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Fatehpur News: रोक के बावजूद सरेआम बिक रहे स्टिकर लगे फल
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बिंदकी। शासन के प्रतिबंध के बावजूद जिले में स्टिकर लगे फलों की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले ये फल मंडियों और दुकानों पर खुलेआम बिक रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित नजर आ रही है।
साल 2018 में सरकार ने स्टिकर लगे फलों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने और दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया था। इसके बावजूद जिले में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। बड़ी दुकानों से लेकर मंडियों तक अधिकांश फलों पर स्टिकर चिपके दिखाई दे रहे हैं।
दुकानदार फलों को बेहतर गुणवत्ता का दिखाने के लिए स्टिकर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इन्हें चिपकाने में इस्तेमाल होने वाली गोंद में हानिकारक रसायन होते हैं। कई उपभोक्ता केवल स्टिकर हटाकर फल खा लेते हैं, जिससे यह रसायन शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकता है।
बिंदकी के खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र ने बताया कि स्टिकर लगे फलों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं और दुकानदारों को जागरूक किया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी और ऐसे फलों की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी।
ये हैं नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार स्टिकर चिपकाने में प्रयुक्त केमिकल युक्त गोंद धूप के संपर्क में आने पर फलों के अंदर तक पहुंच सकता है। स्टिकर हटाने के बाद भी इसका प्रभाव बना रहता है जो धीरे-धीरे शरीर पर दुष्प्रभाव डाल सकता है।
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साल 2018 में सरकार ने स्टिकर लगे फलों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने और दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया था। इसके बावजूद जिले में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। बड़ी दुकानों से लेकर मंडियों तक अधिकांश फलों पर स्टिकर चिपके दिखाई दे रहे हैं।
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दुकानदार फलों को बेहतर गुणवत्ता का दिखाने के लिए स्टिकर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इन्हें चिपकाने में इस्तेमाल होने वाली गोंद में हानिकारक रसायन होते हैं। कई उपभोक्ता केवल स्टिकर हटाकर फल खा लेते हैं, जिससे यह रसायन शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकता है।
बिंदकी के खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र ने बताया कि स्टिकर लगे फलों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं और दुकानदारों को जागरूक किया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी और ऐसे फलों की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी।
ये हैं नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार स्टिकर चिपकाने में प्रयुक्त केमिकल युक्त गोंद धूप के संपर्क में आने पर फलों के अंदर तक पहुंच सकता है। स्टिकर हटाने के बाद भी इसका प्रभाव बना रहता है जो धीरे-धीरे शरीर पर दुष्प्रभाव डाल सकता है।
