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Fatehpur News: दाखिल-खारिज में आपत्ति जताने पर की थी फूल सिंह की हत्या, सात गिरफ्तार
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खागा। कोतवाली क्षेत्र के धरमंगतपुर गांव में भूमि के दाखिल-खारिज विवाद में किसान फूल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने प्रधान समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसमें प्रधान के पिता और चार भाई शामिल हैं। आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की वजह भूमि विवाद और दाखिल-खारिज में आपत्ति डालने की खुन्नस बताई है। पुलिस अब आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
धरमंगतपुर गांव निवासी किसान फूल सिंह की नौ मई की रात गांव के प्रधान मदन उर्फ भूपेंद्र सिंह और उसके पक्ष के लोगों ने धारदार हथियारों व लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। मामले में फूल सिंह की पत्नी रामा देवी की तहरीर पर प्रधान मदन, उसके भाई पवन सिंह उर्फ सदन, शैलेंद्र सिंह उर्फ वीरू, धीरेंद्र सिंह उर्फ छोटू, योगेंद्र सिंह तथा पिता नवल किशोर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान गांव के अर्जुन समेत तीन और नाम भी प्रकाश में आए।
पुलिस ने सोमवार रात सतनरैनी मोड़ के पास नहर पुलिया से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से पांच लाठी-डंडे और दो लोहे की रॉड बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले में राहुल और विक्रम उर्फ मुकेश की तलाश जारी है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने फूल सिंह के भाई जय सिंह से 13 बिस्वा जमीन का बैनामा 3.75 लाख रुपये में कराया था। इसमें 2.50 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे जबकि बाकी रकम दाखिल-खारिज होने के बाद दी जानी थी। आरोप है कि फूल सिंह ने अपने भाई जय सिंह से कहकर दाखिल-खारिज में आपत्ति लगवा दी थी। इस वजह से जमीन का नामांतरण नहीं हो पा रहा था और दोनों पक्षों में लगातार विवाद चल रहा था।
घटना वाले दिन प्रधान पक्ष खेत में पानी लगा रहा था। उसी रास्ते से फूल सिंह बाइक लेकर गांव जा रहा था। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर प्रधान पक्ष ने फूल सिंह पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह करीब 50 मीटर तक भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
वारदात के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गए थे और कानपुर भागने की फिराक में थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले में शेष दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मॉब लिंचिंग की धारा बढ़ाई गई
पुलिस ने पहले हत्या का मुकदमा बीएनएस की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया था लेकिन जांच में सामूहिक हमले की पुष्टि होने पर धारा 103(2) जोड़ दी गई है। यह धारा मॉब लिंचिंग या सामूहिक हत्या से संबंधित है। इसके अलावा धारा 191(2) बलवा, धारा 190 में पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने और धारा 191(3) में धारदार हथियार के इस्तेमाल की बढ़ोतरी की गई है।
आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार आरोपी पवन सिंह, शैलेंद्र सिंह, प्रधान मदन, नवल किशोर, धीरेंद्र सिंह उर्फ छोटू और योगेंद्र सिंह के खिलाफ पहले से चार से पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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धरमंगतपुर गांव निवासी किसान फूल सिंह की नौ मई की रात गांव के प्रधान मदन उर्फ भूपेंद्र सिंह और उसके पक्ष के लोगों ने धारदार हथियारों व लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। मामले में फूल सिंह की पत्नी रामा देवी की तहरीर पर प्रधान मदन, उसके भाई पवन सिंह उर्फ सदन, शैलेंद्र सिंह उर्फ वीरू, धीरेंद्र सिंह उर्फ छोटू, योगेंद्र सिंह तथा पिता नवल किशोर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान गांव के अर्जुन समेत तीन और नाम भी प्रकाश में आए।
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पुलिस ने सोमवार रात सतनरैनी मोड़ के पास नहर पुलिया से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से पांच लाठी-डंडे और दो लोहे की रॉड बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले में राहुल और विक्रम उर्फ मुकेश की तलाश जारी है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने फूल सिंह के भाई जय सिंह से 13 बिस्वा जमीन का बैनामा 3.75 लाख रुपये में कराया था। इसमें 2.50 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे जबकि बाकी रकम दाखिल-खारिज होने के बाद दी जानी थी। आरोप है कि फूल सिंह ने अपने भाई जय सिंह से कहकर दाखिल-खारिज में आपत्ति लगवा दी थी। इस वजह से जमीन का नामांतरण नहीं हो पा रहा था और दोनों पक्षों में लगातार विवाद चल रहा था।
घटना वाले दिन प्रधान पक्ष खेत में पानी लगा रहा था। उसी रास्ते से फूल सिंह बाइक लेकर गांव जा रहा था। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर प्रधान पक्ष ने फूल सिंह पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह करीब 50 मीटर तक भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
वारदात के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गए थे और कानपुर भागने की फिराक में थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले में शेष दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मॉब लिंचिंग की धारा बढ़ाई गई
पुलिस ने पहले हत्या का मुकदमा बीएनएस की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया था लेकिन जांच में सामूहिक हमले की पुष्टि होने पर धारा 103(2) जोड़ दी गई है। यह धारा मॉब लिंचिंग या सामूहिक हत्या से संबंधित है। इसके अलावा धारा 191(2) बलवा, धारा 190 में पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने और धारा 191(3) में धारदार हथियार के इस्तेमाल की बढ़ोतरी की गई है।
आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार आरोपी पवन सिंह, शैलेंद्र सिंह, प्रधान मदन, नवल किशोर, धीरेंद्र सिंह उर्फ छोटू और योगेंद्र सिंह के खिलाफ पहले से चार से पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।