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Firozabad News: कागजों पर निपटा दीं शिकायतें, जनता बोली- हम संतुष्ट नहीं
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फिरोजाबाद। आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में कई विभाग संतोषजनक कार्य नहीं कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को डीएम संतोष कुमार शर्मा की समीक्षा में इसकी पोल खुल गई। उन्होंने लापरवाह विभागों के प्रति जनता से मिले फीडबैक का पिटारा खोला, तो कई अधिकारी दायें-बायें देखने लगे। डीएम ने इनको कड़ी फटकार लगाई।
मई माह की इस समीक्षा रिपोर्ट में आबकारी विभाग से जुड़े मामलों में जनता ने विभाग की कार्रवाई को पूरी तरह नकार दिया। जिला पंचायत राज विभाग के पास पहुंची ग्रामीण विकास और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण से ग्रामीण जनता बिल्कुल संतुष्ट नहीं दिखी। जमीन और पैमाइश से जुड़े मामलों की शिकायतों का निस्तारण बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) द्वारा ठीक से नहीं करना पाया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज का रिपोर्ट कार्ड भी खराब मिला, उनके पास पहुंची परिवहन और रोडवेज से जुड़ी सेवाओं की शिकायतों पर भी जनता का फीडबैक 100 फीसदी नकारात्मक रहा।
बिना बात किए ही बंद कर दीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की फाइलें
नियम के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत पर कार्रवाई से पहले या बाद में पीड़ित से संपर्क करना अनिवार्य है। लेकिन जिले के तीन विभागों ने बिना शिकायतकर्ता से बात किए ही फाइलों को बंद कर दिया, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। इन विभागों में जिला ग्रामोद्योग, जिला उद्यान, बाल विकास परियोजना विभाग शामिल है।
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63 फीसदी से अधिक लोग नाराज
समीक्षा में सामने आया कि मई माह में कुल 1,306 शिकायतकर्ताओं से उनकी राय मांगी गई थी। इसमें से 827 लोगों (63.32%) ने साफ तौर पर कहा कि वे प्रशासन की कार्रवाई से असंतोषजनक हैं। केवल 479 लोग ही संतुष्ट पाए गए।
मई माह की इस समीक्षा रिपोर्ट में आबकारी विभाग से जुड़े मामलों में जनता ने विभाग की कार्रवाई को पूरी तरह नकार दिया। जिला पंचायत राज विभाग के पास पहुंची ग्रामीण विकास और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण से ग्रामीण जनता बिल्कुल संतुष्ट नहीं दिखी। जमीन और पैमाइश से जुड़े मामलों की शिकायतों का निस्तारण बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) द्वारा ठीक से नहीं करना पाया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज का रिपोर्ट कार्ड भी खराब मिला, उनके पास पहुंची परिवहन और रोडवेज से जुड़ी सेवाओं की शिकायतों पर भी जनता का फीडबैक 100 फीसदी नकारात्मक रहा।
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बिना बात किए ही बंद कर दीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की फाइलें
नियम के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत पर कार्रवाई से पहले या बाद में पीड़ित से संपर्क करना अनिवार्य है। लेकिन जिले के तीन विभागों ने बिना शिकायतकर्ता से बात किए ही फाइलों को बंद कर दिया, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। इन विभागों में जिला ग्रामोद्योग, जिला उद्यान, बाल विकास परियोजना विभाग शामिल है।
63 फीसदी से अधिक लोग नाराज
समीक्षा में सामने आया कि मई माह में कुल 1,306 शिकायतकर्ताओं से उनकी राय मांगी गई थी। इसमें से 827 लोगों (63.32%) ने साफ तौर पर कहा कि वे प्रशासन की कार्रवाई से असंतोषजनक हैं। केवल 479 लोग ही संतुष्ट पाए गए।