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Farrukhabad News: गेहूं की खरीद एक लाख क्विंटल पार, पांच वर्ष का रिकार्ड टूटा
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फोटो-26 सातनपुर मंडी स्थित खाद्य विभाग का गेहूं क्रय केंद्र। संवाद
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फर्रुखाबाद। गेहूं की सरकारी खरीद इस बार एक लाख क्विंटल के पार हो गई। इससे पांच वर्ष का रिकार्ड टूट गया। 44 केंद्रों में सर्वाधिक पीसीएफ के 35 केंद्रों पर सबसे कम खरीद की जा सकी। खरीद की अंतिम तिथि 15 जून है।
शासन से इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था। एक अप्रैल से 15 जून तक जिले को 15550 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया। इसके लिए 44 क्रय केंद्र खोलने के साथ दो मोबाइल क्रय केंद्र संचालित किए गए। बाजार भाव से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिक होने से शुरुआत में क्रय केंद्रों पर अच्छी खरीद हुई। फिर बाजार भाव में तेजी आई तो सरकारी खरीद सुस्त होने लगी। इन दिनों आढ़तों पर करीब 2500 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिक रहा है। नकद भुगतान के चक्कर में जरूरतमंद किसान आढ़तों पर ही गेहूं बेच रहे हैं। जबकि अन्य किसान सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं।
लक्ष्य के सापेक्ष 12 जून तक 2169 किसानों से 10,898.97 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। खाद्य विभाग के कुल आठ केंद्रों पर 761 किसानों से 4,272.65 मीट्रिक टन, पीसीएफ के 35 केंद्रों पर 1,231 किसानों से 5,731.72 मीट्रिक टन व एफसीआई के तीन केंद्रों पर 177 किसानों से 894.60 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। जो कुल लक्ष्य का 70.32 प्रतिशत है।
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पिछले पांच वर्षों में हुई खरीद
वर्ष 2022 में मात्र 384 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। 2023 में 986 मीट्रिक टन, 2024 में 5,342 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका। 2025 में सरकारी खरीद 6722 मीट्रिक टन तक पहुंची। इस वर्ष खरीद बढ़कर डेढ़ गुनी पहुंच गई। 12 जून तक 10,898.97 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जो पांच वर्षों में सर्वाधिक रहा। डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि लक्ष्य भले ही पूरा नहीं हो सका, लेकिन वर्षों की तुलना में गेहूं की खरीद अच्छी रही। 15 जून से कायमगंज, सातनपुर मंडी व राजेपुर में खुले केंद्रों पर मक्का की खरीद शुरू कर दी जाएगी। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल है।
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शासन से इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था। एक अप्रैल से 15 जून तक जिले को 15550 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया। इसके लिए 44 क्रय केंद्र खोलने के साथ दो मोबाइल क्रय केंद्र संचालित किए गए। बाजार भाव से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिक होने से शुरुआत में क्रय केंद्रों पर अच्छी खरीद हुई। फिर बाजार भाव में तेजी आई तो सरकारी खरीद सुस्त होने लगी। इन दिनों आढ़तों पर करीब 2500 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिक रहा है। नकद भुगतान के चक्कर में जरूरतमंद किसान आढ़तों पर ही गेहूं बेच रहे हैं। जबकि अन्य किसान सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं।
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लक्ष्य के सापेक्ष 12 जून तक 2169 किसानों से 10,898.97 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। खाद्य विभाग के कुल आठ केंद्रों पर 761 किसानों से 4,272.65 मीट्रिक टन, पीसीएफ के 35 केंद्रों पर 1,231 किसानों से 5,731.72 मीट्रिक टन व एफसीआई के तीन केंद्रों पर 177 किसानों से 894.60 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। जो कुल लक्ष्य का 70.32 प्रतिशत है।
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पिछले पांच वर्षों में हुई खरीद
वर्ष 2022 में मात्र 384 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। 2023 में 986 मीट्रिक टन, 2024 में 5,342 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका। 2025 में सरकारी खरीद 6722 मीट्रिक टन तक पहुंची। इस वर्ष खरीद बढ़कर डेढ़ गुनी पहुंच गई। 12 जून तक 10,898.97 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जो पांच वर्षों में सर्वाधिक रहा। डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि लक्ष्य भले ही पूरा नहीं हो सका, लेकिन वर्षों की तुलना में गेहूं की खरीद अच्छी रही। 15 जून से कायमगंज, सातनपुर मंडी व राजेपुर में खुले केंद्रों पर मक्का की खरीद शुरू कर दी जाएगी। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल है।