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Firozabad News: नेचुरल गैस के दामों में उछाल, कांच उद्योग पर असर
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 02 May 2026 11:29 PM IST
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फिरोजाबाद। कांच नगरी के चूड़ी और कांच उद्योग पर एक बार फिर महंगी गैस का बोझ बढ़ गया है। गेल गैस द्वारा जारी अप्रैल माह के दूसरे पखवाड़े के बिलों में प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय निर्यातकों और कारखानेदारों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
शुक्रवार को गेल गैस द्वारा 15 से 31 अप्रैल तक के बिल जारी किए गए। नई दरों के अनुसार, नेचुरल गैस की कीमत अब 37 रुपये प्रति घनमीटर तय की गई है। गौरतलब है कि अप्रैल के प्रथम पखवाड़े में यह दर 35.62 रुपये प्रति घनमीटर थी। इस प्रकार मात्र 15 दिनों के भीतर गैस की कीमतों में 1.38 रुपये प्रति घनमीटर का इजाफा हो गया है।
गैस की कीमतों में लगातार हो रहे इस उतार-चढ़ाव ने चूड़ी निर्माण की लागत के समीकरण को बिगाड़ दिया है। कांच चूड़ी कारखानेदार बिन्नी मित्तल और संजय जैन घंटू के अनुसार, गैस के बिलों में हर पखवाड़े होने वाले बदलाव के कारण कांच के आइटमों की बिक्री दर तय करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कारखानेदारों का कहना है कि जब तक उत्पाद तैयार होकर बाजार में पहुंचता है, तब तक ईंधन की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिससे पुराने रेट पर माल बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
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शुक्रवार को गेल गैस द्वारा 15 से 31 अप्रैल तक के बिल जारी किए गए। नई दरों के अनुसार, नेचुरल गैस की कीमत अब 37 रुपये प्रति घनमीटर तय की गई है। गौरतलब है कि अप्रैल के प्रथम पखवाड़े में यह दर 35.62 रुपये प्रति घनमीटर थी। इस प्रकार मात्र 15 दिनों के भीतर गैस की कीमतों में 1.38 रुपये प्रति घनमीटर का इजाफा हो गया है।
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गैस की कीमतों में लगातार हो रहे इस उतार-चढ़ाव ने चूड़ी निर्माण की लागत के समीकरण को बिगाड़ दिया है। कांच चूड़ी कारखानेदार बिन्नी मित्तल और संजय जैन घंटू के अनुसार, गैस के बिलों में हर पखवाड़े होने वाले बदलाव के कारण कांच के आइटमों की बिक्री दर तय करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। कारखानेदारों का कहना है कि जब तक उत्पाद तैयार होकर बाजार में पहुंचता है, तब तक ईंधन की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिससे पुराने रेट पर माल बेचना घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
