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Farrukhabad News: सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ ने बिजली कर्मियों व ठेकेदार पर प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 21 May 2026 12:13 AM IST
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़-फर्रुखाबाद स्टेशनों के बीच हिंदुस्तान होटल के पीछे रेल लाइन के नीचे से बिना रेलवे की अनुमति के 33केवी बिजली केबल डालने के मामले में बिजली कर्मियों व ठेकेदार के खिलाफ आरपीएफ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरपीएफ ने ठेकेदार का ट्रैक्टर-ट्राॅली, एचडीडी मशीन व अन्य सामान सीज कर दिया है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) जहीर अहमद खान की तहरीर पर आरपीएफ थाने में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कर्मचारी, ठेकेदार पर प्राथमिकी लिखाई। कहा कि केबल डालने से पहले रेलवे से कोई अनुमति नहीं ली गई। रेलवे संरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया। पटरी के नीचे हॉरिजॉन्टल डायरेक्शनल ड्रिलिंग (एचडीडी) मशीन से ड्रिलिंग काम से पटरी बैठने या अन्य संचार संसाधनों (सिग्नल एवं टेलीकॉम) की क्षति होना संभावित है। यही नहीं विभाग की अनुमति से केबल ट्रैक क्राॅसिंग का शुल्क जमा नहीं करवाने से राजस्व की क्षति हुई है। इंस्पेक्टर ओपी मीणा ने बताया कि प्राथमिकी लिख ली है। अधीक्षण अभियंता को बुलाया जाएगा। काम कराने वाले विभागीय अफसरों और ठेकेदार की जानकारी लेकर गिरफ्तारी की जाएगी।
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विभागीय अफसर कर रहे गोपनीय जांच
बिना अनुमति के पटरी के नीचे से 33केवी की बिजली केबल डालने की जानकारी होते ही वरिष्ठ सहायक मंडल इंजीनियर (एईएन) सुयस द्विवेदी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने अधीनस्थों को तुरंत मौके पर भेजा। अब विभाग गोपनीय जांच भी करवा रहा है। इतना बड़ा काम किसी विभागीय कर्मचारी की बिना शह से नहीं हो सकता। एईएन ने बताया कि वह अपने स्तर से पूरे मामले को देख रहे हैं।
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छह लाख कीमत की बाइक वाले कर्मचारी पर नजर
रेलवे में एक कर्मचारी का पद भले ही काफी छोटा हो, मगर छह लाख कीमत की बाइक की सवारी चर्चा में बनी हुई है। रेलवे सूत्र बताते हैं कि वह कर्मचारी अपने ही नहीं रेलवे के अन्य आंतरिक विभागों के अफसरों का भी मुंह लगा है। इसकी रेलवे के कुछ जिम्मेदार अफसरों को भी जानकारी है।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) जहीर अहमद खान की तहरीर पर आरपीएफ थाने में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कर्मचारी, ठेकेदार पर प्राथमिकी लिखाई। कहा कि केबल डालने से पहले रेलवे से कोई अनुमति नहीं ली गई। रेलवे संरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया। पटरी के नीचे हॉरिजॉन्टल डायरेक्शनल ड्रिलिंग (एचडीडी) मशीन से ड्रिलिंग काम से पटरी बैठने या अन्य संचार संसाधनों (सिग्नल एवं टेलीकॉम) की क्षति होना संभावित है। यही नहीं विभाग की अनुमति से केबल ट्रैक क्राॅसिंग का शुल्क जमा नहीं करवाने से राजस्व की क्षति हुई है। इंस्पेक्टर ओपी मीणा ने बताया कि प्राथमिकी लिख ली है। अधीक्षण अभियंता को बुलाया जाएगा। काम कराने वाले विभागीय अफसरों और ठेकेदार की जानकारी लेकर गिरफ्तारी की जाएगी।
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बिना अनुमति के पटरी के नीचे से 33केवी की बिजली केबल डालने की जानकारी होते ही वरिष्ठ सहायक मंडल इंजीनियर (एईएन) सुयस द्विवेदी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने अधीनस्थों को तुरंत मौके पर भेजा। अब विभाग गोपनीय जांच भी करवा रहा है। इतना बड़ा काम किसी विभागीय कर्मचारी की बिना शह से नहीं हो सकता। एईएन ने बताया कि वह अपने स्तर से पूरे मामले को देख रहे हैं।
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