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Fatehpur News: ऑनलाइन जुए में 25 लाख हारने के बाद दुकानदार ने की खुदकुशी
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फाइल फोटो-19-शशि कुमार उर्फ छोटू। स्रोत: परिजन
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अमौली (फतेहपुर)। मोबाइल ऐप के जरिये पिछले डेढ़ साल में ऑनलाइन जुए में करीब 25 लाख रुपये गंवाने के बाद एक दुकानदार ने सोमवार को आत्महत्या कर ली। दुकानदार ने अपनी कार भी मात्र एक लाख रुपये में गिरवी रख दी थी।
थाना क्षेत्र के गौरा निवासी शशि कुमार उर्फ छोटू (36) की घर में ही खाद व घर निर्माण सामग्री की दुकान है। वह पूर्व प्रधान पिता धनीराम को सोमवार शाम करीब चार बजे दुकान पर बैठाकर रूसिया गांव बकाया वसूलने को निकला था। परिजन से शाम करीब छह बजे तक बातचीत हुई। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा।
परिजन रात को तलाश करते रहे कोई पता नहीं लगा। ग्रामीणों ने चांदपुर थाने के हरिजनपुर गांव में सड़क किनारे सुबह बाइक खड़ी देखी। सड़क से करीब 20 मीटर दूर आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे से शशि कुमार का शव लटका मिला।
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पिता धनीराम ने बताया कि बेटा ही कारोबार देखता था। करीब 25 लाख रुपये लगाकर उसे धंधा कराया था। धीरे-धीरे कर दुकान में सारा माल खत्म हो गया। करीब चार माह पहले कर्जदार आने लगे। तभी उन्हें बेटे के जुए में रकम हारने का पता लगा।
उसने आठ लाख रुपये कर्जदारों को लौटाया। बेटे ने जुआ न खेलने की बात कही। इधर चोरी-छिपे वह जुआ खेलता रहा। तीन दिन पहले खाद के लिए तीन लाख रुपये बेटे को जमा करने के लिए कहा था। खाद न आने पर पूछताछ की। पता लगा कि 50 हजार रुपये ही खाद विक्रेता फर्म में जमा हैं।
दो दिन से कार भी गायब है। एक रिश्तेदार से पता लगा है कि कार एक लाख रुपये पड़ोसी गांव में गिरवी रखी है। रिश्तेदार ने बेटे से कहा था कि वह लगातार जुआ खेल रहा है। इसकी शिकायत रिश्तेदार ने घरवालों से किए जाने की बात बेटे से कही थी। शिकायत के डर से बेटा परेशान रहा होगा। कर्ज और जुए में बड़ी रकम हार जाने की वजह से बेटे ने खुदकुशी की है।
रकम उधार में फंसी होने की बात कहता था
दुकान का माल बेचकर शशि कुमार जुए में हारता रहा। सारी रकम हारने के बाद दुकान में माल खत्म हो गया था। पिता व परिजन पूछताछ करते तो वह माल की रकम उधार में फंसी होने की बात कहता था।
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थाना क्षेत्र के गौरा निवासी शशि कुमार उर्फ छोटू (36) की घर में ही खाद व घर निर्माण सामग्री की दुकान है। वह पूर्व प्रधान पिता धनीराम को सोमवार शाम करीब चार बजे दुकान पर बैठाकर रूसिया गांव बकाया वसूलने को निकला था। परिजन से शाम करीब छह बजे तक बातचीत हुई। इसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा।
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परिजन रात को तलाश करते रहे कोई पता नहीं लगा। ग्रामीणों ने चांदपुर थाने के हरिजनपुर गांव में सड़क किनारे सुबह बाइक खड़ी देखी। सड़क से करीब 20 मीटर दूर आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे से शशि कुमार का शव लटका मिला।
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पिता धनीराम ने बताया कि बेटा ही कारोबार देखता था। करीब 25 लाख रुपये लगाकर उसे धंधा कराया था। धीरे-धीरे कर दुकान में सारा माल खत्म हो गया। करीब चार माह पहले कर्जदार आने लगे। तभी उन्हें बेटे के जुए में रकम हारने का पता लगा।
उसने आठ लाख रुपये कर्जदारों को लौटाया। बेटे ने जुआ न खेलने की बात कही। इधर चोरी-छिपे वह जुआ खेलता रहा। तीन दिन पहले खाद के लिए तीन लाख रुपये बेटे को जमा करने के लिए कहा था। खाद न आने पर पूछताछ की। पता लगा कि 50 हजार रुपये ही खाद विक्रेता फर्म में जमा हैं।
दो दिन से कार भी गायब है। एक रिश्तेदार से पता लगा है कि कार एक लाख रुपये पड़ोसी गांव में गिरवी रखी है। रिश्तेदार ने बेटे से कहा था कि वह लगातार जुआ खेल रहा है। इसकी शिकायत रिश्तेदार ने घरवालों से किए जाने की बात बेटे से कही थी। शिकायत के डर से बेटा परेशान रहा होगा। कर्ज और जुए में बड़ी रकम हार जाने की वजह से बेटे ने खुदकुशी की है।
रकम उधार में फंसी होने की बात कहता था
दुकान का माल बेचकर शशि कुमार जुए में हारता रहा। सारी रकम हारने के बाद दुकान में माल खत्म हो गया था। पिता व परिजन पूछताछ करते तो वह माल की रकम उधार में फंसी होने की बात कहता था।

फाइल फोटो-19-शशि कुमार उर्फ छोटू। स्रोत: परिजन