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Firozabad News: सर्जिकल सामान-आईवी फ्लूइड हुए महंगे, इलाज का खर्च बढ़ने के संकेत
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध की आंच अब आम लोगों की सेहत पर भी भारी पड़ने लगी है। पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण प्लास्टिक से बनने वाला कच्चा माल महंगा हो गया है जिसकी मार सीधे सर्जिकल आइटम्स और अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले सलाइन (आईवी फ्लूइड) के दामों पर पड़ी है। अब इलाज का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है, वहीं दवाइयां भी महंगी हो सकती हैं।
शहर के सर्जिकल बाजार में पिछले कुछ दिनों में थोक कीमतों में 2 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि खुदरा स्तर पर यह बढ़ोतरी 15 से 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है। व्यापारियों के अनुसार, कंपनियों ने सीधे रेट बढ़ा दिए हैं जिससे बाजार में महंगाई साफ नजर आ रही है। दरअसल, सिरिंज, ग्लव्स, कैथेडर, कैनुला और ट्रोकार जैसे अधिकतर सर्जिकल उत्पाद प्लास्टिक और पॉलिमर से बनते हैं, जो पेट्रोलियम से तैयार होते हैं। युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई प्रभावित होने से प्लास्टिक के दाम बढ़ गए हैं। इससे उत्पादन लागत बढ़ी है और कंपनियों ने तैयार माल के दाम भी बढ़ा दिए हैं।
सर्जिकल आइटम विक्रेता सचिन शर्मा का कहना है कि 3 एमएल वाले सिरिंज का थोक रेट 108 रुपये प्रति बॉक्स से बढ़कर 130 से 142 रुपये हो गया है। वहीं, आईवी सेट का बॉक्स पहले 200 रुपये में मिलता था, जो अब 250 रुपये तक पहुंच गया है। कैनुला और दूसरे उपकरणों के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पतालों में रोज इस्तेमाल होने वाले नॉर्मल सलाइन (एनएस), रिंगर लैक्टेट (आरएल) और डीएनएस जैसे फ्लूड भी पहले से काफी महंगे मिल रहे हैं।
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फिरोजाबाद। ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध की आंच अब आम लोगों की सेहत पर भी भारी पड़ने लगी है। पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण प्लास्टिक से बनने वाला कच्चा माल महंगा हो गया है जिसकी मार सीधे सर्जिकल आइटम्स और अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले सलाइन (आईवी फ्लूइड) के दामों पर पड़ी है। अब इलाज का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है, वहीं दवाइयां भी महंगी हो सकती हैं।
शहर के सर्जिकल बाजार में पिछले कुछ दिनों में थोक कीमतों में 2 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि खुदरा स्तर पर यह बढ़ोतरी 15 से 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है। व्यापारियों के अनुसार, कंपनियों ने सीधे रेट बढ़ा दिए हैं जिससे बाजार में महंगाई साफ नजर आ रही है। दरअसल, सिरिंज, ग्लव्स, कैथेडर, कैनुला और ट्रोकार जैसे अधिकतर सर्जिकल उत्पाद प्लास्टिक और पॉलिमर से बनते हैं, जो पेट्रोलियम से तैयार होते हैं। युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई प्रभावित होने से प्लास्टिक के दाम बढ़ गए हैं। इससे उत्पादन लागत बढ़ी है और कंपनियों ने तैयार माल के दाम भी बढ़ा दिए हैं।
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सर्जिकल आइटम विक्रेता सचिन शर्मा का कहना है कि 3 एमएल वाले सिरिंज का थोक रेट 108 रुपये प्रति बॉक्स से बढ़कर 130 से 142 रुपये हो गया है। वहीं, आईवी सेट का बॉक्स पहले 200 रुपये में मिलता था, जो अब 250 रुपये तक पहुंच गया है। कैनुला और दूसरे उपकरणों के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पतालों में रोज इस्तेमाल होने वाले नॉर्मल सलाइन (एनएस), रिंगर लैक्टेट (आरएल) और डीएनएस जैसे फ्लूड भी पहले से काफी महंगे मिल रहे हैं।