{"_id":"69efd2ec807ac489a3068a91","slug":"two-year-old-girl-dies-of-fever-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-153632-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: बुखार से दो साल की बच्ची की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: बुखार से दो साल की बच्ची की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:49 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विजयीपुर। ब्लाॅक क्षेत्र के सिलमी गांव में भीषण गर्मी और तेज बुखार से पीड़ित अयांशी (2) की मौत हो गई। गांव में कई बच्चे तेज बुखार से पीड़ित हैं। सूचना पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों का इलाज किया।
कैंप में सीएचओ जेबा, एएनएम मनसा भारती, एएलटी मनीष ने 20 बच्चों की जांच की। बुखार, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित बच्चों को मौके पर ही दवाएं दी गई। सभी बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। परिजनों का कहना है कि पिछले कई दिनों से तापमान 42-43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। तेज धूप और लू के कारण गांव में छोटे बच्चों को बुखार, उल्टी और कमजोरी की शिकायत हो रही है। टीम ने ग्रामीणों को गर्मी से बचाव के उपाय बताए। कहा कि बच्चों को धूप में न निकलने दें, ज्यादा पानी पिलाएं, ओआरएस का घोल देने और बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी। डॉ. बृजेश पांडे ने बताया कि कुल 27 बच्चे बीमार थे, जिसमें 20 बच्चों की जांच की गई है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जरूरत पड़ने पर गांव में दोबारा कैंप लगाया जाएगा।
Trending Videos
कैंप में सीएचओ जेबा, एएनएम मनसा भारती, एएलटी मनीष ने 20 बच्चों की जांच की। बुखार, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन से पीड़ित बच्चों को मौके पर ही दवाएं दी गई। सभी बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। परिजनों का कहना है कि पिछले कई दिनों से तापमान 42-43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। तेज धूप और लू के कारण गांव में छोटे बच्चों को बुखार, उल्टी और कमजोरी की शिकायत हो रही है। टीम ने ग्रामीणों को गर्मी से बचाव के उपाय बताए। कहा कि बच्चों को धूप में न निकलने दें, ज्यादा पानी पिलाएं, ओआरएस का घोल देने और बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी। डॉ. बृजेश पांडे ने बताया कि कुल 27 बच्चे बीमार थे, जिसमें 20 बच्चों की जांच की गई है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जरूरत पड़ने पर गांव में दोबारा कैंप लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
