सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Statistics department could not provide data to DM on per woman income

Firozabad News: प्रति महिला आय के डीएम को डाटा नहीं दे सका सांख्यिकी विभाग

संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 09 Jun 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
Statistics department could not provide data to DM on per woman income
कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते डीएम संतोष कुमार शर्मा। स्रोतः प्रशासन - फोटो : कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते डीएम संतोष कुमार शर्मा। स्रोतः प्रशासन
विज्ञापन
डीएम ने विकास भवन में शिकायतकर्ताओं को फोन कर जानी हकीकत, लापरवाही पर अफसरों की लगाई फटकार

संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और जनशिकायतों के निस्तारण परखने के लिए मंगलवार को डीएम संतोष कुमार शर्मा ने विकास भवन का निरीक्षण किया। डीएम ने न केवल फाइलों को नहीं देखा, बल्कि कार्यालयों में बैठकर खुद शिकायतकर्ताओं को सीधे फोन लगाया और निस्तारण की हकीकत जानी।
निरीक्षण के दौरान उस समय बेहद हास्यास्पद और खेदजनक स्थिति पैदा हो गई, जब जिलाधिकारी ने अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों से जिले की महिलाओं की प्रति व्यक्ति आय का आधिकारिक डेटा मांगा। पूरे विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सका। डीएम ने इसे अत्यंत घोर लापरवाही और खेदजनक बताते हुए सांख्यिकी विभाग को तत्काल डेटा अपडेट कर स्थिति में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विकास भवन परिसर और कार्यालयों में जगह-जगह व्याप्त गंदगी और धूल देखकर पारा चढ़ गया। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने दफ्तरों के साथ-साथ पूरे परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की चेकिंग के दौरान डीएम ने आंगनबाड़ी व महिला कल्याण से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने को कहा।
विज्ञापन
Trending Videos

डीएम ने समाज कल्याण विभाग में पेंडिंग फाइलों को देखने के बाद शिकायतकर्ता राजवीर यादव को फोन किया। वृद्धावस्था पेंशन के बारे में पूछा गया। वह संतुष्ट नजर आए। इसके विपरीत, जब डीएम मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचे, तो वहां हाथवंत ब्लॉक स्थित रेवा गोशाला के संबंध में अनिल कुमार द्वारा की गई शिकायत की फाइल खुली। जांच में सामने आया कि इस गंभीर शिकायत का निस्तारण केवल कागजों पर खानापूर्ति करके छोड़ दिया गया था। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को फटकार लगाई। इस दौरान सीडीओ शत्रोहन वैश्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed