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Firozabad News: सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक से 6.29 लाख की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 28 Mar 2026 11:57 PM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
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फिरोजाबाद। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक संजीव कुमार दुबे के मोबाइल की सिम बंद कर साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 6.29 लाख रुपये से अधिक की धनराशि पार कर दी। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मूल रूप से बनवीरपुर, अयोध्या के निवासी संजीव कुमार दुबे के अनुसार बीती 15 मार्च की शाम अचानक उनका मोबाइल नंबर बंद हो गया। उन्होंने इसे सामान्य नेटवर्क समस्या समझा, लेकिन अगले दिन जब कस्टमर केयर से संपर्क किया तो पता चला कि नंबर बंद करने का कोई आवेदन उन्होंने नहीं किया था।
ठगी का पता तब चला जब 17 मार्च को अयोध्या में रह रहा उनका पुत्र एटीएम से पैसे निकालने गया। वहां खाते की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि खाते से 6,29,512 रुपये गायब हैं। शातिरों ने मोबाइल नंबर बंद कराकर बैंक अलर्ट और मैसेज को रोक दिया था, जिससे ट्रांजेक्शन की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
पीड़ित ने तत्काल साइबर सेल के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर क्राइम थाना में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित ने पुलिस को कुछ संदिग्ध मैसेज और बैंक स्टेटमेंट भी सौंपे हैं।
सीओ साइबर चंचल त्यागी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जिस खाते में धनराशि ट्रांसफर हुई है, उसे फ्रीज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की नागरिकों से अपील की है कि यदि अचानक मोबाइल का सिम कार्ड बंद हो जाए, तो तत्काल बैंक को सूचित करें, क्योंकि यह सिम स्वैपिंग ठगी का संकेत हो सकता है।
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मूल रूप से बनवीरपुर, अयोध्या के निवासी संजीव कुमार दुबे के अनुसार बीती 15 मार्च की शाम अचानक उनका मोबाइल नंबर बंद हो गया। उन्होंने इसे सामान्य नेटवर्क समस्या समझा, लेकिन अगले दिन जब कस्टमर केयर से संपर्क किया तो पता चला कि नंबर बंद करने का कोई आवेदन उन्होंने नहीं किया था।
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ठगी का पता तब चला जब 17 मार्च को अयोध्या में रह रहा उनका पुत्र एटीएम से पैसे निकालने गया। वहां खाते की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि खाते से 6,29,512 रुपये गायब हैं। शातिरों ने मोबाइल नंबर बंद कराकर बैंक अलर्ट और मैसेज को रोक दिया था, जिससे ट्रांजेक्शन की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
पीड़ित ने तत्काल साइबर सेल के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर क्राइम थाना में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित ने पुलिस को कुछ संदिग्ध मैसेज और बैंक स्टेटमेंट भी सौंपे हैं।
सीओ साइबर चंचल त्यागी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जिस खाते में धनराशि ट्रांसफर हुई है, उसे फ्रीज कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की नागरिकों से अपील की है कि यदि अचानक मोबाइल का सिम कार्ड बंद हो जाए, तो तत्काल बैंक को सूचित करें, क्योंकि यह सिम स्वैपिंग ठगी का संकेत हो सकता है।