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Fatehpur News: पुलिस के सामने गश खाकर गिरे वादी की मौत, हंगामा
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फाइल फोटो-44-लक्ष्मीकांत त्रिपाठी। स्रोत परिजन
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खागा। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली खागा में दर्ज धोखाधड़ी, मारपीट और गाली-गलौज के मामले में बयान दर्ज कराते समय मुकदमे के वादी की घर के बाहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह गश खाकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इससे पुलिस के होश उड़ गए।
सीएचसी में डॉक्टर को दिखाने के बाद परिजन शव लेकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस पर बयान के दौरान दबाव बनाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। साथ ही पुलिस पर सफेदपोश कुछ लोगों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया गया है। करीब पांच घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस परिजन को शांत कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव निवासी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी (65) ने कोर्ट के आदेश पर 11 जनवरी को कोतवाली खागा में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रकरण में रविवार करीब दोपहर सवा दो बजे विवेचक दो अन्य साथियों के साथ सिलमी पहुंचे और वादी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी को घर के बाहर बुलाया। पुलिस प्राथमिकी के बावत बयान ले रही थी तभी वृद्ध गश खाकर गिर गए।
यह देख पुलिस वहां से लौट आई। परिजन लक्ष्मीकांत को सीएचसी हरदों लेकर आए। यहां उन्हें डाॅक्टर ने मृत बताया। यह सुनकर उनकी पत्नी उमा देवी, बहू शैलजा व अन्य परिजन बिलख पड़े। वह कार में शव लेकर कोतवाली पहुंचे और हंगामा काटने लगे। परिजन ने पुलिस पर कुछ नेताओं के इशारे पर मुकदमे में सुलह के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया।
दबाव के चलते लक्ष्मीकांत की मौत होने का आरोप लगाया। एसडीएम अभिनीत कुमार, सीओ दुर्गेश दीप मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान कई बार परिजन और अफसरों के बीच तीखी बहस हुई। परिजन ने आरोपियों व पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजन के अनुसार लक्ष्मीकांत काफी समय से मुकदमों की पैरवी में लगे थे। इस कारण उनकी गांव में करीब दो बीघा जमीन थी और वह बिक गई। कुछ बिस्वा जमीन बची है। लक्ष्मीकांत की तीन बेटियां हैं और एक बेटा रजनीकांत त्रिपाठी है। वह करीब दो साल से घर नहीं आया है। अधिकारियों के समझाने पर करीब रात आठ बजे पुलिस शव कब्जे में ले सकी।
कोर्ट के आदेश पर इन लोगों पर दर्ज है प्राथमिकी
लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की ओर कोर्ट के आदेश पर 11 जनवरी को कोतवाली खागा में जो प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें नामजद आरोपियों में खागा के रामनगर निवासी प्रकाश उर्फ रानू त्रिपाठी, आनंद उर्फ भानू त्रिपाठी, कमला नगर निवासी कामता प्रसाद गौतम, ऋषभ मिश्रा, पीयूष मिश्रा, सिलमी निवासी गंगा प्रसाद, जमुना प्रसाद, प्रदीप कुमार प्रजापति, नई बाजार खागा निवासी विकास कुमार, अमित सोनी शामिल हैं। इनके अलावा पांच अन्य के खिलाफ भी प्राथमिकी है। लक्ष्मीकांत का आरोप है कि उक्त लोगों ने उनके बेटे रजनीकांत को छिवलहा स्थित काॅलेज में क्लर्क की नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपये धोखाधड़ी कर लिए गए थे। रुपये मांगने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने बेटे को भी गायब करने का आरोप लगाया है। आरोपियों में कई लोग सफेदपोश के परिवार के सदस्य हैं।
एएसपी बोले... पेशबंदी में लगाए जा रहे आरोप
एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि लक्ष्मीकांत की ओर से कामता प्रसाद गौतम समेत कई अन्य के खिलाफ 11 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के क्रम में रविवार को खागा पुलिस बयान लेने के उनके घर गई थी। पुलिस वादी के घर से लौट आई थी। वादी लक्ष्मीकांत की किसी वजह से मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम डॉक्टर के पैनल व वीडियोग्राफी में कराया जाएगा। वादी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी देखा जा रहा है। इसके बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रकरण में प्रतिवादी कामता प्रसाद गौतम ने 21 जुलाई 2024 को थाना किशनपुर में लक्ष्मीकांत त्रिपाठी के पुत्र रजनीकांत त्रिपाठी के खिलाफ पंजीकृत कराया गया था। विवेचना दौरान बहू शैलजा देवी का नाम प्रकाश में आया था। रजनीकांत और बहू के खिलाफ 83 लाख 5500 रुपये जमीन के नाम पर बैंक खाते में लेने के बाद बैनामा नहीं करना पाया गया था। पुत्र व बहू के खिलाफ आरोप पत्र भी कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है। मुकदमे की पेशबंदी को लेकर वादी पक्ष की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप के संबंध में राजपत्रित अधिकारी की ओर से जांच कराई जा रही है। जांच बाद कार्रवाई होगी।
