{"_id":"69f250c5b962700b8607a5a4","slug":"passengers-wandered-around-waiting-for-buses-on-the-roadways-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-110080-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: रोडवेज पर बसों के इंतजार में भटकते रहे यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: रोडवेज पर बसों के इंतजार में भटकते रहे यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 30 Apr 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
फोटो-27 रोडवेज बस अड्डा पर मंगलवार रात दिल्ली की बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
- फोटो : अमर उजाला/संवाद
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। हरदोई के मल्लावां में प्रधानमंत्री की सभा में डिपो की 70 बसें चली जाने के बाद यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई। मंगलवार दोपहर बाद से ही बसों की कमी से यात्री परेशान होने लगे। इटावा डिपो की 20 बसें भी नाकाफी साबित हुईं। बुधवार देर रात तक बसों के इंतजार में यात्री भटकते रहे। ऐसे में निजी बसों में यात्रियों की खासी भीड़ रही।
डिपो की 70 बसों को मंगलवार दोपहर में ही कन्नौज के जलालाबाद और तालग्राम ब्लाकों के लिए रवाना कर दिया गया था। इनमें दिल्ली, लखनऊ और आगरा रूट की सभी बसें शामिल थीं। लिहाजा स्थानीय अधिकारियों ने कुछ अन्य रूटों की बसों को दिल्ली के लिए रवाना किया। इटावा डिपो की 20 बसों को दिल्ली भेजा गया। मगर शाम सात बजे के बाद स्थानीय डिपो एक भी बस उपलब्ध नहीं करवा सका। ऐसे में यात्रियों को कौशांबी, गाजियाबाद आदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बसें आने पर ही यात्री धक्का-मुक्की करके चढ़ सके। रात भर बस अड्डे पर यात्री भटकते रहे। बुधवार दिन में भी यात्रियों को दो-दो घंटे इंतजार के बाद बसें मिल सकीं। देर शाम बसें सभा से लौटनी शुरू हुईं। इसके बाद ही बस अड्डा पर यात्रियों को राहत मिली।
-- -- -- -- -- -- -- -
पूछताछ काउंटर पर विवाद
दिन भर पूछताछ काउंटर पर यात्रियों का कर्मचारियों से विवाद होता रहा। यात्री बसों के बारे में जानकारी लेते रहे तो कर्मचारी किसी अन्य डिपो की बस आने पर ही रवाना होने की बात बताते रहे। इसको लेकर कई बार यात्री नाराज भी हुए।
Trending Videos
डिपो की 70 बसों को मंगलवार दोपहर में ही कन्नौज के जलालाबाद और तालग्राम ब्लाकों के लिए रवाना कर दिया गया था। इनमें दिल्ली, लखनऊ और आगरा रूट की सभी बसें शामिल थीं। लिहाजा स्थानीय अधिकारियों ने कुछ अन्य रूटों की बसों को दिल्ली के लिए रवाना किया। इटावा डिपो की 20 बसों को दिल्ली भेजा गया। मगर शाम सात बजे के बाद स्थानीय डिपो एक भी बस उपलब्ध नहीं करवा सका। ऐसे में यात्रियों को कौशांबी, गाजियाबाद आदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बसें आने पर ही यात्री धक्का-मुक्की करके चढ़ सके। रात भर बस अड्डे पर यात्री भटकते रहे। बुधवार दिन में भी यात्रियों को दो-दो घंटे इंतजार के बाद बसें मिल सकीं। देर शाम बसें सभा से लौटनी शुरू हुईं। इसके बाद ही बस अड्डा पर यात्रियों को राहत मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूछताछ काउंटर पर विवाद
दिन भर पूछताछ काउंटर पर यात्रियों का कर्मचारियों से विवाद होता रहा। यात्री बसों के बारे में जानकारी लेते रहे तो कर्मचारी किसी अन्य डिपो की बस आने पर ही रवाना होने की बात बताते रहे। इसको लेकर कई बार यात्री नाराज भी हुए।
