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Firozabad News: किसी पर जबरन रंग नहीं डालें, पड़ जाए तो घर जाकर बदल लें कपड़े
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फिरोजाबाद। होलिकोत्सव एवं पवित्र रमजान माह होने के कारण धर्मगुरुओं ने त्योहार आपसी सौहार्द के साथ मनाए जाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि किसी नमाजी पर जबरन रंग नहीं डालें। यदि धोखे से पड़ जाए तो कोई नाराज होने के बजाय उसे होली की मुबारकवाद देने के साथ वापस घर जाकर कपड़े बदलकर नमाज अदा करने जाएं। रंग वाले इलाकों में जाने से परहेज करें। हिंदू धर्मगुरुओं ने भी आह्वान किया है कि किसी रोजा रखने वाले नमाजी पर रंग नहीं डाला जाए।
मस्जिद मेवा फरोशां के मुफ्ती मौलाना सफी कासमी ने कहा कि पवित्र रमजान एवं होली का त्योहार आपसी सौहार्द के साथ मनाएं। किसी नमाजी पर कोई जबरन रंग नहीं डालें। यदि धोखे से किसी बच्चे पर रंग पड़ भी जाए तो कोई बुरा नहीं मानें। बल्कि घर पर कपड़े बदलकर नमाज अदा करने जाएं। कहीं रंजो गम नहीं होना चाहिए। खुशियों के इस त्योहार को सभी आपसी सौहार्द के साथ यही मेरी गुजारिश है।
करबला कमेटी के अध्यक्ष एवं समाजसेवी हिकमत उल्ला खां ने कहा है कि पवित्र रमजान माह होने के साथ-साथ होली का त्योहार है। होली के दिन बच्चे होली खेलते हैं। जिन लोगों को होली के रंग से परहेज है वह खुद ही होली वाले इलाकों में जाने से परहेज करें। यदि किसी के धोखे से रंग पड़ भी जाए तो विवाद नहीं करें बल्कि मुस्कुराकर बच्चों को मुबारकबाद देकर वापस घर लौट जाएं। कपड़ों को बदलकर नमाज को अदा करें। क्योंकि मोहब्बत इस्लाम का पैगाम है। उन्होंने होली की सभी की शुभकामनाएं दी हैं।
कृष्णापाढ़ा स्थित मंदिर से बिहारी जी महाराज के महंत पंडित मुन्नालाल शास्त्री ने कहा कि किसी नमाजी एवं रोजेदार पर जबरन रंग नहीं डालें। रंग आपस में खेलें। एक दूसरे का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आपसी सौहार्द को कायम रखना सभी की जिम्मेदारी हैं। संवाद
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मस्जिद मेवा फरोशां के मुफ्ती मौलाना सफी कासमी ने कहा कि पवित्र रमजान एवं होली का त्योहार आपसी सौहार्द के साथ मनाएं। किसी नमाजी पर कोई जबरन रंग नहीं डालें। यदि धोखे से किसी बच्चे पर रंग पड़ भी जाए तो कोई बुरा नहीं मानें। बल्कि घर पर कपड़े बदलकर नमाज अदा करने जाएं। कहीं रंजो गम नहीं होना चाहिए। खुशियों के इस त्योहार को सभी आपसी सौहार्द के साथ यही मेरी गुजारिश है।
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करबला कमेटी के अध्यक्ष एवं समाजसेवी हिकमत उल्ला खां ने कहा है कि पवित्र रमजान माह होने के साथ-साथ होली का त्योहार है। होली के दिन बच्चे होली खेलते हैं। जिन लोगों को होली के रंग से परहेज है वह खुद ही होली वाले इलाकों में जाने से परहेज करें। यदि किसी के धोखे से रंग पड़ भी जाए तो विवाद नहीं करें बल्कि मुस्कुराकर बच्चों को मुबारकबाद देकर वापस घर लौट जाएं। कपड़ों को बदलकर नमाज को अदा करें। क्योंकि मोहब्बत इस्लाम का पैगाम है। उन्होंने होली की सभी की शुभकामनाएं दी हैं।
कृष्णापाढ़ा स्थित मंदिर से बिहारी जी महाराज के महंत पंडित मुन्नालाल शास्त्री ने कहा कि किसी नमाजी एवं रोजेदार पर जबरन रंग नहीं डालें। रंग आपस में खेलें। एक दूसरे का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। आपसी सौहार्द को कायम रखना सभी की जिम्मेदारी हैं। संवाद
