघुवर दास महाराज के शिष्य सुबोध की बाइक का एक दरोगा ने चालान काट दिया। इस पर विवाद खड़ा हो गया। दोनों संत समर्थकों के साथ पुल पर जा पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं को परेशान करने पर धरना देने की चेतावनी दी। पुलिस और संतों की झड़प के चलते भी जाम लंबा हो गया। चीता पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया।
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मंदिरों में पूजन, गूंजते रहे जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी
कंपिल। नगर के प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर, कालेश्वर नाथ मंदिर, कपिल मुनि आश्रम, द्रौपदी कुंड, गंगेश्वर महादेव, वनखंडी नाथ मंदिर, भूतेश्वर नाथ मंदिर और गीता ज्ञान 11 खंडीय मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान शिव, गुरु और महर्षि वेदव्यास का पूजन-अर्चन किया गया। मंदिरों में जयकारे गूंजते रहे। सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
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फोटो-22 ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर बाबा शिव को माल्यार्पण के लिए तैयार भक्तजन। स्रोत: स्वयं
आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संकल्प
फर्रुखाबाद। ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र की प्रभारी शोभा बहन की देखरेख में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास से मनाया गया। शोभा ने कहा कि संसार में अनेक गुरु हो सकते हैं, लेकिन सच्चे सतगुरु निराकार परमपिता परमात्मा शिव बाबा हैं। वे ही आत्माओं को सत्य ज्ञान देकर अज्ञान के अंधकार से निकालकर सुख, शांति और पवित्रता का मार्ग दिखाते हैं। गुरु पूर्णिमा केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्म परिवर्तन और ईश्वरीय शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का श्रेष्ठ अवसर है। (संवाद)
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पांचाल घाट पर बुधवार सुबह चार बजे से ही हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ स्नान शुरू हो गया। पुरानी घटिया और बंधा पर स्थित संतों के आश्रमों में भी रात से ही खासी चहलकदमी रही। संतों के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगने लगी। पूजन करके दान देकर प्रसाद ग्रहण कर लोग विदा होते रहे। इसके बाद दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने भोजन किया। देर शाम तक लोगों का आश्रमों में तांता लगा रहा। पांचाल घाट पुल पर कई बार जाम लगा। हालांकि, पुल पर बीच में खड़े सुरक्षा कर्मी वाहनों को रुकने नहीं दे रहे थे।
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गुरु ही हैं ज्ञान का प्रकाश : अर्चना
फर्रुखाबाद। गुरु पूर्णिमा पर शहर के प्रसिद्ध माता मंदिरों में गुरुगांव देवी व बढ़पुर, पांडवेश्वरनाथ शिवालय, महाकाल मंदिर आराकसान, संकटा माता मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। भोर में कपाट खुलने से पहले ही भक्तों की लाइनें लग गईं। शाम तक दूरदराज से आए लोगों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। बढ़पुर मंंदिर के पास सड़क किनारे लगी दुकानों पर खरीदारी भी हुई। महाकाल मंदिर की महंत अर्चना दीक्षित ने कहा कि गुरु ही हमारे जीवन में अज्ञानता रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान हैं। गुरु के बिना ज्ञान, संस्कार और चरित्र का निर्माण असंभव है। गुरु पूजन में नए वस्त्र, पांच फल, पांच मिष्ठान, पूड़ी, सब्जी, रायता का भोग लगाया गया। आलोक दीक्षित, हरि ओम गहलोत, गाजियाबाद की लता कटियार, गोलू, शिखा, शिवांगी, श्वेता, लालाराम, रामबाबू चौरसिया तथा निर्मला बाजपेई आदि का सहयोग रहा। (संवाद)
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फोटो-21 शमसाबाद-ढाई घाट गंगा के पुल पर लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
ढाई घाट पर पर श्रद्धालुओं की भीड़, पुल पर लगा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शमसाबाद। ढाईघाट पर भीड़ के चलते मार्ग पर दो घंटे तक जाम लगा रहा। तीन किमी तक फंसे वाहनों में बैठे लोगों को चटख धूप में खासी दिक्कत हुई। जाम में फंसे जलालाबाद से आए संत श्याम दास महाराज और रघुवर दास महाराज के शिष्य सुबोध की बाइक का एक दरोगा ने चालान काट दिया। इस पर विवाद खड़ा हो गया। दोनों संत समर्थकों के साथ पुल पर जा पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं को परेशान करने पर धरना देने की चेतावनी दी। पुलिस और संतों की झड़प के चलते भी जाम लंबा हो गया। चीता पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया।
मंदिरों में पूजन, गूंजते रहे जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी
कंपिल। नगर के प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर, कालेश्वर नाथ मंदिर, कपिल मुनि आश्रम, द्रौपदी कुंड, गंगेश्वर महादेव, वनखंडी नाथ मंदिर, भूतेश्वर नाथ मंदिर और गीता ज्ञान 11 खंडीय मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान शिव, गुरु और महर्षि वेदव्यास का पूजन-अर्चन किया गया। मंदिरों में जयकारे गूंजते रहे। सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
फोटो-22 ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर बाबा शिव को माल्यार्पण के लिए तैयार भक्तजन। स्रोत: स्वयं
आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संकल्प
फर्रुखाबाद। ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र की प्रभारी शोभा बहन की देखरेख में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास से मनाया गया। शोभा ने कहा कि संसार में अनेक गुरु हो सकते हैं, लेकिन सच्चे सतगुरु निराकार परमपिता परमात्मा शिव बाबा हैं। वे ही आत्माओं को सत्य ज्ञान देकर अज्ञान के अंधकार से निकालकर सुख, शांति और पवित्रता का मार्ग दिखाते हैं। गुरु पूर्णिमा केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्म परिवर्तन और ईश्वरीय शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का श्रेष्ठ अवसर है। (संवाद)

फोटो-19 पांचाल घाट पर गंगा में स्नान करते श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद

फोटो-19 पांचाल घाट पर गंगा में स्नान करते श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद