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Farrukhabad News: 11 करोड़ से बने दो उपकेंद्रों की हुई टेस्टिंग, हस्तांतरण की तैयारी
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फर्रुखाबाद। शहर में 11 करोड़ से बने दो उपकेंद्र का काम पूरा होने के साथ रविवार को टेस्टिंग भी कर ली गई। अब उपकेंद्र के हस्तांतरण की तैयारी है। वहीं, जसमई उपकेंद्र पर रेलवे क्रॉसिंग की एनओसी के इंतजार में फीडर का काम अधूरा है, जबकि सेंट्रल जेल उपकेंद्र पर रास्ते का रोड़ा बरकरार है।
शहरी उपभोक्ताओं को ओवर लोडिंग से निजात दिलाने के साथ ही निर्बाध आपूर्ति के लिए सेंट्रल जेल व जसमई तिराहा पर उपकेंद्रों का निर्माण कराया गया। 10 एमवीए क्षमता के दोनों उपकेंद्र बनकर तैयार हैं। सेंट्रल जेल उपकेंद्र की 33 केवी लाइन चालू करने के साथ ट्रांसफार्मरों की शनिवार को टेस्टिंग की गई। फीडरों की लाइनें भी बनकर तैयार हो गई हैं।
करीब साढ़े चार करोड़ से बने इस उपकेंद्र पर भले ही काम पूरा करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यहां तक जाने के लिए रास्ते का रोड़ा अभी बरकरार है। रास्ते को लेकर अधिशासी अभियंता नगरीय एसडीएम सदर को पत्राचार भी कर चुके हैं, लेकिन कई माह बीतने के बावजूद इसका निस्तारण नहीं हो सका है। इससे इस उपकेंद्र पर वाहन पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।
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ट्रांसफार्मर या अन्य कोई उपकरण खराब होने पर उसे बदलवाना चुनौती साबित हो सकता है। वहीं, जसमई उपकेंद्र की 33 केवी लाइन रविवार को चालू कर टेस्टिंग की गई। इस उपकेंद्र पर करीब 6.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यहां आरएमआर फीडर की रेलवे लाइन के नीचे से केबल निकलनी है। अभी रेलवे बोर्ड से एनओसी न मिल पाने से फीडर का काम पूरा नहीं हो सका। फिलहाल अधिकारियों का दावा है कि दीपावली से पहले दोनों उपकेंद्र चालू कर दिए जाएंगे।
-- -- -- -- -अवर अभियंता सेकेंडरी वर्क्स लक्ष्मीकांत उत्तम ने बताया कि सेंट्रल जेल उपकेंद्र का काम पूरा हो गया है। टेस्टिंग भी कर ली गई। हस्तांतरण की तैयारी है। रास्ते का विवाद विभागीय अधिकारी सुलझाएंगे। जसमई उपकेंद्र की भी टेस्टिंग कर ली गई। रेलवे बोर्ड से एनओसी आते ही फीडर का काम पूरा करा लिया जाएगा।
अधिशासी अभियंता नगरीय कालेश्वर चंद ने बताया कि सेंट्रल जेल उपकेंद्र के रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के निस्तारण के लिए वह एसडीएम को पत्र भेज चुके हैं। उपकेंद्रों के हस्तांतरण का अभी उन्हें पत्र नहीं मिला है। हस्तांतरण होते ही टीम लगाकर दीपावली से पहले ही दोनों उपकेंद्र चालू कराने का प्रयास होगा।
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शहरी उपभोक्ताओं को ओवर लोडिंग से निजात दिलाने के साथ ही निर्बाध आपूर्ति के लिए सेंट्रल जेल व जसमई तिराहा पर उपकेंद्रों का निर्माण कराया गया। 10 एमवीए क्षमता के दोनों उपकेंद्र बनकर तैयार हैं। सेंट्रल जेल उपकेंद्र की 33 केवी लाइन चालू करने के साथ ट्रांसफार्मरों की शनिवार को टेस्टिंग की गई। फीडरों की लाइनें भी बनकर तैयार हो गई हैं।
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करीब साढ़े चार करोड़ से बने इस उपकेंद्र पर भले ही काम पूरा करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यहां तक जाने के लिए रास्ते का रोड़ा अभी बरकरार है। रास्ते को लेकर अधिशासी अभियंता नगरीय एसडीएम सदर को पत्राचार भी कर चुके हैं, लेकिन कई माह बीतने के बावजूद इसका निस्तारण नहीं हो सका है। इससे इस उपकेंद्र पर वाहन पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।
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ट्रांसफार्मर या अन्य कोई उपकरण खराब होने पर उसे बदलवाना चुनौती साबित हो सकता है। वहीं, जसमई उपकेंद्र की 33 केवी लाइन रविवार को चालू कर टेस्टिंग की गई। इस उपकेंद्र पर करीब 6.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यहां आरएमआर फीडर की रेलवे लाइन के नीचे से केबल निकलनी है। अभी रेलवे बोर्ड से एनओसी न मिल पाने से फीडर का काम पूरा नहीं हो सका। फिलहाल अधिकारियों का दावा है कि दीपावली से पहले दोनों उपकेंद्र चालू कर दिए जाएंगे।
अधिशासी अभियंता नगरीय कालेश्वर चंद ने बताया कि सेंट्रल जेल उपकेंद्र के रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के निस्तारण के लिए वह एसडीएम को पत्र भेज चुके हैं। उपकेंद्रों के हस्तांतरण का अभी उन्हें पत्र नहीं मिला है। हस्तांतरण होते ही टीम लगाकर दीपावली से पहले ही दोनों उपकेंद्र चालू कराने का प्रयास होगा।