{"_id":"6a6cf6bdd3ba79393400ec8b","slug":"they-will-walk-100-km-in-three-days-to-perform-jalabhishek-at-the-hazariya-temple-farrukhabad-news-c-222-1-frk1007-146174-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: तीन दिन में 100 किमी चलकर हजारिया मंदिर में करेंगे जलाभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: तीन दिन में 100 किमी चलकर हजारिया मंदिर में करेंगे जलाभिषेक
विज्ञापन
फोटो-24 तीर्थनगरी शृंगीरामपुर गंगा के आंचल में कांवड़ के साथ मैनपुरी की युवा टोली। स्रोत: जागरूक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कमालगंज। तीर्थनगरी शृंगीरामपुर, सावन में महादेव के जयकारों से गूंजने लगी है। मैनपुरी के शिव भक्तों की टोली ने कांवड़ उठाई तो श्रद्धा व भक्ति का उल्लास छा गया। टोली नायक का कहना था कि तीन पीढ़ियों के पूर्वजों के बाद चौथी पीढ़ी में वे लोग महान ऋषि शृंगी की तपोभूमि से कांवड़ उठाने आए हैं। तीन दिन में आराम से 100 किलोमीटर पैदल चलेंगे। एक हजार शिवलिंग वाले इटावा के हजारिया मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
इस बार निकटवर्ती जिलों के कांवड़ यात्री भी पहले पहुंचे हैं। जो श्रद्धालु धीरे-धीरे चलकर कांवड़ यात्रा पूरी करने के उल्लास में डूबना चाहते हैं, वह पहले आ रहे हैं। मैनपुरी की करहल तहसील के मीठेपुर गांव की युवा टोली ने विधि विधान से गंगा स्नान-पूजन के बाद डलिया कांवड़ उठाई। दोनों ओर 11 लीटर गंगाजल के कलश रखे थे।
टोली नायक अनुज कुमार गौर बॉबी का कहना था कि वह शिव की भक्ति में भागम-भाग तरीके से कांवड़ यात्रा के भागीदार नहीं बनना चाहते। बल्कि धीरे-धीरे भक्ति में डूबना चाहते हैं। इसीलिए शुक्रवार को चलकर तीन दिन में 100 किलोमीटर की यात्रा पूरा करेंगे। इटावा के उसराहार सरसई नावर स्थित महाभारत कालीन हजारिया मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक करेंगे। अंकुश सिंह व गौतम ने कहा कि हजारिया मंदिर में आगरा, मैनपुरी सहित कई जिलों के श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं।
विज्ञापन
अनिल कुमार सविता व रंजीत सविता ने कहा कि उनसे पहले तीन पीढ़ियों के पूर्वज भी शृंगीरामपुर से कांवड़ उठाते रहे। हजारिया मंदिर में सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने के बाद वह वहां से 55 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव मैनपुरी के मीठेपुर पहुंचेंगे। गांव में सामूहिक भजन-कीर्तन से महादेव की महिमा का बखान होगा।
विज्ञापन
इस बार निकटवर्ती जिलों के कांवड़ यात्री भी पहले पहुंचे हैं। जो श्रद्धालु धीरे-धीरे चलकर कांवड़ यात्रा पूरी करने के उल्लास में डूबना चाहते हैं, वह पहले आ रहे हैं। मैनपुरी की करहल तहसील के मीठेपुर गांव की युवा टोली ने विधि विधान से गंगा स्नान-पूजन के बाद डलिया कांवड़ उठाई। दोनों ओर 11 लीटर गंगाजल के कलश रखे थे।
विज्ञापन
टोली नायक अनुज कुमार गौर बॉबी का कहना था कि वह शिव की भक्ति में भागम-भाग तरीके से कांवड़ यात्रा के भागीदार नहीं बनना चाहते। बल्कि धीरे-धीरे भक्ति में डूबना चाहते हैं। इसीलिए शुक्रवार को चलकर तीन दिन में 100 किलोमीटर की यात्रा पूरा करेंगे। इटावा के उसराहार सरसई नावर स्थित महाभारत कालीन हजारिया मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक करेंगे। अंकुश सिंह व गौतम ने कहा कि हजारिया मंदिर में आगरा, मैनपुरी सहित कई जिलों के श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं।
विज्ञापन
अनिल कुमार सविता व रंजीत सविता ने कहा कि उनसे पहले तीन पीढ़ियों के पूर्वज भी शृंगीरामपुर से कांवड़ उठाते रहे। हजारिया मंदिर में सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने के बाद वह वहां से 55 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव मैनपुरी के मीठेपुर पहुंचेंगे। गांव में सामूहिक भजन-कीर्तन से महादेव की महिमा का बखान होगा।