{"_id":"6a83560f42e70fe333097f84","slug":"rare-coincidence-of-nag-panchami-kanwariyas-immersed-in-devotion-and-jubilation-farrukhabad-news-c-222-1-frk1007-147017-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग, भक्ति-उल्लास में डूबे कांवड़िये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग, भक्ति-उल्लास में डूबे कांवड़िये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कमालगंज। शिव आराधना के साथ नाग पंचमी के दुर्लभ महासंयोग को लेकर तीर्थ नगरी शृंगीरामपुर भक्ति व उल्लास से सराबोर होकर पूरी रात झूमती रही। हर-हर महादेव व बम बोल के जयकारों के साथ कांवड़ियों के जत्थे रवाना होते रहे। सुबह के समय लगातार दूसरे दिन हुई बारिश में भी शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।
सावन के तीसरे सोमवार को महादेव के पूजन-अनुष्ठान के साथ ही नागपंचमी का विशेष फलदायी संयोग भी बना। इससे कांवड़ियों का उत्साह और बढ़ गया। शृंगीरामपुर में रविवार शाम से बढ़ी कांवड़ियों की कतार पूरी रात नहीं टूटी। रामलीला मैदान से भंडारा स्थल तक भीड़ के कारण कई बार निकलना भी मुश्किल हुआ। जबकि किनारे से कांवड़ पथ पर लगातार शिवभक्त अपनी टोलियों में आगे बढ़ते रहे।
गंगा के घाट, शृंगीऋषि मंदिर, हनुमान मंदिर, पर्यटन धर्मशाला, आरोग्य केंद्र के आसपास कांवड़ों को सजाने का काम चलता रहा। तड़के हुई तेज बारिश में श्रद्धालुओं की उमंग और बढ़ गई। डीजे की धुन पर नाचते गाते कांवड़ियों के जत्थे रवाना होते रहे। इस दौरान कई स्थानों पर भंडारा व पानी की व्यवस्था की गई। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
सावन के तीसरे सोमवार को महादेव के पूजन-अनुष्ठान के साथ ही नागपंचमी का विशेष फलदायी संयोग भी बना। इससे कांवड़ियों का उत्साह और बढ़ गया। शृंगीरामपुर में रविवार शाम से बढ़ी कांवड़ियों की कतार पूरी रात नहीं टूटी। रामलीला मैदान से भंडारा स्थल तक भीड़ के कारण कई बार निकलना भी मुश्किल हुआ। जबकि किनारे से कांवड़ पथ पर लगातार शिवभक्त अपनी टोलियों में आगे बढ़ते रहे।
विज्ञापन
गंगा के घाट, शृंगीऋषि मंदिर, हनुमान मंदिर, पर्यटन धर्मशाला, आरोग्य केंद्र के आसपास कांवड़ों को सजाने का काम चलता रहा। तड़के हुई तेज बारिश में श्रद्धालुओं की उमंग और बढ़ गई। डीजे की धुन पर नाचते गाते कांवड़ियों के जत्थे रवाना होते रहे। इस दौरान कई स्थानों पर भंडारा व पानी की व्यवस्था की गई। (संवाद)
विज्ञापन