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400 मीटर की दूरी और जिंदगी हार गई कीर्ति: एंबुलेंस खड़ी रही, मिन्नतें करते रहे परिजन; चालक का नहीं पसीजा दिल

Tue, 07 Jul 2026 10:24 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: Arun Parashar Updated Tue, 07 Jul 2026 10:24 AM IST
सार

यूपी के फिरोजाबाद मेडिकल काॅलेज से झकझोर देने वाला घटनाक्रम सामने आया है। एक मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे 400 मीटर दूर इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस नहीं मिल सकी। गेट पर एंबुलेंस खड़ी होने के बाद भी चालक ने जाने से मना कर दिया। परिजन स्ट्रेचर को धकेलते हुए इमरजेंसी की ओर बढ़े, लेकिन रास्ते में मरीज ने दम तोड़ दिया। 
 

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Patient dies due to non-availability of ambulance in firozabad
मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए और कीर्ति का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में सोमवार को डायलिसिस के दौरान हालत बिगड़ने पर 20 वर्षीय युवती को एंबुलेंस नसीब नहीं हुई। डायलिसिस यूनिट के बाहर खड़े एंबुलेंस चालक से परिजन मिन्नतें करते रहे, लेकिन उसने मरीज को महज 400 मीटर दूर इमरजेंसी तक ले जाने से इन्कार कर दिया। परिजन और स्टाफ उसे स्ट्रेचर पर धकेलते हुए इमरजेंसी की तरफ भागे, लेकिन मरीज कीर्ति ने रास्ते में ही तड़पकर दम तोड़ दिया। बिलखते परिजन ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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थाना सिरसागंज क्षेत्र के मदनपुर निवासी मान सिंह की बेटी कीर्ति करीब डेढ़ वर्ष से किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। उसका नियमित डायलिसिस चल रहा था। सोमवार को अचानक ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ने पर परिजन आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस विभाग लेकर पहुंचे, जहां उसका डायलिसिस हुआ। इसके बाद भी कीर्ति के बीपी में सुधार नहीं हुआ और वह बढ़कर करीब 250 तक पहुंच गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे तुरंत मुख्य इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट करने को कहा।
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परिजन का आरोप है कि डायलिसिस यूनिट के बाहर एक एंबुलेंस खड़ी थी। उन्होंने और यूनिट के स्टाफ ने एंबुलेंस चालक से कीर्ति को तुरंत इमरजेंसी तक छोड़ने की मिन्नतें कीं, लेकिन चालक ने यह कहकर इन्कार कर दिया कि उसके पास किसी अन्य मरीज के लिए कॉल आ चुकी है। जब कोई रास्ता नहीं बचा तो परिजन और अस्पताल कर्मी कीर्ति को स्ट्रेचर पर लिटाकर इमरजेंसी की तरफ तेजी से भागे लेकिन करीब 400 मीटर दूर स्थित इमरजेंसी पहुंचने से पहले कीर्ति बेदम हो गई। बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

मामा बोले- कानों की बाली भी कर ली चोरी
मामा जय प्रकाश ने आरोप लगाया कि रास्ते में कीर्ति के कानों से सोने की बाली भी चोरी कर ली गई, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये थी। उनके इस आरोप ने स्वास्थ्य विभाग में खलबली मचा दी है। उन्होंने कहा कि अगर समय से एंबुलेंस मिल जाती तो भांजी की जान बच सकती थी।

मरीज को जब अस्पताल लाया गया था, तब उसका बीपी 210 था। स्टाफ ने स्थिति को देखते हुए तुरंत डायलिसिस शुरू कर दी, लेकिन बीपी बढ़ता ही गया। 108 एंबुलेंस चालक को मानवता के नाते मरीज को तुरंत इमरजेंसी तक ले जाना चाहिए था। अंत में हमारे स्टाफ ने ही स्ट्रेचर से उसे इमरजेंसी पहुंचाया। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. नवीन जैन, सीएमएस

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