{"_id":"6a8356b917735823a60fa054","slug":"tests-for-hemoglobin-and-platelets-have-also-been-stopped-following-those-for-vitamin-d-and-b-12-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-111437-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: विटामिन-डी, बी-12 के बाद हीमोग्लोबिन व प्लेटलेट्स की जांचें भी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: विटामिन-डी, बी-12 के बाद हीमोग्लोबिन व प्लेटलेट्स की जांचें भी बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल की सेंट्रल लैब में रीजेंट खत्म होने से पांच दिन से बंद विटामिन-डी, बी-12 के बाद अब सीबीसी संबंधी हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स समेत कई तरह की जांचें भी बंद हो गईं। सोमवार को करीब 300 मरीजों के नमूने ही नहीं लिए गए। पांच दिन से महिला अस्पताल से लिए गए रीजेंट से सीबीसी की जांचें की जा रही थीं।
सेंट्रल लैब में रीजेंट की खरीद में लेटलतीफी के चलते अक्सर जांचें बंद हो जाती हैं। इन दिनों सीबीसी पार्ट-3 और पार्ट-5 के 250, विटामिन-डी और बी-12 के 25-25 मरीजों के नमूने जांच के लिए आते हैं। बृहस्पतिवार 13 अगस्त को सीबीसी की दोनों ही मशीनों का रीजेंट खत्म हो गया था। इससे ओपीडी में लिए गए नमूनों की जांच करना मुश्किल पड़ गया। महिला अस्पताल की लैब से सीबीसी का रीजेंट मंगवा कर जांचें शुरू की गईं। पांच दिन बाद भी सीबीसी के रीजेंट की व्यवस्था न होने से सोमवार को सीबीसी की जांचें बंद कर दी गईं।
ओपीडी में आए मरीजों की हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स समेत 12 प्रकार की जांचें कराने वालों को सेंट्रल लैब के नमूना काउंटर से वापस कर दिया गया। करीब 300 मरीजों को निजी लैब में जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। सेंट्रल लैब प्रभारी डॉ. जय सिंह ने बताया कि बजट न होने की वजह से दिक्कत है। सीबीसी की जांचें करने के लिए महिला अस्पताल से रीजेंट मंगवाया था। वह भी खत्म हो गया है। इससे सोमवार को नमूने नहीं लिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेंट्रल लैब में रीजेंट की खरीद में लेटलतीफी के चलते अक्सर जांचें बंद हो जाती हैं। इन दिनों सीबीसी पार्ट-3 और पार्ट-5 के 250, विटामिन-डी और बी-12 के 25-25 मरीजों के नमूने जांच के लिए आते हैं। बृहस्पतिवार 13 अगस्त को सीबीसी की दोनों ही मशीनों का रीजेंट खत्म हो गया था। इससे ओपीडी में लिए गए नमूनों की जांच करना मुश्किल पड़ गया। महिला अस्पताल की लैब से सीबीसी का रीजेंट मंगवा कर जांचें शुरू की गईं। पांच दिन बाद भी सीबीसी के रीजेंट की व्यवस्था न होने से सोमवार को सीबीसी की जांचें बंद कर दी गईं।
विज्ञापन
ओपीडी में आए मरीजों की हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स समेत 12 प्रकार की जांचें कराने वालों को सेंट्रल लैब के नमूना काउंटर से वापस कर दिया गया। करीब 300 मरीजों को निजी लैब में जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। सेंट्रल लैब प्रभारी डॉ. जय सिंह ने बताया कि बजट न होने की वजह से दिक्कत है। सीबीसी की जांचें करने के लिए महिला अस्पताल से रीजेंट मंगवाया था। वह भी खत्म हो गया है। इससे सोमवार को नमूने नहीं लिए गए।
विज्ञापन