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Farrukhabad News: बाढ़ में गुल बिजली सालभर बाद भी नहीं हो सकी बहाल
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फोटो-10 ताराबानो।
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अमृतपुर। गांव समैचीपुर चितार की पिछले वर्ष बाढ़ में बही 15 पोल की लाइन अब तक नहीं बन सकी है। इससे गांव की बिजली एक वर्ष से गुल है। दो हजार की आबादी शाम होते ही अंधेरे में रहने को मजबूर है। लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है।
विकास खंड शमसाबाद के गांव समैचीपुर चितार के लिए अमृतपुर उपकेंद्र से बिजली जाती है। वर्ष 2025 में गंगा की भीषण बाढ़ और कटान से करीब 15 पोल और दो ट्रांसफार्मरों वाली इस लाइन में से 15 पोल व एक ट्रांसफार्मर बह गया। इसके बाद से गांव की बिजली पूरी तरह ठप हो गई। कुछ परिवारों ने मजबूरी में सोलर पैनल लगवा लिए हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार आज भी शाम होते अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। घरों में लगे पंखे, कूलर, टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरण महीनों से बंद पड़े हैं। उपयोग में न होने के कारण कई उपकरण खराब होने लगे हैं। करीब 40 से अधिक कनेक्शन हैं।
फोटो-10 ताराबानो।
प्रधान तारा बानो ने बताया कि पिछले एक वर्ष से गांव में बिजली नहीं है। मोबाइल चार्ज करने और अन्य जरूरी कामों के लिए लोगों को दूसरे गांव जाना पड़ता है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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फोटो-11 आसिफ।
गांव के आसिफ ने कहा कि बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गर्मी में रात गुजारना मुश्किल हो जाता है। केरोसिन भी नहीं मिलता, जिससे रात को रोशनी की व्यवस्था कर ली जाए। कुछ लोगों ने सोलर पैनल लगवा लिए हैं। बिजली से चलने वाले उपकरण कबाड़ होने लगे हैं।
अमृतपुर उपकेंद्र के जेई हरिओम सिंह ने बताया कि समैचीपुर चितार में बिजली बिल जमा नहीं किए जा रहे हैं। इस गांव के सभी कनेक्शन बकायेदारी में पीडी कर दिए गए हैं। इससे बिजली चालू करने के लिए लाइन नहीं बनाई गई। वहीं, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि यदि उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किए हैं तो उन्हें जमा करना चाहिए। सभी बिल जमा होने पर बिजली लाइन बनवा दी जाएगी।
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विकास खंड शमसाबाद के गांव समैचीपुर चितार के लिए अमृतपुर उपकेंद्र से बिजली जाती है। वर्ष 2025 में गंगा की भीषण बाढ़ और कटान से करीब 15 पोल और दो ट्रांसफार्मरों वाली इस लाइन में से 15 पोल व एक ट्रांसफार्मर बह गया। इसके बाद से गांव की बिजली पूरी तरह ठप हो गई। कुछ परिवारों ने मजबूरी में सोलर पैनल लगवा लिए हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार आज भी शाम होते अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। घरों में लगे पंखे, कूलर, टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरण महीनों से बंद पड़े हैं। उपयोग में न होने के कारण कई उपकरण खराब होने लगे हैं। करीब 40 से अधिक कनेक्शन हैं।
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प्रधान तारा बानो ने बताया कि पिछले एक वर्ष से गांव में बिजली नहीं है। मोबाइल चार्ज करने और अन्य जरूरी कामों के लिए लोगों को दूसरे गांव जाना पड़ता है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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गांव के आसिफ ने कहा कि बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गर्मी में रात गुजारना मुश्किल हो जाता है। केरोसिन भी नहीं मिलता, जिससे रात को रोशनी की व्यवस्था कर ली जाए। कुछ लोगों ने सोलर पैनल लगवा लिए हैं। बिजली से चलने वाले उपकरण कबाड़ होने लगे हैं।
अमृतपुर उपकेंद्र के जेई हरिओम सिंह ने बताया कि समैचीपुर चितार में बिजली बिल जमा नहीं किए जा रहे हैं। इस गांव के सभी कनेक्शन बकायेदारी में पीडी कर दिए गए हैं। इससे बिजली चालू करने के लिए लाइन नहीं बनाई गई। वहीं, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि यदि उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किए हैं तो उन्हें जमा करना चाहिए। सभी बिल जमा होने पर बिजली लाइन बनवा दी जाएगी।

फोटो-10 ताराबानो।

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