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Farrukhabad News: रोजवेज बसों की कमी से मुश्किल में यात्री
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फर्रुखाबाद। रोडवेज डिपो की कंडम 28 बसों में से 17 नीलाम कर दी गईं, मगर अब तक मात्र 10 बसें ही मिली हैं। इनमें भेजी गईं तीन बसें चंद सालों में अपनी उम्र पूरी कर लेंगी। कनेक्टिंग रूट पर बसें चलाकर जिम्मेदार कागजी खानापूरी कर रहे हैं। फिलहाल डिपो के बेड़े में निगम की 87 और 24 अनुबंधित बसें शामिल हैं।
जिले से सबसे अधिक दिल्ली, आगरा, कानपुर, हरदोई, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, इटावा जिलों के लिए यात्री निकलते हैं। नौ मई को बस अड्डा पहुंचे परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को 28 बसें कंडम मिलने के बाद उन्होंने निगम के प्रबंधक की जमकर क्लास लगाई थी। आनन-फानन एमडी ने 17 बसों को नीलाम करवा दिया था। इसके बाद निगम के अफसरों ने आसपास जिलों के डिपो से 10 बसें भेजीं। इनमें सात चंद दिन चली हुई थीं और तीन इतनी पुरानी कि वह कुछ साल में ही अपनी नीलामी की उम्र पूरी कर लेंगी। सात बसों की कमी और कबाड़ बसें सही से रोड पर न चल पाने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक हरदोई रूट पर सात बसें चल रही थीं, मगर अब मात्र पांच चलाई जा रही हैं। इन बसों को भी आगरा से हरदोई तक जोड़ा गया है।
इस समय डिपो के पास 111 बसें हैं, इनमें 24 अनुबंधित हैं। अनुबंधित बसें शाहजहांपुर, हरदोई और एटा के बीच चलाई जाती हैं। कानपुर, आगरा, हरदोई के लिए बसें कम होने से यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं। परिवहन मंत्री के निर्देश पर अयोध्या व प्रयागराज के लिए दो नई बसें चलाई जा रही हैं, जबकि वाराणसी के लिए अभी अनुमति का इंतजार है। एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि निगम नई बसें खरीदेगा, तभी मांगपत्र भेजा जाएगा। फिलहाल यात्रियों को दिक्कतें होने की कहीं शिकायत नहीं मिल रही है।
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जिले से सबसे अधिक दिल्ली, आगरा, कानपुर, हरदोई, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, इटावा जिलों के लिए यात्री निकलते हैं। नौ मई को बस अड्डा पहुंचे परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को 28 बसें कंडम मिलने के बाद उन्होंने निगम के प्रबंधक की जमकर क्लास लगाई थी। आनन-फानन एमडी ने 17 बसों को नीलाम करवा दिया था। इसके बाद निगम के अफसरों ने आसपास जिलों के डिपो से 10 बसें भेजीं। इनमें सात चंद दिन चली हुई थीं और तीन इतनी पुरानी कि वह कुछ साल में ही अपनी नीलामी की उम्र पूरी कर लेंगी। सात बसों की कमी और कबाड़ बसें सही से रोड पर न चल पाने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक हरदोई रूट पर सात बसें चल रही थीं, मगर अब मात्र पांच चलाई जा रही हैं। इन बसों को भी आगरा से हरदोई तक जोड़ा गया है।
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इस समय डिपो के पास 111 बसें हैं, इनमें 24 अनुबंधित हैं। अनुबंधित बसें शाहजहांपुर, हरदोई और एटा के बीच चलाई जाती हैं। कानपुर, आगरा, हरदोई के लिए बसें कम होने से यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं। परिवहन मंत्री के निर्देश पर अयोध्या व प्रयागराज के लिए दो नई बसें चलाई जा रही हैं, जबकि वाराणसी के लिए अभी अनुमति का इंतजार है। एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि निगम नई बसें खरीदेगा, तभी मांगपत्र भेजा जाएगा। फिलहाल यात्रियों को दिक्कतें होने की कहीं शिकायत नहीं मिल रही है।
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