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सीएचसी में डॉक्टर को दिखाने के बाद परिजन शव लेकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस पर बयान के दौरान दबाव बनाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। साथ ही पुलिस पर सफेदपोश कुछ लोगों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया गया है। करीब पांच घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस परिजन को शांत कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
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किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव निवासी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी (65) ने कोर्ट के आदेश पर 11 जनवरी को कोतवाली खागा में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रकरण में रविवार करीब दोपहर सवा दो बजे विवेचक दो अन्य साथियों के साथ सिलमी पहुंचे और वादी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी को घर के बाहर बुलाया। पुलिस प्राथमिकी के बावत बयान ले रही थी तभी वृद्ध गश खाकर गिर गए।
यह देख पुलिस वहां से लौट आई। परिजन लक्ष्मीकांत को सीएचसी हरदों लेकर आए। यहां उन्हें डाॅक्टर ने मृत बताया। यह सुनकर उनकी पत्नी उमा देवी, बहू शैलजा व अन्य परिजन बिलख पड़े। वह कार में शव लेकर कोतवाली पहुंचे और हंगामा काटने लगे। परिजन ने पुलिस पर कुछ नेताओं के इशारे पर मुकदमे में सुलह के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया।
दबाव के चलते लक्ष्मीकांत की मौत होने का आरोप लगाया। एसडीएम अभिनीत कुमार, सीओ दुर्गेश दीप मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान कई बार परिजन और अफसरों के बीच तीखी बहस हुई। परिजन ने आरोपियों व पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजन के अनुसार लक्ष्मीकांत काफी समय से मुकदमों की पैरवी में लगे थे। इस कारण उनकी गांव में करीब दो बीघा जमीन थी और वह बिक गई। कुछ बिस्वा जमीन बची है। लक्ष्मीकांत की तीन बेटियां हैं और एक बेटा रजनीकांत त्रिपाठी है। वह करीब दो साल से घर नहीं आया है। अधिकारियों के समझाने पर करीब रात आठ बजे पुलिस शव कब्जे में ले सकी।
कोर्ट के आदेश पर इन लोगों पर दर्ज है प्राथमिकी
लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की ओर कोर्ट के आदेश पर 11 जनवरी को कोतवाली खागा में जो प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें नामजद आरोपियों में खागा के रामनगर निवासी प्रकाश उर्फ रानू त्रिपाठी, आनंद उर्फ भानू त्रिपाठी, कमला नगर निवासी कामता प्रसाद गौतम, ऋषभ मिश्रा, पीयूष मिश्रा, सिलमी निवासी गंगा प्रसाद, जमुना प्रसाद, प्रदीप कुमार प्रजापति, नई बाजार खागा निवासी विकास कुमार, अमित सोनी शामिल हैं। इनके अलावा पांच अन्य के खिलाफ भी प्राथमिकी है। लक्ष्मीकांत का आरोप है कि उक्त लोगों ने उनके बेटे रजनीकांत को छिवलहा स्थित काॅलेज में क्लर्क की नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपये धोखाधड़ी कर लिए गए थे। रुपये मांगने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने बेटे को भी गायब करने का आरोप लगाया है। आरोपियों में कई लोग सफेदपोश के परिवार के सदस्य हैं।
एएसपी बोले... पेशबंदी में लगाए जा रहे आरोप
एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि लक्ष्मीकांत की ओर से कामता प्रसाद गौतम समेत कई अन्य के खिलाफ 11 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के क्रम में रविवार को खागा पुलिस बयान लेने के उनके घर गई थी। पुलिस वादी के घर से लौट आई थी। वादी लक्ष्मीकांत की किसी वजह से मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम डॉक्टर के पैनल व वीडियोग्राफी में कराया जाएगा। वादी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी देखा जा रहा है। इसके बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रकरण में प्रतिवादी कामता प्रसाद गौतम ने 21 जुलाई 2024 को थाना किशनपुर में लक्ष्मीकांत त्रिपाठी के पुत्र रजनीकांत त्रिपाठी के खिलाफ पंजीकृत कराया गया था। विवेचना दौरान बहू शैलजा देवी का नाम प्रकाश में आया था। रजनीकांत और बहू के खिलाफ 83 लाख 5500 रुपये जमीन के नाम पर बैंक खाते में लेने के बाद बैनामा नहीं करना पाया गया था। पुत्र व बहू के खिलाफ आरोप पत्र भी कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है। मुकदमे की पेशबंदी को लेकर वादी पक्ष की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप के संबंध में राजपत्रित अधिकारी की ओर से जांच कराई जा रही है। जांच बाद कार्रवाई होगी।

फाइल फोटो-44-लक्ष्मीकांत त्रिपाठी। स्रोत परिजन

फाइल फोटो-44-लक्ष्मीकांत त्रिपाठी। स्रोत परिजन
