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Farrukhabad News: स्टेडियम में दौड़ लगाते बेहोश युवक की अस्पताल में मौत
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फोटो-15 शिवनरायन। फाइल फोटो
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित ब्रह्मदत्त स्टेडियम में दौड़ लगाते समय बेहोश हुए युवक की मौत हो गई। उसने सेना में लिखित परीक्षा पास कर ली थी। अब शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी में जुटा था।
राजेपुर थाने के गांव शेराखार निवासी शिवनरायन (20) बुधवार सुबह स्टेडियम में दौड़ लगा रहा था। मैदान का एक चक्कर लगाने के बाद वह बैठ गया। कुछ देर में वह जमीन पर लेटा तो साथ में दौड़ लगाने वाले युवकों ने उसे उठाने का प्रयास किया, मगर वह नहीं उठा। भोलेपुर निवासी राज, सुमित समेत कई युवक उसे आवास विकास तिराहा स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज से इन्कार करने पर उसे लोहिया अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो चीख पुकार मच गई।
बड़े भाई धर्मराज ने बताया कि वह तीन भाइयों में बीच का था। छोटा भाई धर्मनरायन है। शिवनरायन बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र था। उसने सेना भर्ती की लिखित परीक्षा अच्छे नंबरों से पास कर ली थी। अब दौड़ व मेडिकल बचा था। दौड़ की तैयारी के लिए वह सात दिन से 13 किमी दूर बाइक से स्टेडियम आता था। साथी राज ने बताया कि किसी को समझ नहीं आया कि क्या हो गया। अचानक ही वह दौड़ लगाते समय रुका और बैठ गया। फिर उठा नहीं। मां शांति देवी व पिता मुनेश्वर सिंह बेहाल हैं।
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नवादा दोयम में दौड़ लगाते किशोर की हुई थी मौत
- 28 जून को मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव नवादा दोयम निवासी पीयूष (14) गांव में हो रही भागवत कथा के प्रसाद में मिली पंजीरी खाने के बाद साथियों के साथ दौड़ लगाने चला गया था। दौड़ने के बाद वापस आया तो गांव के बाहर मंदिर के पास बैठ गया और वहीं बेहोश हो गया। उसे लोहिया अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था।
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अधिक शारीरिक दबाव, गलत जीवनशैली मुख्य वजह
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि दौड़ अथवा कोई भी काम करते समय युवकों की अचानक मौत की मुख्य वजह कार्डियक अरेस्ट यानी दिल की धड़कन रुकना हो सकता है। यह दिक्कत पहले से छिपी हृदय की समस्याओं को नजरअंदाज करने, अत्यधिक शारीरिक दबाव और गलत जीवनशैली से होती है। किसी भी मेहनत के कार्य को धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। बाजारू खानपान, मोबाइल के प्रयोग से रात को अधूरी नींद गलत है। बिना पर्याप्त अभ्यास के अचानक से बहुत तेज या लंबी दौड़ लगाना शरीर और दिल पर भारी दबाव डालता है। किसी पुरानी बीमारी, कमजोरी या हाल ही में हुए वायरल बुखार के तुरंत बाद बिना पूरा आराम किए कड़ा अभ्यास करना ठीक नहीं है। धूम्रपान या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी दिल को कमजोर करता है।
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राजेपुर थाने के गांव शेराखार निवासी शिवनरायन (20) बुधवार सुबह स्टेडियम में दौड़ लगा रहा था। मैदान का एक चक्कर लगाने के बाद वह बैठ गया। कुछ देर में वह जमीन पर लेटा तो साथ में दौड़ लगाने वाले युवकों ने उसे उठाने का प्रयास किया, मगर वह नहीं उठा। भोलेपुर निवासी राज, सुमित समेत कई युवक उसे आवास विकास तिराहा स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज से इन्कार करने पर उसे लोहिया अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो चीख पुकार मच गई।
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बड़े भाई धर्मराज ने बताया कि वह तीन भाइयों में बीच का था। छोटा भाई धर्मनरायन है। शिवनरायन बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र था। उसने सेना भर्ती की लिखित परीक्षा अच्छे नंबरों से पास कर ली थी। अब दौड़ व मेडिकल बचा था। दौड़ की तैयारी के लिए वह सात दिन से 13 किमी दूर बाइक से स्टेडियम आता था। साथी राज ने बताया कि किसी को समझ नहीं आया कि क्या हो गया। अचानक ही वह दौड़ लगाते समय रुका और बैठ गया। फिर उठा नहीं। मां शांति देवी व पिता मुनेश्वर सिंह बेहाल हैं।
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नवादा दोयम में दौड़ लगाते किशोर की हुई थी मौत
- 28 जून को मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव नवादा दोयम निवासी पीयूष (14) गांव में हो रही भागवत कथा के प्रसाद में मिली पंजीरी खाने के बाद साथियों के साथ दौड़ लगाने चला गया था। दौड़ने के बाद वापस आया तो गांव के बाहर मंदिर के पास बैठ गया और वहीं बेहोश हो गया। उसे लोहिया अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था।
अधिक शारीरिक दबाव, गलत जीवनशैली मुख्य वजह
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि दौड़ अथवा कोई भी काम करते समय युवकों की अचानक मौत की मुख्य वजह कार्डियक अरेस्ट यानी दिल की धड़कन रुकना हो सकता है। यह दिक्कत पहले से छिपी हृदय की समस्याओं को नजरअंदाज करने, अत्यधिक शारीरिक दबाव और गलत जीवनशैली से होती है। किसी भी मेहनत के कार्य को धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। बाजारू खानपान, मोबाइल के प्रयोग से रात को अधूरी नींद गलत है। बिना पर्याप्त अभ्यास के अचानक से बहुत तेज या लंबी दौड़ लगाना शरीर और दिल पर भारी दबाव डालता है। किसी पुरानी बीमारी, कमजोरी या हाल ही में हुए वायरल बुखार के तुरंत बाद बिना पूरा आराम किए कड़ा अभ्यास करना ठीक नहीं है। धूम्रपान या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी दिल को कमजोर करता है।

फोटो-15 शिवनरायन। फाइल फोटो