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Farrukhabad News: बिना पंजीकरण दौड़ रहे युवा, ''ठेकेदारों'' के हवाले अग्निवीर की तैयारी
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्पोर्ट्स स्टेडियम में बुधवार सुबह दौड़ते समय एक युवक की मौत ने खेल व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। स्पष्ट नियम हैं कि बिना पंजीकरण किसी भी राजकीय स्टेडियम या खेल मैदान में अभ्यास की अनुमति नहीं है लेकिन हकीकत यह है कि रोजाना बड़ी संख्या में युवा बिना किसी पंजीकरण के मैदान में दौड़ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर होमगार्ड की तैनाती है और पंजीकृत खिलाड़ियों के प्रवेश का दावा किया जाता है, तो फिर बिना पंजीकरण वाले युवाओं की इतनी बड़ी संख्या मैदान तक कैसे पहुंच रही है।
बुधवार को जिस युवक की दौड़ते समय तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, उसका स्टेडियम में कोई पंजीकरण नहीं था। वह करीब 13 किलोमीटर दूर राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव शेराखार से अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए अभ्यास करने आया था। यह घटना केवल एक युवक की मौत नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर सवाल है जो नियमों के पालन का दावा तो करती है, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही दिखाई देती है।
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ठेके पर कराते अभ्यास, एक युवक से लेते तीन से पांच हजार रुपये
स्टेडियम के साथ आसपास के मैदानों और गंगा की रेती में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कराने का समानांतर कारोबार भी तेजी से फल-फूल रहा है। कुछ युवाओं ने बताया कि कई लोग तीन से पांच हजार रुपये लेकर दौड़ और शारीरिक परीक्षा की तैयारी कराते हैं। न तो इन प्रशिक्षकों की कोई आधिकारिक मान्यता है और न ही उनके प्रशिक्षण की गुणवत्ता की कोई जांच होती है। भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं का कहना है कि उन्हें सिर्फ इतना बताया जाता है कि इनके सिखाए अभ्यर्थी भर्ती में चयनित हो जाते हैं, इसलिए वे फीस देकर प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं।
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स्टेडियम में नहीं है एक भी एथलेटिक्स खिलाड़ी का पंजीकरण
चौंकाने वाली बात यह भी है कि स्टेडियम में एथलेटिक्स खेल के लिए एक भी खिलाड़ी का पंजीकरण नहीं है, जबकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवक दौड़ और अभ्यास करते दिखाई देते हैं।
जिला क्रीड़ाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि अब केवल पंजीकृत खिलाड़ियों को ही मैदान में प्रवेश दिया जाएगा। प्रशिक्षण स्टाफ उपलब्ध न होने के कारण खिलाड़ियों से स्वयं अभ्यास करने तथा किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी स्वयं लेने संबंधी सहमति पत्र लिया जाएगा। साथ ही ठेके पर अग्निवीर अथवा अन्य भर्तियों की तैयारी कराने वालों के मैदान में प्रवेश पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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बुधवार को जिस युवक की दौड़ते समय तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, उसका स्टेडियम में कोई पंजीकरण नहीं था। वह करीब 13 किलोमीटर दूर राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव शेराखार से अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए अभ्यास करने आया था। यह घटना केवल एक युवक की मौत नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर सवाल है जो नियमों के पालन का दावा तो करती है, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही दिखाई देती है।
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ठेके पर कराते अभ्यास, एक युवक से लेते तीन से पांच हजार रुपये
स्टेडियम के साथ आसपास के मैदानों और गंगा की रेती में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कराने का समानांतर कारोबार भी तेजी से फल-फूल रहा है। कुछ युवाओं ने बताया कि कई लोग तीन से पांच हजार रुपये लेकर दौड़ और शारीरिक परीक्षा की तैयारी कराते हैं। न तो इन प्रशिक्षकों की कोई आधिकारिक मान्यता है और न ही उनके प्रशिक्षण की गुणवत्ता की कोई जांच होती है। भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं का कहना है कि उन्हें सिर्फ इतना बताया जाता है कि इनके सिखाए अभ्यर्थी भर्ती में चयनित हो जाते हैं, इसलिए वे फीस देकर प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं।
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स्टेडियम में नहीं है एक भी एथलेटिक्स खिलाड़ी का पंजीकरण
चौंकाने वाली बात यह भी है कि स्टेडियम में एथलेटिक्स खेल के लिए एक भी खिलाड़ी का पंजीकरण नहीं है, जबकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवक दौड़ और अभ्यास करते दिखाई देते हैं।
जिला क्रीड़ाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि अब केवल पंजीकृत खिलाड़ियों को ही मैदान में प्रवेश दिया जाएगा। प्रशिक्षण स्टाफ उपलब्ध न होने के कारण खिलाड़ियों से स्वयं अभ्यास करने तथा किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी स्वयं लेने संबंधी सहमति पत्र लिया जाएगा। साथ ही ठेके पर अग्निवीर अथवा अन्य भर्तियों की तैयारी कराने वालों के मैदान में प्रवेश पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।