{"_id":"6956cdb5b677cf109a0561ad","slug":"youth-dies-in-head-on-collision-between-two-bikes-fatehpur-news-c-217-1-sknp1022-146671-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: लोकेटरों से मिलीभगत में एआरटीओ निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: लोकेटरों से मिलीभगत में एआरटीओ निलंबित
विज्ञापन
फोटो-44-एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम। सोशल मीडिया
विज्ञापन
फतेहपुर। लोकेटरों से मिलीभगत कर ओवरलोड वाहनों को पास कराने की वसूली के मामले में नामजद एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम को एक माह 20 दिन बाद बुधवार को निलंबित कर दिया गया है। परिवहन आयुक्त की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति 28 नवंबर को कर दी गई थी। किन्हीं कारणों के चलते आदेश 31 दिसंबर को जारी किया गया है।
जनपद के साथ ही रायबरेली में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ओवरलोड ट्रकों की लोकेशन के नाम पर वसूली के मामले में खनिज अधिनियम और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत 11 और 12 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
रायबरेली में एसटीएफ की ओर से दर्ज प्राथमिकी में आरोपियों के रूप में एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन पुष्पांजलि मित्रा गौतम, उनके निजी चालक सिकंदर, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी और उनके चालक अशोक तिवारी, भिटौरा सहिमापुर निवासी लोकेटर मिथुन और रायबरेली के लोकेटर मोहित सिंह को नामजद किया गया है।
इस मामले में पीटीओ को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। एआरटीओ को बुधवार शाम को निलंबित किया गया। एआरटीओ के निलंबन का आदेश 31 दिसंबर को विशेष सचिव खेमपाल सिंह की ओर से जारी किया गया है। जांच परिवहन आयुक्त मयंक ज्योति को सौंपी गई है।
थरियांव थाने में दर्ज दूसरी प्राथमिकी में खनिज अधिकारी देशराज पटेल और उनके गनर राजू, लोकेटर मुकेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह, बबलू उर्फ श्याम सिंह, एआरटीओ के निजी चालक और ट्रक चालक विक्रम का नाम शामिल हैं। एआरटीओ पर कार्रवाई के बाद अब खनन अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
निलंबन के बाद भी निपटाईं लंबित फाइलें
भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद एआरटीओ ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का आदेश लेकर दोबारा कार्यालय में जॉइन किया था। विभागीय स्तर पर यह जानकारी हो चुकी थी कि उनके निलंबन की संस्तुति 28 नवंबर को ही की जा चुकी है। इसके बावजूद वह तैनाती स्थल पर काम करती रहीं। बड़ी बात यह है कि निलंबन आदेश जारी होने के बाद भी उन्होंने बृहस्पतिवार को पूरे दिन कार्यालय में बैठकर फाइलें निपटाईं। बताया जा रहा है कि जिस तरह उन्होंने उस दिन अपनी लॉगिन से कार्य निपटाया वैसा उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में कभी नहीं किया था। दूसरी ओर निलंबन के बाद भी उनका लॉगिन बंद न होना भी जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Trending Videos
जनपद के साथ ही रायबरेली में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ओवरलोड ट्रकों की लोकेशन के नाम पर वसूली के मामले में खनिज अधिनियम और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत 11 और 12 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली में एसटीएफ की ओर से दर्ज प्राथमिकी में आरोपियों के रूप में एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन पुष्पांजलि मित्रा गौतम, उनके निजी चालक सिकंदर, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी और उनके चालक अशोक तिवारी, भिटौरा सहिमापुर निवासी लोकेटर मिथुन और रायबरेली के लोकेटर मोहित सिंह को नामजद किया गया है।
इस मामले में पीटीओ को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। एआरटीओ को बुधवार शाम को निलंबित किया गया। एआरटीओ के निलंबन का आदेश 31 दिसंबर को विशेष सचिव खेमपाल सिंह की ओर से जारी किया गया है। जांच परिवहन आयुक्त मयंक ज्योति को सौंपी गई है।
थरियांव थाने में दर्ज दूसरी प्राथमिकी में खनिज अधिकारी देशराज पटेल और उनके गनर राजू, लोकेटर मुकेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह, बबलू उर्फ श्याम सिंह, एआरटीओ के निजी चालक और ट्रक चालक विक्रम का नाम शामिल हैं। एआरटीओ पर कार्रवाई के बाद अब खनन अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
निलंबन के बाद भी निपटाईं लंबित फाइलें
भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद एआरटीओ ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का आदेश लेकर दोबारा कार्यालय में जॉइन किया था। विभागीय स्तर पर यह जानकारी हो चुकी थी कि उनके निलंबन की संस्तुति 28 नवंबर को ही की जा चुकी है। इसके बावजूद वह तैनाती स्थल पर काम करती रहीं। बड़ी बात यह है कि निलंबन आदेश जारी होने के बाद भी उन्होंने बृहस्पतिवार को पूरे दिन कार्यालय में बैठकर फाइलें निपटाईं। बताया जा रहा है कि जिस तरह उन्होंने उस दिन अपनी लॉगिन से कार्य निपटाया वैसा उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में कभी नहीं किया था। दूसरी ओर निलंबन के बाद भी उनका लॉगिन बंद न होना भी जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
