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2027 की बिसात : नकल माफिया पर सख्ती से युवाओं को साधने की कोशिश
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फतेहपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदारीपुर कला की जनसभा में नीट समेत अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक कराने वाले माफिया के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। संपत्तियां भी जब्त होंगी। राजनीतिक जानकार इसे सिर्फ कानून-व्यवस्था का बयान नहीं बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को साधने की भाजपा की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं।
यूपी में पिछले कुछ वर्षों से भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में फतेहपुर समेत आसपास के जिलों के बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। विपक्ष भी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है।
ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके तहत सरकार खुद को नकल और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सबसे सख्त सरकार के रूप में पेश कर रही है। खागा, बिंदकी और सदर तहसील के बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह संदेश सीधे युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश माना जा रहा है कि सरकार उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।
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भाजपा लंबे समय से कानून-व्यवस्था और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है। अब इसी मुद्दे को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा से जोड़कर चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाया जा रहा है। दूसरी ओर विपक्ष बेरोजगारी, भर्ती में देरी और रोजगार के अवसरों की कमी को प्रमुख मुद्दा बना रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं का भरोसा जीतना सभी दलों की प्राथमिकता होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान प्रशासनिक चेतावनी के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है कि भाजपा माफिया मुक्त प्रदेश और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी।
पूर्व से वर्तमान तक के पदाधिकारियों को मंच पर मिली जगह
कार्यक्रम में कैबिनेट एवं प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल, राज्यमंत्री कृष्णा पासवान, विधायक राजेंद्र पटेल, विकास गुप्ता, जय कुमार सिंह, पूर्व विधायक रणवेंद्र प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, अयोध्या प्रसाद पाल, आदित्य पांडेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव, जिला प्रभारी रंजना उपाध्याय, पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ बाजपेई, मनोज शुक्ला, रमाकांत त्रिपाठी, प्रभुदत्त दीक्षित, आशीष मिश्रा, दिनेश बाजपेई, प्रमोद द्विवेदी, मुखलाल पाल सहित अन्य पदाधिकारियों को मंच पर स्थान मिला। वहीं बड़ी संख्या में अन्य पदाधिकारी वीआईपी लेन में बैठे नजर आए।
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यूपी में पिछले कुछ वर्षों से भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में फतेहपुर समेत आसपास के जिलों के बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। विपक्ष भी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है।
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ऐसे में मुख्यमंत्री का बयान भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके तहत सरकार खुद को नकल और पेपर लीक माफिया के खिलाफ सबसे सख्त सरकार के रूप में पेश कर रही है। खागा, बिंदकी और सदर तहसील के बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह संदेश सीधे युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश माना जा रहा है कि सरकार उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।
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भाजपा लंबे समय से कानून-व्यवस्था और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है। अब इसी मुद्दे को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा से जोड़कर चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाया जा रहा है। दूसरी ओर विपक्ष बेरोजगारी, भर्ती में देरी और रोजगार के अवसरों की कमी को प्रमुख मुद्दा बना रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं का भरोसा जीतना सभी दलों की प्राथमिकता होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान प्रशासनिक चेतावनी के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है कि भाजपा माफिया मुक्त प्रदेश और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी।
पूर्व से वर्तमान तक के पदाधिकारियों को मंच पर मिली जगह
कार्यक्रम में कैबिनेट एवं प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल, राज्यमंत्री कृष्णा पासवान, विधायक राजेंद्र पटेल, विकास गुप्ता, जय कुमार सिंह, पूर्व विधायक रणवेंद्र प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, अयोध्या प्रसाद पाल, आदित्य पांडेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव, जिला प्रभारी रंजना उपाध्याय, पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ बाजपेई, मनोज शुक्ला, रमाकांत त्रिपाठी, प्रभुदत्त दीक्षित, आशीष मिश्रा, दिनेश बाजपेई, प्रमोद द्विवेदी, मुखलाल पाल सहित अन्य पदाधिकारियों को मंच पर स्थान मिला। वहीं बड़ी संख्या में अन्य पदाधिकारी वीआईपी लेन में बैठे नजर आए।