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Fatehpur News: चक इटौली घोटाले में उपलोकायुक्त ने डीएम से मांगी रिपोर्ट
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फतेहपुर। चक इटौली ग्राम पंचायत में घोटाले की रिपोर्ट उपलोकायुक्त ने डीएम से रिपोर्ट तलब की है। डीएम को 30 सितंबर तक रिपोर्ट उपलोकायुक्त को भेजनी होगी। इसके बाद मामले की जांच शुरू होगी। इस जांच की जद में कई सरकारी अफसरों के भी आने की संभावना जताई जा रही है।
शहर के गंगानगर निवासी अधिवक्ता त्रितोष कुमार गुप्ता ने छह जुलाई को लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की मांग की थी। इस मामले में उपलोकायुक्त सचिव डॉ. रीमा बंसल ने शिकायत पर डीएम से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रधान संतोषी देवी ने पांच वर्षों के दौरान दो पैन कार्ड बनवाए।
एक पैन कार्ड संतोषी देवी और दूसरा पिंकी देवी के नाम से बनवाकर अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए। आरोप है कि प्रधान स्वयं ही ठेकेदार बनकर विकास कार्यों का भुगतान अपनी ही फर्म में कराती रहीं। इसमें जिले से लेकर कई सचिवों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में 19 बिंदुओं के साथ करीब 250 पेज के साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं।
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इससे पहले ग्राम पंचायत घोटाले में अपर आयुक्त मनरेगा 69 लाख रुपये, लोकपाल मनरेगा आठ लाख रुपये और जिला समाज कल्याण विभाग 7.76 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश दे चुके हैं। 15 दिन पहले गाजीपुर थाने में डबल पैन कार्ड के मामले में प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घोटाला बड़े पैमाने पर हुआ लेकिन अब तक अधिकारियों को बचाया जाता रहा। उन्होंने लोकायुक्त से निष्पक्ष और नए सिरे से जांच कराने की मांग की है।
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शहर के गंगानगर निवासी अधिवक्ता त्रितोष कुमार गुप्ता ने छह जुलाई को लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की मांग की थी। इस मामले में उपलोकायुक्त सचिव डॉ. रीमा बंसल ने शिकायत पर डीएम से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रधान संतोषी देवी ने पांच वर्षों के दौरान दो पैन कार्ड बनवाए।
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एक पैन कार्ड संतोषी देवी और दूसरा पिंकी देवी के नाम से बनवाकर अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए। आरोप है कि प्रधान स्वयं ही ठेकेदार बनकर विकास कार्यों का भुगतान अपनी ही फर्म में कराती रहीं। इसमें जिले से लेकर कई सचिवों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में 19 बिंदुओं के साथ करीब 250 पेज के साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं।
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इससे पहले ग्राम पंचायत घोटाले में अपर आयुक्त मनरेगा 69 लाख रुपये, लोकपाल मनरेगा आठ लाख रुपये और जिला समाज कल्याण विभाग 7.76 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश दे चुके हैं। 15 दिन पहले गाजीपुर थाने में डबल पैन कार्ड के मामले में प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घोटाला बड़े पैमाने पर हुआ लेकिन अब तक अधिकारियों को बचाया जाता रहा। उन्होंने लोकायुक्त से निष्पक्ष और नए सिरे से जांच कराने की मांग की है।